प्रधानमंत्री मोदी की पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील के खिलाफ वाहन रैली निकालना भाजपा जिलाध्यक्ष को भारी पड़ा। प्रदेश अध्यक्ष के निर्देश पर अनुशासनहीनता के आरोप में उन्हें पद से हटा दिया गया है।

सार.. प्रधानमंत्री की ईंधन बचत मुहिम के खिलाफ वाहन रैली निकालने पर प्रदेश संगठन की बड़ी कार्रवाई; सादगी का संदेश देने के लिए मुख्यमंत्री ने भी घटाया अपना काफिला।
भोपाल. स्टार समाचार वेब
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा डीजल-पेट्रोल की खपत कम करने की अपील के बीच, भाजपा संगठन ने अनुशासनहीनता पर कड़ा रुख अपनाया है। प्रदेश भाजपा संगठन ने तत्काल प्रभाव से जिलाध्यक्ष को उनके पद से हटा दिया है। यह कार्रवाई भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के निर्देश पर की गई। संगठन का स्पष्ट मानना है कि पार्टी की कार्यशैली और शीर्ष नेतृत्व के संदेश के विपरीत इस तरह की वाहन रैलियां समाज में गलत संदेश देती हैं और यह सीधे तौर पर प्रधानमंत्री की गरिमा और अपील की अवहेलना है।
प्रदेश में ईंधन बचत की इस मुहिम का नेतृत्व खुद मुख्यमंत्री मोहन यादव कर रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री की अपील का समर्थन करते हुए अपने कारकेड (काफिले) में वाहनों की संख्या 13 से घटाकर 8 कर दी है। विशेष रूप से बुधवार को उनके काफिले में मात्र 6 वाहन ही देखे गए। मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों और नवनियुक्त पदाधिकारियों से भी बेहद शालीन तरीके से पदभार ग्रहण करने और अपने काफिले को छोटा रखने का आग्रह किया है।
पार्टी और सरकार के स्तर पर सादगी और ईंधन बचत के कड़े संदेश के बावजूद, बुधवार को किसान मोर्चा द्वारा एक विशाल वाहन रैली निकाली गई। इस शक्ति प्रदर्शन को संगठन ने अनुशासन के दायरे से बाहर माना। राजनीतिक गलियारों में इस त्वरित निष्कासन को भाजपा की 'जीरो टॉलरेंस' नीति और सख्त अनुशासनात्मक कार्यशैली के तौर पर देखा जा रहा है। यह साफ संदेश है कि शीर्ष नेतृत्व की नीतियों के विरुद्ध जाने वाले किसी भी पदाधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।

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