मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दतिया के भांडेर में राज्य स्तरीय किसान सम्मेलन को संबोधित किया। जानें यशोदा योजना, केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट और कृषि यंत्रों पर मिलने वाली सब्सिडी के बारे में।
By: Ajay Tiwari
Mar 24, 20267:12 PM
दतिया (भांडेर)। स्टार समाचार वेब
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को दतिया जिले के भांडेर में आयोजित राज्य स्तरीय किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए किसानों को देश का असली 'भाग्य विधाता' बताया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' के संकल्प को पूरा करने के लिए मध्यप्रदेश सरकार किसानों, पशुपालकों और युवाओं के कल्याण के लिए पूरी निष्ठा से कार्य कर रही है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने दतिया जिले के लिए 62.23 करोड़ रुपये की लागत वाले 12 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन किया। इनमें भव्य सांदीपनि विद्यालय, रतनगढ़ माता मंदिर में यात्री निवास और खेल स्टेडियम जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट शामिल हैं। डॉ. यादव ने हितग्राहियों को आधुनिक कृषि यंत्र, पशुपालन और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के लिए हितलाभ भी वितरित किए।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि इसी शैक्षणिक सत्र से यशोदा योजना के तहत सरकारी स्कूलों के बच्चों को दूध के पैकेट वितरित किए जाएंगे। उन्होंने यह भी दोहराया कि प्रदेश की सभी पात्र लाड़ली बहनों को हर महीने 1500 रुपये की आर्थिक सहायता निरंतर दी जा रही है।
सिंचाई सुविधाओं पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश का सिंचित रकबा 7.5 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 55 लाख हेक्टेयर पहुंच गया है। केन-बेतवा लिंक परियोजना से बुंदेलखंड अंचल के किसानों को पर्याप्त पानी मिलेगा, जिससे इस क्षेत्र से होने वाला पलायन हमेशा के लिए रुक जाएगा। छोटे किसानों की सुविधा के लिए अब हर विधानसभा स्तर पर कस्टम हायरिंग सेंटर (कृषि यंत्रों की किराये की दुकान) खोले जा रहे हैं।

सीएम ने बताया कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार ने कई बड़े कदम उठाए हैं। इस वर्ष समर्थन मूल्य पर 40 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस दिया गया है। आगामी समय में 2700 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदी का लक्ष्य है। 25 गाय पालने वाली इकाइयों पर 10 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा। लक्ष्य प्रदेश में दूध उत्पादन को 9% से बढ़ाकर 20% करना है। अब किसान खेतों में पराली जलाने के बजाय 'हैप्पी सीडर' मशीनों से भूसा बना रहे हैं, जिससे उन्हें दोहरी कमाई हो रही है।
सम्मेलन के दौरान एक भावुक क्षण तब आया जब मुख्यमंत्री डॉ. यादव अचानक एक किसान के खेत में जा पहुंचे। वहां उन्होंने स्वयं स्ट्रॉ रीपर मशीन की सवारी की और किसान से खेती की बारीकियों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर किसान भावुक हो गया और कहा, "ऐसा लग रहा है जैसे शबरी से मिलने स्वयं राम आए हों।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण और श्रीराम के लीला स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जा रहा है। इंदौर के पास जानापाव और बाबा साहब अंबेडकर के तीर्थ स्थल का विकास कार्य तेजी से चल रहा है। साथ ही कूनो में चीतों का पुनर्वास और नया माधव टाइगर रिजर्व पर्यावरण और पर्यटन के प्रति सरकार की सजगता को दर्शाता है।