मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 21 अक्टूबर 2025 को पुलिस स्मृति दिवस परेड के अवसर पर शहीद पुलिस जवानों के बलिदान को नमन किया। उन्होंने 1959 में लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में शहीद हुए 10 जवानों को याद करते हुए उनके साहस और कर्तव्यनिष्ठा को वर्दीधारी समुदाय के लिए प्रेरणा का पुंज बताया।

भोपाल. स्टार समाचार वेब.
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 21 अक्टूबर 2025 को पुलिस स्मृति दिवस परेड के अवसर पर शहीद पुलिस जवानों के बलिदान को नमन किया। उन्होंने 1959 में लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में शहीद हुए 10 जवानों को याद करते हुए उनके साहस और कर्तव्यनिष्ठा को वर्दीधारी समुदाय के लिए प्रेरणा का पुंज बताया। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकार शहीदों के परिजनों के साथ है और उन्हें ₹1 करोड़ की आर्थिक सहायता देने की नीति जारी रहेगी। उन्होंने मध्य प्रदेश पुलिस की नक्सलवाद उन्मूलन, साइबर अपराध नियंत्रण और सामाजिक जागरूकता अभियानों में निभाई गई अग्रणी भूमिका की सराहना की। उन्होंने पुलिसकर्मियों के कल्याण के लिए ₹5700 करोड़ की लागत से 25 हजार से अधिक आवास बनाने और 21 हजार पदों पर भर्ती पूरी करने के सरकार के दायित्व पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस स्मृति दिवस को एक "प्रेरणा का पुंज" बताते हुए 1959 में लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में शहीद हुए 10 वीर जवानों के अदम्य साहस को याद किया, जिसके उपरांत ही इस दिवस को मनाने की परंपरा शुरू हुई। उन्होंने शहीद जवानों के बलिदान को वीरता, कर्तव्यनिष्ठा और सेवा भावना का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह शहादत समर्पित ड्यूटी की प्रेरणा देती है। उन्होंने जोर दिया कि जो अपने कर्तव्य की वेदी पर प्राणों का उत्सर्ग करता है, वह वास्तव में अमर है। मुख्यमंत्री ने बाबा महाकाल से प्रदेश की समृद्धि और सुरक्षा की कामना करते हुए पुलिसकर्मियों से अपने कर्तव्य पथ पर निष्ठा से अग्रसर रहने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्य प्रदेश को "शांति का टापू" बनाने का श्रेय पुलिस की सतर्कता, अनुशासन और समर्पण को दिया। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी नक्सलवाद, माफिया, साइबर अपराध नियंत्रण और महिला सुरक्षा में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं, जिसके कारण अपराधियों के हौसले पस्त हैं। उन्होंने सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति का उल्लेख करते हुए डेढ़ करोड़ के इनामी 10 नक्सलवादियों के खात्मे, जयपुर सीरियल ब्लास्ट के आरोपियों की गिरफ्तारी और आतंकवादियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई को पुलिस के पराक्रम का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने वर्ष 2026 तक नक्सलवाद उन्मूलन के लक्ष्य को पुलिस की क्षमता से प्राप्त करने का विश्वास जताया।
मुख्यमंत्री ने पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न अभियानों की सराहना की, जिनमें 'सृजन' कार्यक्रम (बाल संरक्षण, आत्मरक्षा और सशक्तिकरण), "सेफ क्लिक-सुरक्षित जीवन" (साइबर जागरूकता), और "नशे से दूरी है जरूरी" अभियान शामिल हैं, जिनका समाज पर व्यापक प्रभाव पड़ा है। उन्होंने बालाघाट जिले में शुरू किए गए एकल सुविधा केंद्र की भी प्रशंसा की। डिजिटल युग की चुनौतियों को देखते हुए, उन्होंने साइबर सेल द्वारा फॉरेंसिक, डाटा एनालिटिक्स और जीपीएस तकनीक से की जा रही त्वरित कार्रवाई पर संतोष व्यक्त किया। इसके साथ ही, उन्होंने CCTNS सिस्टम के माध्यम से पुलिस, न्यायालय, अभियोजन और फॉरेंसिक विभागों के डिजिटल एकीकरण को जांच में पारदर्शिता और तेजी लाने के लिए सराहा।

मुख्यमंत्री ने पुलिस बल के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि सरकार सदैव शहीद पुलिस जवानों के परिजनों के साथ है और उन्हें ₹1 करोड़ की आर्थिक सहायता देने की नीति जारी रहेगी। उन्होंने पुलिसकर्मियों के कल्याण, आधुनिकीकरण और मनोबल वृद्धि को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आश्वासन दिया। इसके तहत, मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत ₹5700 करोड़ की लागत से 25 हजार से अधिक मकान बनाए जा रहे हैं। साथ ही, रिक्त पदों की पूर्ति के लिए अगले तीन वर्षों में लगभग 21 हजार पदों की भर्ती पूरी की जाएगी। मुख्यमंत्री ने इंदौर के एक पुलिस जवान द्वारा विधायक श्री मधु वर्मा की जान बचाने के लिए त्वरित रूप से सीपीआर देने की घटना की सराहना करते हुए कहा कि यह पुलिस बल के लिए गर्व का विषय है।

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