सतना ज़िले के सीएम राइज विद्यालयों की हालत चिंताजनक है। सिंहपुर स्कूल में छत से प्लास्टर गिर रहा है, दीवारों में दरारें हैं और कक्षाएं जर्जर कमरों में चल रही हैं। स्कूल में शिक्षकों की भी भारी कमी है। ऐसे हालात में बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा दोनों पर संकट है। सरकार के दावों और ज़मीनी सच्चाई में बड़ा अंतर सामने आ रहा है।

हाइलाइट्स
सतना, स्टार समाचार वेब
कितनी हैरानी की बात है कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता में शामिल सीएम राइज (अब नाम सांदीपनि) विद्यालय भी जर्जर भवनों में संचालित हो रहे हैं। शिक्षा विभाग का दावा था कि सीएम राइज स्कूल प्राइवेट स्कूलों को टक्कर देंगे, लेकिन 4 साल में सतना-मैहर जिले का एक भी विद्यालय अब तक सर्व सुविधा युक्त नहीं हो पाया, पुराने जर्जर भवनों में ही कक्षाएं संचालित हो रही हैं। बताया गया कि दूसरे चरण में चयनित नागौद ब्लाक के सीएम राइज स्कू ल सिंहपुर की हालत सबसे ज्यादा खराब है। छत का प्लास्टर आए दिन गिरता है, दीवारे चटक गई हैं, कुछ बिल्डिंग 65 साल से पुरानी हैं। प्राचार्य जीतेन्द्र कुमार परौहा ने बताया कि माध्यमिक सेक्शन के भवन की हालत ऐसी है कि वो कभी भी ढह सकता है। 2015 में सरपंच द्वारा 4 कमरे बनवाए गए थे जिनकी हालत सबसे खराब है। हालांकि इन कमरों में सुरक्षा की दृष्टि से कक्षाओं का संचालन नहीं करवाया जा रहा है। कमरे कम होने की वजह से कक्षाओं में 60 -60 बच्चे बैठाए जा रहे हैं, वहीं अन्य कमरों में पानी टपकता रहता है। स्कूल बिल्डिंग की हालत खराब होने से पठन-पाठन पर असर पड़ रहा है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में राजस्थान के झालावाड़ में स्कूल की छत गिरने से 7 बच्चों की मौत व घायल होने की घटना सामने आई थी।
शिक्षक न सुविधाएं
बताया गया कि सीएम राइज सिंहपुर स्कूल में पर्याप्त शिक्षक नहीं हैं। विद्यालय में गणित, अंग्रेजी के अलावा भूगोल एवं हिंदी विषय के भी शिक्षक नहीं है। जबकि दो वर्ष पहले इस विद्यालय को सीएम राइज विद्यालय का तमगा मिला था। विद्यालय में कक्षा एक से लेकर 12वीं तक में कुल 545 विद्यार्थी दर्ज हैं, अन्य सीएम राइज विद्यालयों में भी पर्याप्त शिक्षक नहीं हैं।
मझगवां विकासखंड में सबसे ज्यादा स्कूलों की हालत खराब
प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं की बात करें तो मझगवां विकासखंड में सबसे ज्यादा स्कूलों की हालत खराब है। राज्य शिक्षा केन्द्र से मिली जानकारी के मुताबिक मझगवां में 286 मरम्मत योग्य शालाएं एवं 54 जर्जर स्कूल हैं। सतना- मैहर जिले में कुल 227 स्कूलें जर्जर तो 1320 स्कूलें मरम्मत योग्य हैं।
डीपीआई के जर्जर स्कूलों में कक्षा संचालन न करने का आदेश
हाल ही में लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक डीएस कुशवाह ने शासकीय स्कूलों की छत सीपेज एवं लीकेज की स्थिति में प्राथमिकता से मरम्मत कराने के निर्देश दिए हैं। आदेश में कहा गया है कि शा. प्राथमिक हाईस्कूल एवं हायर सेकेडरी स्कूलों लीकेज व प्लास्टर गिरने की संभावना है वहां कक्षाएं न संचालित की जाएं। प्रत्येक कक्षा का छत निरीक्षण कर आवश्यकता अनुसार उपलब्ध आवंटन व स्थानीय मद से प्राचार्य एवं प्रधानाध्यापक मरम्मत करवाएं।
प्रथम चरण में 9, द्वितीय चरण में 11 सीएम राइज में चयनित
प्रथम चरण में सीएम राइज बगहा स्कूल समेत 9 स्कूलें चयनित की गई थीं तो दूसरे चरण में 11 स्कूलें चयनित की गई हैं। प्रथम चरण में चयनित स्कूल के बच्चों को गणवेश एवं बस की सुविधा उपलब्ध है तो दूसरे चरण में बस की सुविधा का अता- पता नहीं हैं, वहीं प्रथम चरण की सीएम राइज स्कूल में नए भवन निर्माण की प्रक्रिया चल रही है तो दूसरे चरण के स्कूलों में नए भवन निर्माणों की प्रक्रिया का कोई प्लान नहीं है।

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