ईरान-इजराइल संघर्ष के चलते भारत में कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई बाधित। FHRAI ने पेट्रोलियम मंत्री को लिखा पत्र। जानें किन शहरों में होटल और रेस्टोरेंट का काम हुआ ठप्प।

नई दिल्ली. स्टार समाचार वेब
पश्चिम एशिया (Middle East) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की चेन बिगाड़ दी है, जिसका सीधा असर अब भारत के चूल्हों तक पहुंच गया है। देश के प्रमुख शहरों जैसे मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु और भोपाल में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की भारी किल्लत देखी जा रही है। हालात इतने गंभीर हैं कि कई होटलों और रेस्टोरेंट्स में कामकाज पूरी तरह ठप्प होने की कगार पर है।
होटल संगठनों ने सरकार से लगाई गुहार
गैस की किल्लत को देखते हुए FHRAI (फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया) ने केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। संगठन का कहना है कि गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स 5 मार्च के एक कथित सरकारी आदेश का हवाला देकर सप्लाई रोक रहे हैं, जिससे मैरिज गार्डन और फूड इंडस्ट्री से जुड़े करीब 20 हजार उपभोक्ता प्रभावित हो रहे हैं।
जमीनी हकीकत बनाम सरकारी स्पष्टीकरण
हालांकि, नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) ने सोशल मीडिया पर बताया कि सरकार की ओर से कमर्शियल सप्लाई पर कोई आधिकारिक प्रतिबंध नहीं है, लेकिन सप्लायर्स मांग पूरी करने में असमर्थता जता रहे हैं।
संकट के कारण
सप्लाई में बाधा: कानपुर, बरेली और भोपाल जैसे शहरों में कमर्शियल सिलेंडरों की किल्लत।
प्राथमिकता: सरकार का फोकस घरेलू उपभोक्ताओं (Domestic Users) को प्राथमिकता देने पर है, जिससे कमर्शियल सेक्टर प्रभावित हो रहा है।
कीमतों का गणित: रुपये की कमजोरी और कच्चे तेल की अस्थिरता ने वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की चुनौती बढ़ा दी है।

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