रीवा जिले के मऊगंज अस्पताल में एक 16 वर्षीय छात्रा को समय पर इलाज नहीं मिला, जिससे उसकी मृत्यु हो गई। सिस्टम की लापरवाही यहीं नहीं रुकी—पोस्टमार्टम में देरी, शव वाहन के लिए पैसे की मांग और लोडिंग वाहन में शव की विदाई ने मानवता को शर्मसार कर दिया। यह घटना प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं और संवेदनहीन तंत्र पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े करती है।

हाइलाइट्स
मऊगंज (रीवा), स्टार समाचार वेब
यह वही मध्य प्रदेश है, जहां सरकार गंभीर मरीजों को बचाने के लिए एयर एम्बुलेंस की सुविधा देती है। जहां जिला अस्पताल में 24 घंटे सातों दिन डाक्टरों की उपलब्धता की बात की जाती है, जहां शव को सम्मानजनक तरीके से ले जाने के लिए शांति वाहन उपलब्ध कराए जाते हैं। लेकिन दुर्भाग्य देखिए मऊगंज के जिला अस्पताल में 16 साल की बेटी समय पर इलाज न मिलने से दम तोड़ देती है और मरने के बाद भी उसे न सम्मान मिलता है, न संवेदना।
सांसें टूटती देख रहे थे परिजन
जिले की खटखरी गांव की दसवीं कक्षा की बेटी ने मोबाइल छीनने की जरा सी बात पर आत्महत्या का प्रयास किया। जब परिजनों ने देखा तो उसे तुरंत फंदे से उतारा, उसमें जान बाकी थी। मां-बाप दौड़ते-भागते उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, उम्मीद थी कि शायद बच जाए। लेकिन अस्पताल में न कोई डॉक्टर था और न ही कोई सुविधा। एक घंटे तक बस एक चपरासी और बेटी की टूटती सांसें थीं। परिजन बेबसी में अस्पताल में अपनी बेटी की सांसें टूटते हुए देख रहे थे। करीब एक घंटे के इंतजार के बाद जब डॉक्टर पहुंचे, तब तक बेटी ने अस्पताल में बिना इलाज के दम तोड़ दिया।
बेटी की गरिमा और जीवन के अधिकार पर कुठाराघात
बेटी के दुर्भाग्य की कहानी यहीं खत्म नहीं होती, सिस्टम की लापरवाही मौत के बाद भी जारी रहती है। पोस्टमार्टम के लिए 24 घंटे इंतजार करना पड़ा, क्योंकि महिला डॉक्टर मौजूद नहीं थी। चौबीस घंटे बाद जैसे तैसे महिला डॉक्टर पोस्टमार्टम कर देती है, तब सिस्टम का एक और खौफनाक चेहरा सामने आता है। बेटी के परिजन शव को ले जाने के लिए जब शव वाहन की मांग करते हैं तो डॉक्टर ने शांति वाहन देने से पहले डीजल के पैसे मांग लिए। आखिर सदमे में डूबे पिता को अपनी बेटी की लाश एक लोडिंग वाहन में रखकर ले जानी पड़ी। जिस प्रदेश ने ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ को मॉडल अभियान बताया, वहां की एक बेटी को इलाज नहीं मिला और मौत के बाद भी सम्मान नहीं मिला। यह महज एक लापरवाही नहीं, यह एक बेटी की गरिमा और जीवन के अधिकार पर कुठाराघात है।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
मध्य प्रदेश में संभावित अल्प वर्षा की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जारी की विस्तृत कार्ययोजना। जानें फसल चयन, जल संरक्षण और किसानों के लिए सरकार की नई तैयारियों के बारे में।
मध्य प्रदेश में मानसून ने दी दस्तक, पूरे राज्य में तेज बारिश का दौर जारी। मौसम विभाग ने कई जिलों में ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया। जानें बारिश से जुड़ी ताजा अपडेट और सुरक्षा निर्देश।
दतिया विधानसभा उपचुनाव 2026 का कार्यक्रम घोषित! जानें कब होगा मतदान, क्या है राजेंद्र भारती की सदस्यता रद्द होने का कारण और कैसे लागू हुई आचार संहिता।
मध्य प्रदेश सरकार ने BLO और बीएलओ सुपरवाइजरों का मानदेय दोगुना किया। जानें नई मानदेय राशि, प्रभावी तिथि और त्रैमासिक भुगतान की पूरी जानकारी।
राजा रघुवंशी मर्डर केस में नया मोड़। मेघालय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर आरोपी पत्नी सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द करने की मांग की। जानिए क्या है पूरा मामला।
केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों के बीच विंध्य क्षेत्र को प्रतिनिधित्व मिलने की चर्चाएं तेज हैं। सतना सांसद गणेश सिंह और शहडोल सांसद हिमांद्री सिंह के नाम संभावित दावेदारों में प्रमुख बताए जा रहे हैं।
सतना जिले में हल्की बारिश के बाद भी घंटों बिजली गुल रहने से उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल, पढ़ाई और कारोबार प्रभावित हैं, जबकि लोगों ने स्थायी समाधान की मांग उठाई है।
सतना में मानसून की पहली तेज बारिश ने स्मार्ट सिटी की तैयारियों की पोल खोल दी। कई कॉलोनियों, सड़कों और अंडरब्रिज में जलभराव हुआ, जबकि जिला अस्पताल और बस स्टैंड भी पानी से प्रभावित रहे।
सतना जिला अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों के कई पद रिक्त हैं, जिससे 1500 दैनिक मरीजों की चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। दूसरी ओर संत मोतीराम स्वास्थ्य केंद्र नि:शुल्क उपचार देकर राहत पहुंचा रहा है।
मध्य प्रदेश में कैलाश विजयवर्गीय की कथित चिट्ठी ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। जानिए क्या है मामला, मुख्यमंत्री के खिलाफ नाराजगी की सच्चाई और इसके पीछे के राजनीतिक मायने।