रीवा जिले के ग्राम भोथी में आज़ादी के 77 साल बाद भी सड़क नहीं बन पाई है। बारिश के दिनों में ग्रामीण कीचड़ में फंसे रहते हैं और गांव से पलायन कर रहे हैं। नहर निर्माण और पंचायत की उदासीनता से विकास अधूरा है।

मनगवां, स्टार समाचार वेब
अगर जिले से आप ग्राम पंचायत उलही खुर्द के अंतर्गत ग्राम भोथी की तरफ जाएंगे तो आपको मेरा भारत महान की बदबूदार तस्वीर देखने को मिलेगी। जनप्रतिनिधियों की उदासीनता कहें या अफसरशाही की नाकामी जहां गांव के व्यक्ति घुटने भर कीचड़ में बरसात के दिनों में आवागमन करते है। आजादी के बाद से देश और मध्य प्रदेश पूरी तरह बदल चुका है। हर तरफ विकास की बयार बहने के दावे हो रहे हैं। लेकिन रीवा के ग्राम पंचायत उलही खुर्द के ग्राम भोथी गांव की किस्मत आज तक नहीं बदली है। आजादी से अब तक कितनी सरकारें बनीं लेकिन इस इस गांव में सड़क नहीं बन पाई है। हर चुनाव से पहले नेता सड़क बनाने के वादे करते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही भूल जाते हैं। जिसकी वजह से ग्राम भोथी के निवासी बारिश के समय में ग्रामीणों को नरकीय जीवन जीने को मजबूर होना पड़ रहा है।
कीचड़ में फंस रहे बच्चे
इस गांव के ग्रामीण हर स्तर पर सड़क बनवाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन हमेशा निराशा ही मिलती है। जनप्रतिनिधि, जिम्मेदार अधिकारी आज तक सड़क नहीं बना सके। इसका सबसे ज्यादा खामियाजा बरसात के समय में उठाना पड़ता है। क्योंकि बारिश के बाद कच्ची सड़क कीचड़ में तब्दील हो गई है, जिसमें गिरते पड़ते बच्चे और शिक्षक स्कूल पहुंचते हैं। वहीं, कोई बीमार हो जाए तो उसे अस्पताल ले जाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है।
50 घर के लोग कर गये पलायन
ग्राम भोथी में जहां 250 घर थे वहीं अब 200 घर ही बचे हैं। सड़क न होने के कारण 50 घर के लोग पलायन कर चले गये हैं। वहीं रह कर अपना जीवन यापन कर रहे हैं। ऐसी विडंबना की सड़क न होने के कारण पुश्तैनी घर छोड़ना पड़ रहा है और बाजारों में रहकर जीवन यापन कर रहे हैं।
नहर बनी अभिशाप
किसानों को सिंचाई के लिए करोड़ों रुपए खर्च करके बाणसागर का पानी बहुती कैनाल तक पहुंचाने के लिए नहर का निर्माण हुआ। नहर पिछले 7 वर्षों से निर्माणधीन है। ग्राम भोथी के लिए नहर से ही सड़क थी जो आज तक बनी नहीं। हर बार बाणसागर विभाग द्वारा निमार्णाधीन होने का दावा किया जाता है। जबकि नहर बनाने के बाद दोनों तरफ सड़क बननी थी, जिससे गांव के लोगों का आवागमन आसान हो जाता, लेकिन नहर निर्माण पूरा नहीं होने से सड़क भी नहीं बन पा रही है।
सरपंच सचिव की उदासीनता
ग्राम पंचायत उलही खुर्द के सरपंच, सचिव के उदासीनता के कारण ग्राम भोथी के लिए सड़क नहीं बन पाई। हाल ही में प्रदेश सरकार द्वारा जो सड़के ग्राम पंचायत मद से अधूरी थी उन्हें आरईएस में सौपने के लिए ग्राम पंचायत से पत्र मांगा गया था। लेकिन सरपंच सचिव द्वारा माग पत्र नहीं दिया गया। जिससे नहर की सड़क नहीं बन पाई।
ग्राम भोथी में पहले 250 घरों की बस्ती थी लेकिन सड़क न होने के कारण बरसात के दिनों में जो दुर्दशा हम लोगों की होती है वह मध्य प्रदेश में किसी की नहीं होती होगी। अब यहां से 50 घर के लोग पलायन करके दूसरे जिलों में रहने लगे।
महेश शुक्ला, ग्राम भोथी
आजादी के 77 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन विडंबना है कि रीवा जिले के ग्राम भोथी को सड़क अब तक नहीं मिल पाई है। जिससे हम लोग 4 महीने का खाने पीने का सामान एकत्रित करके घर में रखते हैं, क्योंकि बारिश के दिनों में स्थिति खराब हो जाती है। सड़क बाहर निकलने लायक नहीं रहती।
जगन्नाथ प्रसाद पांडे भोथी
बारिश के मौसम में हमारे गांव के हर घर से एक व्यक्ति शहर में कमरा लेता है। जबकि गांव से 10 किलोमीटर दूर मंनगवा है आराम से आ जा सकते हैं। लेकिन सड़क न होने के कारण बरसात के दिनों में एक व्यक्ति को शहर में कमरा इसलिए लिया जाता है कि कोई बीमार पड़ जाए तो उधर से आधे रास्ते में दवाई लेकर आ जाएं और इधर से व्यक्ति पैदल चला जाए क्योंकि वाहन तो जा नहीं सकता।
यतेंद्र शुक्ला
जब नहर का निर्माण हुआ तो हम लोग बहुत खुश हुये कि चलो गांव तक सड़क तो बन जाएगी। लेकिन मिट्टी डालकर छोड़ दिया गया। जिससे घुटने भर कीचड़ से गुजरना पड़ता है। बीच में सुनाई दिया कि कोई दूसरा विभाग सड़क की मांग कर रहा है और वह बनाएगा लेकिन सरपंच सचिव द्वारा मांग पत्र नहीं दिया गया।
वरुण शुक्ला
आपके द्वारा मामला जानकारी में आया है। जनपद सीईओ को इस मामले में गंभीरता से निदान करने के लिए बोलता हूं। अगर सरपंच सचिव दोषी है तो उन पर कार्यवाही की जाएगी। पहले तो सड़क की व्यवस्था बनाना मुख्य काम है। जिससे ग्रामवासी आवागमन कर सके।
मेहताब सिंह गुर्जर सीईओ, जिला पंचायत रीवा

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