चित्रकूट जिले के मारकुंडी थाना क्षेत्र में गुटखे की लत ने एक परिवार तबाह कर दिया। मां ने गुटखा न मिलने पर अपनी दो मासूम बेटियों संग जहर खाकर जान दे दी। पति की जद्दोजहद के बावजूद तीनों की मौत हो गई, 4 साल का बेटा सुरक्षित है।

हाइलाइट्स
सतना, स्टार समाचार वेब
बुजुर्गों ने ठीक ही कहा है कि लत व व्यसन पूरी करने के लिए व्यक्ति किसी भी सीमा तक जा सकता है। सीमाई प्रदेश के चित्रकूट जिले के मारकुंडी थानान्तर्गत इटवा डुडैला निवासी बब्बू यादव की 26 वर्षीया पत्नी ने गुटखे की लत पूरी न होने पर बच्चों समेत जहर निगल कर एक बार पुन: बुजुर्गों की इस कहावत को चरितार्थ कर दिया है। पत्नी व बच्चों को बचाने की मंशा से पति ने मझगवां व जिला अस्पताल तक दौड़ लगाई मगर न तो वह पत्नी को बचा सका और न ही अपनी दो मासूम बेटियों को। गुटखे की लत ने यादव परिवार को तबाह कर दिया है।
अस्पताल पहुंचने के पहले निकल चुके थे प्राण
घटना के संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार इटवा डुडैला निवासी बब्बू यादव टैक्सी चलाने का काम करता था। शनिवार की शाम तकरीबन चार बजे वह घर पहुंचा तो उसे दरवाजा बंद मिला। बहुत देर तक दरवाजा खटखटाने के बाद भी जब दरवाजा नहीं खुला तो उसने पीछे के रास्ते से घर में प्रवेश किया तो यह देखकर दंग रह गया कि उसकी पत्नी ज्योति यादव उर्फ झुमकी पुत्री तान्सी यादव व चंद्रमा यादव जमीन में अचेत अवस्था में पड़ी हुई हैं जबकि चार वर्षीय पुत्र दीपचंद उसे खड़ा हुआ मिला। बब्बू के पूछने पर दीपचंद ने बताया कि मम्मी ने चाय में कुछ डालकर पिलाया जिसके बाद वे बेहोश हो गर्इं। आनन- फानन बब्बू चारों को गाड़ी में लादकर मझगवां अस्पताल लेकर पहुंचा जहां चिकित्सकों ने तान्सी यादव को मृत घोषित कर दिया और नाजुक अवस्था में ज्योति यादव व चन्द्रमा यादव को जिला अस्पताल के लिए रेफर किया। उन्हें लेकर बब्बू जिला अस्पताल पहुंचा जहां चिकित्सकों ने ज्योति को प्रथम दृष्टया ही मृत घोषित कर दिया जबकि चन्द्रमा की भी थोड़ी देर में मौत हो गई। बब्बू ने बताया कि उसकी पत्नी ज्योति को गुटखा खाने की लत थी, शुक्रवार को जब वह टैक्सी चलाने के लिए निकला तो उसने गुटखे के लिए पैसे मांगे जिस पर उसने पत्नी को खरी-खोटी सुनाई और टैक्सी चलाने चला गया। बब्बू के मुताबिक जब वह शुक्रवार को घर लौटा तो पत्नी ने इस बात को लेकर विवाद भी किया और उसके ऊपर दूध फेंक दिया। शनिवार की सुबह भी पत्नी ने उससे गुटखे को लेकर विवाद किया। बब्बू ने बताया कि घर में गेहूं में रखने के लिए सल्फास की गोलियां मौजूद थीं। संभवत: नाराज पत्नी ने चाय में घोलकर सल्फास की गोलियां निगली हैं। इस घटना की असलियत तो पुलिस की जांच के बाद ही सामने आएगी लेकिन केवल गुटखे के लिए पैसे न मिलने से अपनी व अपने बच्चों की जान लेने की इस घटना ने समाज विज्ञानियों को चिंता में डाल दिया है।
72 घंटे डॉक्टर की निगरानी में रहेगा दीपचन्द्र
इस घटना में जहां मां व दो बेटियों की मौत हो गई है वहीं एक मात्र बचा चार वर्षीय दीपचन्द्र फिलहाल 72 घंटों तक डाक्टरों की निगरानी में रहेगा। दीपचन्द्र का बीपी व अन्य जांचों के साथ पीक्यूआर टेस्ट करने वाले डाक्टर अभिजीत नंदा का कहना है कि यंू तो उसकी हालत सामान्य है लेकिन घटना की गंभीरता को देखते हुए उसकी 72 घंटों तक उसके स्वास्थ्य की निगरानी की जाएगी।
मध्यप्रदेश में सांसद, विधायक सहित अन्य जनप्रतिनिधियों के माध्यम से प्राप्त होने वाले गंभीर प्रकृति के आवेदनों के निराकरण के लिए सीएम की ओर से विभागों को ए प्लस में नोटशीट भेजी जाती है। जहां सीएमओ के स्पष्ट निर्देश हैं कि तीन दिन के भीतर संबंधित मामलों का निराकरण कर सूचित किया जाए।
मध्य प्रदेश में संभावित अल्प वर्षा की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जारी की विस्तृत कार्ययोजना। जानें फसल चयन, जल संरक्षण और किसानों के लिए सरकार की नई तैयारियों के बारे में।
मध्य प्रदेश में मानसून ने दी दस्तक, पूरे राज्य में तेज बारिश का दौर जारी। मौसम विभाग ने कई जिलों में ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया। जानें बारिश से जुड़ी ताजा अपडेट और सुरक्षा निर्देश।
दतिया विधानसभा उपचुनाव 2026 का कार्यक्रम घोषित! जानें कब होगा मतदान, क्या है राजेंद्र भारती की सदस्यता रद्द होने का कारण और कैसे लागू हुई आचार संहिता।
मध्य प्रदेश सरकार ने BLO और बीएलओ सुपरवाइजरों का मानदेय दोगुना किया। जानें नई मानदेय राशि, प्रभावी तिथि और त्रैमासिक भुगतान की पूरी जानकारी।
राजा रघुवंशी मर्डर केस में नया मोड़। मेघालय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर आरोपी पत्नी सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द करने की मांग की। जानिए क्या है पूरा मामला।
केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों के बीच विंध्य क्षेत्र को प्रतिनिधित्व मिलने की चर्चाएं तेज हैं। सतना सांसद गणेश सिंह और शहडोल सांसद हिमांद्री सिंह के नाम संभावित दावेदारों में प्रमुख बताए जा रहे हैं।
सतना जिले में हल्की बारिश के बाद भी घंटों बिजली गुल रहने से उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल, पढ़ाई और कारोबार प्रभावित हैं, जबकि लोगों ने स्थायी समाधान की मांग उठाई है।
सतना में मानसून की पहली तेज बारिश ने स्मार्ट सिटी की तैयारियों की पोल खोल दी। कई कॉलोनियों, सड़कों और अंडरब्रिज में जलभराव हुआ, जबकि जिला अस्पताल और बस स्टैंड भी पानी से प्रभावित रहे।
सतना जिला अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों के कई पद रिक्त हैं, जिससे 1500 दैनिक मरीजों की चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। दूसरी ओर संत मोतीराम स्वास्थ्य केंद्र नि:शुल्क उपचार देकर राहत पहुंचा रहा है।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह