40 की उम्र के बाद दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। जानिए कौन से 3 मेडिकल टेस्ट हैं जरूरी, जिससे बीपी, कोलेस्ट्रॉल और शुगर का समय पर चल सके पता।

आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली, असंतुलित खानपान, मानसिक तनाव और बढ़ता मोटापा लोगों के स्वास्थ्य पर बेहद बुरा असर डाल रहा है। यही वजह है कि आज के समय में कम उम्र के लोग भी दिल से जुड़ी गंभीर बीमारियों और हार्ट अटैक का शिकार तेजी से हो रहे हैं। कई बार हाई ब्लड प्रेशर या बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल शरीर में बिना किसी बड़े लक्षण के चुपचाप पनपता रहता है, जिसके बारे में लोगों को तब पता चलता है जब स्थिति काफी गंभीर हो चुकी होती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जैसे ही कोई व्यक्ति 40 साल की उम्र पार कर लेता है, उसके लिए अपने शरीर और दिल की सेहत पर विशेष ध्यान देना अनिवार्य हो जाता है। एक्सपर्ट्स की सलाह है कि 40 की आयु के बाद हर व्यक्ति को नियमित अंतराल पर कुछ मुख्य मेडिकल टेस्ट जरूर कराने चाहिए, ताकि किसी भी छिपे हुए खतरे को समय रहते पहचाना जा सके और सही समय पर बचाव किया जा सके।
विशेषज्ञों के मुताबिक, हाई ब्लड प्रेशर दिल की बीमारियों का सबसे बड़ा और प्रमुख कारण माना जाता है। कई बार बीपी बढ़ने पर शरीर में कोई भी बाहरी लक्षण दिखाई नहीं देता है, जिस वजह से इसे साइलेंट किलर भी कहा जाता है। 40 की उम्र पार कर चुके लोगों को साल में कम से कम एक बार अपना ब्लड प्रेशर जरूर चेक कराना चाहिए। जिन लोगों की जीवनशैली अत्यधिक तनावपूर्ण है या जिन्हें पहले से सेहत से जुड़ी कोई अन्य समस्या है, वे डॉक्टर की सलाह पर हर तीन महीने में भी बीपी की जांच करवा सकते हैं। समय पर ब्लड प्रेशर की निगरानी करने से दिल पर पड़ने वाले अचानक दबाव को काफी हद तक रोका जा सकता है।
दूसरा सबसे महत्वपूर्ण टेस्ट लिपिड प्रोफाइल है, जो हमारे खून में मौजूद फैट और कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को सटीक रूप से मापता है। इस टेस्ट के माध्यम से टोटल कोलेस्ट्रॉल, एलडीएल यानी बैड कोलेस्ट्रॉल, एचडीएल यानी गुड कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर का आसानी से पता लगाया जाता है। एक्सपर्ट्स ने विशेष रूप से आगाह किया है कि शरीर में एलडीएल के बढ़े हुए स्तर को कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह धीरे-धीरे दिल की धमनियों में जमा होने लगता है और आगे चलकर गंभीर ब्लॉकेज का कारण बनता है। हर व्यक्ति के शरीर और रिस्क फेक्टर के हिसाब से कोलेस्ट्रॉल का सुरक्षित स्तर अलग-अलग हो सकता है।
तीसरा सबसे अनिवार्य टेस्ट ब्लड शुगर की जांच है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि डायबिटीज का सीधा संबंध दिल की बीमारियों के बढ़ते खतरे से होता है। नियमित रूप से शुगर की जांच कराने से यह स्पष्ट रूप से पता चल जाता है कि व्यक्ति को डायबिटीज है या वह प्रीडायबिटीज की श्रेणी में आता है। प्रीडायबिटीज वह स्थिति होती है जहां ब्लड शुगर का स्तर सामान्य से अधिक होता है लेकिन वह पूरी तरह डायबिटीज में नहीं बदला होता है। अगर इस शुरुआती अवस्था का समय रहते पता चल जाए, तो खानपान में सुधार, नियमित व्यायाम और वजन को नियंत्रित करके इसे टाइप-2 डायबिटीज में बदलने से आसानी से रोका जा सकता है।
विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया है कि जिन लोगों के परिवार में पहले से ही माता-पिता या किसी करीबी को दिल की बीमारी का इतिहास रहा है, उन्हें कहीं अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। अनुवांशिक कारणों के साथ-साथ तंबाकू या धूम्रपान का सेवन, नींद की कमी, शराब की आदत और असंतुलित आहार दिल की सेहत को तेजी से नुकसान पहुंचाते हैं। डॉक्टरों का मानना है कि मेडिकल स्क्रीनिंग कराने से बीमारी से बचने की कोई पूर्ण गारंटी तो नहीं मिलती, लेकिन इससे शरीर में छिपे रिस्क फैक्टर्स का समय पर पता चल जाता है, जिससे गंभीर स्थिति पैदा होने से पहले ही बचाव के जरूरी कदम उठाए जा सकते हैं।
40 की उम्र के बाद दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। जानिए कौन से 3 मेडिकल टेस्ट हैं जरूरी, जिससे बीपी, कोलेस्ट्रॉल और शुगर का समय पर चल सके पता।
सर्दी-जुकाम और वायरल संक्रमण से बचना है, तो अपनी डाइट में शामिल करें ये 5 सुपरफूड्स। जानिए बादाम, लहसुन, संतरे और गर्म चाय के स्वास्थ्य लाभ।
जानिए दिवाली के पावन पर्व पर भारत के अलग-अलग राज्यों में बनने वाली खास पारंपरिक मिठाइयों और पकवानों के बारे में, जो उत्सव के स्वाद को दोगुना कर देते हैं।
त्वचा पर बार-बार चकत्ते होना या लगातार खुजली होना कई बार आम समस्या लग सकती है। कई लोग सोचते हैं कि ये लक्षण अपने आप ठीक हो जाएंगे या किसी क्रीम से एलर्जी हो गई होगी। हालांकि, अगर ये बार-बार परेशान कर रहे हैं या रोजमर्रा के जीवन में बाधा डाल रहे हैं, तो ये चिंता का विषय है।
क्या आप दिवाली की सफाई से थक जाते हैं? जानिए बिना थकान के घर की सफाई और प्लानिंग करने के सबसे आसान व प्रभावी स्मार्ट तरीके। समय सारणी, रूम-बाय-रूम सफाई और हेल्थ टिप्स के साथ पूरी जानकारी पढ़ें।
पुराने और बेकार पड़े सामानों को फेंके नहीं! जानिए कैसे कबाड़ से जुगाड़ लगाकर अपने घर को नया, स्टाइलिश और इको-फ्रेंडली लुक दिया जा सकता है।
सर्दियों के मौसम में सुस्ती, जोड़ों के दर्द और सर्दी-जुकाम से परेशान हैं? जानिए कैसे खानपान में बदलाव और योग से इस मौसम को सेहतमंद और खुशनुमा बनाया जा सकता है।
नियमित व्यायाम न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है बल्कि मानसिक तनाव को भी दूर करता है। जानिए व्यायाम के फायदे और स्वस्थ रहने के आसान तरीके।
सीमित सैलरी में घर चलाना लग रहा है मुश्किल? अपनाएं ये आसान और स्मार्ट फाइनेंशियल टिप्स, जिससे घर का खर्च भी चलेगा और होगी तगड़ी बचत।
हार्ट की एंजियोग्राफी के बाद क्या सावधानियां बरतनी चाहिए? जानिए खान-पान, पंचर साइट की देखभाल और जरूरी टिप्स हिंदी में।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह