भारत भविष्य की जंग के लिए अपनी सैन्य शक्ति को आधुनिक बना रहा है। ₹2.19 लाख करोड़ के निवेश के साथ 6th जेनरेशन जेट्स, AI डिफेंस और स्वदेशी मिसाइल प्रणालियों पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
By: Ajay Tiwari
Mar 21, 20264:45 PM
नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
पश्चिम एशिया के मौजूदा हालातों और भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए भारत अपनी सैन्य रणनीति में आमूलचूल बदलाव कर रहा है। संसद में पेश रक्षा समिति की रिपोर्ट के अनुसार, भारत अब 'नॉन-कॉन्टैक्ट वारफेयर' (बिना आमने-सामने आए युद्ध) के लिए खुद को तैयार कर रहा है। सरकार का पूरा ध्यान अब अत्याधुनिक स्वदेशी तकनीक, AI और लंबी दूरी के मिसाइल सिस्टम पर है।
भारत अब केवल AMCA (5th जेनरेशन) तक सीमित नहीं है, बल्कि आधिकारिक तौर पर 6th जेनरेशन के लड़ाकू विमानों के डिजाइन पर भी काम शुरू हो चुका है। ये विमान 'फ्लाइंग कमांड सेंटर' की तरह काम करेंगे, जिनमें हाइपरसोनिक स्पीड और उन्नत C4ISR (कमांड, कंट्रोल, कम्युनिकेशन, कंप्यूटर, इंटेलिजेंस, सर्विलांस और रिकोनिसेंस) सिस्टम होगा।
दुश्मन के खतरों को हवा में ही ढेर करने के लिए भारत कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स पर युद्धस्तर पर काम कर रहा है:
स्वदेशी S-400 (LRSAM): रूस की तर्ज पर लंबी दूरी का मिसाइल सुरक्षा कवच।
अनंत शस्त्र (QRSAM): कम ऊंचाई पर उड़ने वाले दुश्मन के ड्रोन्स को पलक झपकते नष्ट करने वाला सिस्टम।
मिसाइल अपग्रेड: अस्त्र, नाग और ध्रुवास्त्र मिसाइलों के मार्क-II वेरिएंट का विकास।
नौसेना सुरक्षा: समुद्र में 'एडवांस्ड टॉरपीडो' और 'इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर' सिस्टम की तैनाती।
22 अप्रैल 2025 के पहलगाम हमले के बाद शुरू हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' ने भारत की रक्षा प्राथमिकताओं को बदल दिया है। इसी का परिणाम है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के रक्षा बजट में अभूतपूर्व वृद्धि की गई है:
| विवरण | आंकड़े |
| कुल रक्षा बजट | ₹7.84 लाख करोड़ (15% की वृद्धि) |
| डिफेंस इन्वेस्टमेंट (आधुनिकीकरण) | ₹2,19,306.47 करोड़ |
| बजट में बढ़ोतरी (पिछले वर्ष की तुलना में) | 21.84% |
मुख्य फोकस: रक्षा बजट का एक बड़ा हिस्सा AI-हथियारों, साइबर सुरक्षा और स्वदेशी जेट इंजनों के निर्माण के लिए सुरक्षित रखा गया है ताकि भविष्य के युद्धक्षेत्र में भारत की बढ़त बनी रहे।