भारत और इंग्लैंड ICC सेमीफाइनल में 5वीं बार भिड़ने को तैयार हैं। जानें 1983 से 2024 तक के सभी मुकाबलों का रोमांच, रिकॉर्ड्स और भारत की जीत का लकी फैक्टर
By: Star News
Mar 03, 202612:00 PM
स्पोर्ट्स डेस्क. स्टार समाचार वेब
क्रिकेट की दुनिया के दो दिग्गज, भारत और इंग्लैंड, एक बार फिर ICC टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में आमने-सामने होने जा रहे हैं। यह पांचवीं बार है जब ये दोनों टीमें नॉकआउट चरण के इस अहम मोड़ पर भिड़ेंगी। अब तक के इतिहास में दोनों टीमों के बीच का मुकाबला 2-2 की बराबरी पर है, जिससे आगामी मैच और भी रोमांचक हो गया है।
भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के लिए एक दिलचस्प और सकारात्मक संयोग यह है कि जब भी भारत ने सेमीफाइनल में इंग्लैंड को धूल चटाई है, टीम इंडिया खिताब (Trophy) जीतने में सफल रही है।
1983 वनडे वर्ल्ड कप: भारत ने इंग्लैंड को सेमीफाइनल में हराया और चैंपियन बना।
2024 टी-20 वर्ल्ड कप: भारत ने इंग्लैंड को मात दी और विश्व विजेता बना।

मैचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड में खेले गए इस मैच में मेजबान इंग्लैंड की जीत तय मानी जा रही थी। लेकिन कपिल देव की कप्तानी में भारतीय गेंदबाजों ने इंग्लैंड को मात्र 213 रनों पर रोक दिया। मोहिंदर अमरनाथ और यशपाल शर्मा की संयमित पारियों और अंत में संदीप पाटिल के आक्रामक 51 रनों की बदौलत भारत ने 6 विकेट से जीत दर्ज की। इसी जीत ने भारत के पहले विश्व कप खिताब की नींव रखी।
मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में इंग्लैंड ने 1983 की हार का बदला लिया। ग्राहम गूच ने भारतीय स्पिनर्स के खिलाफ शानदार 'स्वीप' शॉट्स खेलते हुए 115 रनों की पारी खेली। भारत को जीत के लिए 255 रनों का लक्ष्य मिला था, लेकिन पूरी टीम 219 रनों पर सिमट गई। यह महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर का आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच भी था।
ऑस्ट्रेलिया के एडिलेड ओवल में भारतीय टीम को इंग्लैंड के हाथों शर्मनाक हार झेलनी पड़ी थी। भारत ने 168 रन बनाए थे, जिसमें विराट कोहली ने टी-20 में अपने 4000 रन पूरे किए। हालांकि, इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाजों जोस बटलर और एलेक्स हेल्स ने 170 रनों की नाबाद साझेदारी कर भारत को 10 विकेट से करारी शिकस्त दी।
गयाना के प्रोविडेंस स्टेडियम में भारत ने 2 साल पुराने एडिलेड के घावों पर मरहम लगाया। कप्तान रोहित शर्मा के अर्धशतक (57 रन) और अक्षर पटेल व कुलदीप यादव की घातक स्पिन गेंदबाजी (दोनों ने 3-3 विकेट लिए) के दम पर भारत ने इंग्लैंड को 103 रनों पर समेट दिया। भारत ने यह मैच 68 रनों से जीतकर न केवल फाइनल में प्रवेश किया, बल्कि बाद में खिताब भी जीता।