ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों से 'सुरक्षित रास्ता' देने के बदले मोटी रकम वसूलना शुरू किया है। वहीं, IRGC ने अमेरिकी F-35 फाइटर जेट को नुकसान पहुंचाने का दावा किया है।
By: Ajay Tiwari
Mar 20, 20263:43 PM
दुबई/तेहरान | स्टार समाचार वेब
मिडिल ईस्ट में जारी भीषण जंग के बीच अब समुद्र के रास्ते होने वाला वैश्विक व्यापार एक नए संकट में फंस गया है। 'लॉयड्स लिस्ट' (Lloyd's List) की एक चौंकाने वाली रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) से सुरक्षित गुजरने की अनुमति देने के बदले एक निजी तेल टैंकर कंपनी से 20 लाख डॉलर (लगभग 18 करोड़ रुपये) बतौर 'टैक्स' वसूले हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अपने समुद्री क्षेत्र में एक खास 'सुरक्षित मार्ग' (Safe Corridor) तैयार किया है।
रजिस्ट्रेशन सिस्टम: IRGC ने जहाजों के लिए एक नया रजिस्ट्रेशन सिस्टम शुरू किया है। केवल वे ही जहाज इस गलियारे का उपयोग कर सकते हैं जिन्हें ईरान से हरी झंडी मिली है।
सुरक्षा के बदले पैसा: एक निजी कंपनी से 18 करोड़ रुपये लिए जाने की खबर ने अंतरराष्ट्रीय जगत में हड़कंप मचा दिया है। हालांकि, यह जहाज किस देश का है, इसकी पहचान अभी गुप्त रखी गई है।
समुद्री मार्ग अवरुद्ध होने के कारण कई देशों की अर्थव्यवस्था दांव पर लगी है। रिपोर्ट के मुताबिक:
सीधी बातचीत: भारत, पाकिस्तान, इराक, मलेशिया और चीन जैसे देश अपने जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए सीधे ईरान के साथ कूटनीतिक बातचीत कर रहे हैं।
फंसे हुए भारतीय जहाज: भारत के 22 जहाज वर्तमान में होर्मुज और उसके आसपास के संकटग्रस्त इलाकों में फंसे हुए हैं।
जांच और कॉरिडोर: लॉयड्स लिस्ट इंटेलिजेंस ने बताया कि भारत का एक गैस टैंकर पहचान सुनिश्चित करने के लिए ईरान के लारक द्वीप के पास से गुजरा। अब तक विभिन्न देशों के 9 जहाज इस ईरानी कॉरिडोर का उपयोग कर चुके हैं।
सफलता: भारत का जहाज 'जग लाडकी' बुधवार को सफलतापूर्वक होर्मुज स्ट्रेट पार कर गुजरात तट पर सुरक्षित पहुंच गया है।
समुद्र के साथ-साथ आसमान में भी तनाव चरम पर है। IRGC ने दावा किया है कि उसने एक अमेरिकी F-35 फाइटर जेट को निशाना बनाया और उसे भारी नुकसान पहुँचाया है।
ईरान का दावा: IRGC ने एक वीडियो जारी कर जेट पर हमले का प्रमाण देने की कोशिश की है (हालांकि इस वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है)।
अमेरिका की स्वीकारोक्ति: अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने यह तो स्वीकार किया है कि उनके एक F-35 जेट को ईरान के ऊपर मिशन के दौरान 'इमरजेंसी लैंडिंग' करनी पड़ी, लेकिन हमले की पुष्टि नहीं की। विमान को फिलहाल मिडिल-ईस्ट के ही एक अज्ञात देश में सुरक्षित उतारा गया है।
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग है। यहाँ से प्रतिदिन दुनिया का लगभग 20% तेल और गैस गुजरता है।
यदि ईरान इसी तरह 'प्राइवेट टैक्स' वसूलना जारी रखता है, तो वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें $150 के पार जा सकती हैं।
बीमा कंपनियों ने इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों का प्रीमियम (War Risk Premium) कई गुना बढ़ा दिया है।
ईरान की यह नई रणनीति कूटनीतिक और सैन्य दबाव का एक हिस्सा मानी जा रही है। एक तरफ सुरक्षित मार्ग के नाम पर राजस्व जुटाना और दूसरी तरफ अमेरिकी वायुशक्ति को चुनौती देना, मिडिल ईस्ट की इस जंग को और अधिक जटिल बना रहा है। भारत के लिए अपने 22 जहाजों को सुरक्षित निकालना वर्तमान में सबसे बड़ी प्राथमिकता है।