ईरान में प्रदर्शनकारियों पर शिकंजा कसता जा रहा है। 26 वर्षीय इरफान सुल्तानी को आज फांसी दी जा सकती है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए 'मदद' का भरोसा दिया है। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

ईरान. स्टार समाचार वेब.
ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों ने अब एक बेहद संवेदनशील और हिंसक मोड़ ले लिया है। एक ओर जहां प्रदर्शनकारियों पर सरकारी कार्रवाई में मरने वालों का आंकड़ा हजारों में पहुंच गया है, वहीं दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद ईरानी प्रशासन पहली बार किसी प्रदर्शनकारी को मृत्युदंड देने की तैयारी में है।
ईरानी सरकार ने प्रदर्शनों को कुचलने के लिए अब फांसी का सहारा लेना शुरू कर दिया है। 26 वर्षीय प्रदर्शनकारी इरफान सुल्तानी को सरकार ने फांसी पर लटकाने का फैसला किया है। मानवाधिकार संगठनों ने आशंका जताई है कि आज (14 जनवरी, 2026) ही उसे फांसी दी जा सकती है। यह सजा हालिया विरोध प्रदर्शनों के बाद घोषित किए गए मृत्युदंडों की कड़ी में पहली कार्रवाई होगी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के इस कदम पर बेहद सख्त प्रतिक्रिया दी है। ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा, "मदद आ रही है।" उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रदर्शनकारियों को फांसी दी गई, तो अमेरिका ऐसी कड़ी कार्रवाई करेगा जिसे दुनिया ने पहले कभी नहीं देखा होगा। ट्रंप ने ईरान में मौजूद सभी अमेरिकी नागरिकों को तत्काल देश छोड़ने की सलाह दी है।
ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणा की है कि जो भी देश ईरान के साथ व्यापारिक संबंध रखेगा, उस पर अमेरिका 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगाएगा। जहां ट्रंप ने ईरानी प्रदर्शनकारियों को 'सच्चा देशभक्त' बताया है, वहीं रूस ने इस नीति की कड़ी निंदा की है। रूस का कहना है कि अमेरिका को ईरान के आंतरिक मामलों में दखल देना बंद करना चाहिए।
ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी (HRANA) के अनुसार, ईरान में जारी हिंसा में अब तक 2,571 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
प्रदर्शनकारी: 2,403
सरकारी सुरक्षाकर्मी: 147
बच्चे: 12
हिरासत में लिए गए लोग: 18,100 से अधिक
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली लारीजानी ने इन आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर ट्रंप और इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू को ईरान के लोगों का मुख्य हत्यारा करार दिया। लारीजानी ने स्पष्ट किया कि ईरान अपने आंतरिक सुरक्षा फैसलों पर किसी विदेशी दबाव को स्वीकार नहीं करेगा।
ईरान के निर्वासित युवराज रेजा पहलवी ने ईरानी जनता का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि दुनिया अब उनकी आवाज सुन रही है। उन्होंने कहा कि सरकार और जनता के बीच अब 'खून का दरिया' बह रहा है। पहलवी ने प्रदर्शनकारियों से उन अधिकारियों के नाम सुरक्षित रखने को कहा है जो इस नरसंहार में शामिल हैं, ताकि भविष्य में उन्हें सजा दिलाई जा सके।
क्षेत्रीय तनाव को देखते हुए कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने मध्यस्थता की कोशिश की है। उन्होंने ईरानी सुरक्षा अधिकारियों से फोन पर बात कर तनाव कम करने और शांतिपूर्ण समाधान निकालने की अपील की है।
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