पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में जुमे की नमाज के दौरान इमामबाड़ा खदीजत-उल-कुबरा में आत्मघाती हमला। 15 लोगों की मौत और 80 घायल। शहर में इमरजेंसी लागू। पढ़ें पूरी खबर।

पाक:'खदीजत-उल-कुबरा' इमामबाड़े में एक भीषण आत्मघाती हमला हुआ
इस्लामाबाद। स्टार समाचार वेब
पाकिस्तान की राजधानी शुक्रवार को उस वक्त दहल उठी जब तरलाई क्षेत्र स्थित 'खदीजत-उल-कुबरा' इमामबाड़े में एक भीषण आत्मघाती हमला हुआ। यह हमला उस समय किया गया जब मस्जिद के भीतर बड़ी संख्या में अकीदतमंद जुमे की नमाज के लिए एकत्रित थे। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, धमाके में अब तक 69 लोगों की मोत हो गई है और 169 से ज्यादा जख्मी हैं।

स्थानीय मीडिया के अनुसार, हमलावर का संबंध आतंकी गुट 'फितना अल-ख्वारिज' से बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, जब सुरक्षाकर्मियों ने संदिग्ध हमलावर को मुख्य द्वार पर रोकने का प्रयास किया, तो उसने स्वयं को बम से उड़ा लिया। धमाका इतना जोरदार था कि आसपास की इमारतों के शीशे टूट गए और पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई।
यह हमला उस संवेदनशील समय पर हुआ है जब उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव पाकिस्तान के दो दिवसीय राजकीय दौरे पर हैं। घटना के तुरंत बाद इस्लामाबाद प्रशासन ने पूरे शहर में आपातकाल (Emergency) घोषित कर दिया है। सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर दी है और फोरेंसिक टीमें साक्ष्य जुटाने में लगी हैं।

धमाके के शिकार हुए लोगों को तुरंत 'पिम्स' (PIMS) और पॉलीक्लिनिक अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। अस्पतालों में चिकित्सा आपातकाल लागू कर दिया गया है और छुट्टी पर गए डॉक्टरों को भी तुरंत ड्यूटी पर बुला लिया गया है। घायलों में कई की स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई है, जिससे मृतक संख्या बढ़ने की आशंका है।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

आहत जनता को राहत...निचले स्तर पर आई थोक महंगाई

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। अबू धाबी स्थित 'बाराकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट' (Barakah Nuclear Power Plant) के बाहरी हिस्से में एक ड्रोन हमले के बाद आग लग गई।
ईरान संकट के बीच 20 हजार टन LPG लेकर मार्शल आइलैंड्स का टैंकर 'सिमी' सुरक्षित गुजरात के कांडला पोर्ट पहुंचा। जानिए होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा और मिडिल ईस्ट जंग से जुड़े 5 बड़े अपडेट्स।
मेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया चीन दौरे के बाद एक चौंकाने वाला दावा सामने आया है। सोशल मीडिया और कई रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने चीन से मिले सभी गिफ्ट, बैज, फोन और दूसरे सामान ट्रंप के विमान एयर फोर्स वन में चढ़ने से पहले डस्टबिन में फेंक दिए।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन दौरे से लौटने के बाद बड़ा दावा किया है। ट्रंप ने कहा कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी मानते हैं कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए और होर्मुज स्ट्रेट खुला रहना जरूरी है। तीन दिवसीय चीन यात्रा के बाद एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा कि उन्होंने शी जिनपिंग के साथ ईरान, ताइवान और पश्चिम एशिया की स्थिति पर लंबी चर्चा की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अबू धाबी यात्रा के दौरान भारत और यूएई के बीच रक्षा, ऊर्जा और सुपरकंप्यूटर सहित 7 समझौतों पर हस्ताक्षर हुए।
जापान के उत्तरी हिस्से में शुक्रवार को 6.3 तीव्रता का तेज भूकंप आया। मियागी प्रांत के पास आए इस भूकंप के बाद सुनामी का कोई खतरा नहीं है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चीन दौरे के बाद वैश्विक राजनीति गरमा गई है। अब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन खुद चीन जाकर शी जिनपिंग से इस महामुलाकात का सच जानेंगे। जानिए क्रेमलिन ने क्या कहा।
ओमान के पास गुजरात का मालवाहक जहाज MSV हाजी अली संदिग्ध हमले के बाद डूब गया। 14 क्रू मेंबर्स सुरक्षित। हफ्ते भर में गुजरात के दूसरे जहाज पर हमला।
युद्ध केवल सैन्य मोर्चे तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके आर्थिक (ईंधन संकट), सामरिक (अमेरिकी इनाम) और राजनयिक (सऊदी-ईरान तल्खी) परिणाम वैश्विक स्तर पर महसूस किए जा रहे हैं।
अमेरिका ने ईरान की IRGC के वित्तीय नेटवर्क और अवैध तेल कारोबार को निशाना बनाते हुए 1.5 करोड़ डॉलर के इनाम की घोषणा की है। जानें ट्रंप प्रशासन की नई 'आर्थिक प्रहार' नीति के बारे में।