इजरायल ने सीजफायर के बावजूद लेबनान पर हमले किए, जिसमें 5 लोगों की मौत। स्विट्जरलैंड में शांति वार्ता के लिए अमेरिकी और ईरानी दूतों का जमावड़ा। विस्तार से पढ़ें।

मध्य-पूर्व का संकट एक बार फिर एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है जहाँ शांति की उम्मीदें और युद्ध की विभीषिका आमने-सामने हैं। इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच शुक्रवार को सीजफायर (युद्धविराम) पर सहमति बनने की खबरों ने दुनिया भर में राहत की सांस दी थी, लेकिन शनिवार की सुबह ने इन उम्मीदों को करारा झटका दिया। संघर्ष विराम के बावजूद, इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने दक्षिणी लेबनान के विभिन्न हिस्सों में हवाई हमले और तोपखाने से गोलाबारी तेज कर दी है। इन हमलों ने न केवल मानवीय संकट को गहरा कर दिया है, बल्कि क्षेत्रीय शांति की जटिलताओं को भी उजागर किया है।

टाइम्स ऑफ इजरायल और लेबनान की आधिकारिक समाचार एजेंसी (NNA) की रिपोर्टों के अनुसार, शनिवार को इजरायली लड़ाकू विमानों और ड्रोन ने दक्षिणी लेबनान के नबातिएह (Nabatieh) क्षेत्र को अपना निशाना बनाया। सुबह के समय हुई इन भीषण बमबारी में रिहायशी इमारतों और आम नागरिकों के घरों को निशाना बनाया गया। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, इन हमलों में कम से कम 5 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है क्योंकि मलबे के नीचे दबे लोगों की तलाश का काम जारी है। इजरायली सेना ने केवल हवाई हमलों तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि तोपखाने (Artillery) का उपयोग करते हुए लेबनान की सीमावर्ती बस्तियों में गोलाबारी की। यह सैन्य कार्रवाई सीजफायर के दावों के बाद भी इजरायल के उस कड़े रुख को दर्शाती है, जिसमें वे 'आत्मरक्षा' के अधिकार का हवाला देते रहे हैं। नबातिएह के स्थानीय लोगों के अनुसार, अचानक हुए इन हमलों ने सीजफायर के उन दावों को खोखला साबित कर दिया है, जो एक दिन पहले ही अंतरराष्ट्रीय मंचों पर किए गए थे। बुनियादी ढांचों के ध्वस्त होने से मानवीय सहायता पहुंचाने में भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
युद्ध के मैदान में जहाँ बम और बारूद की गूँज है, वहीं कूटनीतिक गलियारों में शांति का नया खाका तैयार किया जा रहा है। CNN और अन्य अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच हुए हालिया शांति समझौते को आगे बढ़ाने और उसकी शर्तों को अंतिम रूप देने के लिए एक उच्च-स्तरीय वार्ता स्विट्जरलैंड में आयोजित की जा रही है।
स्टीव विटकॉफ (Steve Witkoff): अमेरिकी राष्ट्रपति के विशेष दूत के रूप में स्टीव विटकॉफ शनिवार को स्विट्जरलैंड के लिए रवाना हो गए हैं। उन्हें इस पूरे मध्यस्थता मिशन का नेतृत्व सौंपा गया है।
जेरेड कुशनर (Jared Kushner): अमेरिकी राष्ट्रपति के दामाद और पूर्व मध्य-पूर्व सलाहकार जेरेड कुशनर के भी इस वार्ता में शामिल होने की खबर है। कुशनर का इतिहास 'अब्राहम समझौते' (Abraham Accords) के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का रहा है, जिससे इस बातचीत में किसी ठोस नतीजे की उम्मीद बढ़ गई है।
ईरान का रुख: एक्सियोस (Axios) की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी शनिवार को स्विट्जरलैंड पहुंच रहे हैं। ईरान की उपस्थिति यह दर्शाती है कि तेहरान अब एक कूटनीतिक समाधान खोजने के लिए गंभीर है, ताकि क्षेत्रीय तनाव को कम किया जा सके।
सीजफायर के दावों के बावजूद हमलों का जारी रहना यह स्पष्ट करता है कि इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच भरोसे की भारी कमी है। विश्लेषकों का कहना है कि इजरायल का मानना है कि जब तक लेबनान की सीमा पर हिजबुल्लाह की सैन्य ताकत पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाती, तब तक सीजफायर केवल एक सामरिक विराम मात्र है। लेबनान में जारी संघर्ष को ईरान के बढ़ते प्रभाव और इजरायल की सुरक्षा चिंताओं के बीच एक 'प्रॉक्सी युद्ध' के रूप में देखा जा रहा है। अमेरिका पर भारी दबाव है कि वह इजरायल और ईरान के बीच मध्यस्थता कर इस जलते हुए क्षेत्र में शांति बहाल करे।
शनिवार की घटनाएं यह साबित करती हैं कि युद्ध को रोकने के लिए केवल कागजी समझौते पर्याप्त नहीं हैं। जमीन पर हिंसा का जारी रहना एक कड़वी सच्चाई है। स्विट्जरलैंड में हो रही वार्ता अगर सफल रहती है, तो यह मध्य-पूर्व के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकती है। हालांकि, इसमें इजरायल की सुरक्षा आवश्यकताओं और ईरान के क्षेत्रीय हितों के बीच संतुलन बिठाना एक बड़ी चुनौती होगी।
दुनिया अब स्विट्जरलैंड से आने वाली खबरों की प्रतीक्षा कर रही है, क्योंकि यह केवल दो देशों का भविष्य नहीं, बल्कि पूरे विश्व की आर्थिक और राजनीतिक स्थिरता को प्रभावित करने वाला मुद्दा है।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
न्यूयॉर्क में UN जनरल असेंबली के दौरान अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थों के जरिए करीब 3 घंटे बातचीत हुई। डोनाल्ड ट्रम्प की धमकी और ईरान की शर्तों के साथ पूरी खबर विस्तार से पढ़ें।
न्यूयॉर्क में UNGA के दौरान भारत और V4 देशों की पहली उच्च स्तरीय बैठक हुई। स्लोवाकिया ने UNSC में भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन किया।
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेन्ट की चेतावनी, ईरानी एयरलाइंस का अंतरराष्ट्रीय संचालन इस सप्ताह हो सकता है बंद। डॉलर सिस्टम से बाहर करने की धमकी और वैश्विक असर
व्हाइट हाउस ने 24 घंटे का स्ट्रीमिंग चैनल 'TRUMP TV' लॉन्च किया है। दूसरी ओर, मीडिया प्रतिबंध के खिलाफ सीएनएन और पोलिटिको ने कोर्ट में मुकदमा दायर किया है।
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने देश के शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़े सुधारों को लेकर एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने घोषणा की है कि इटली के स्कूलों में जल्द ही बुर्का और नकाब पहनने पर पूरी तरह से रोक लगाई जाएगी।
रूस में संसदीय चुनाव के आखिरी दिन मॉस्को पर सैकड़ों ड्रोन से हमला हुआ, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई। राष्ट्रपति पुतिन के लिए यह चुनाव यूक्रेन युद्ध की नीतियों की अग्निपरीक्षा माना जा रहा है।
पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान की बहन अलीमा खानुम को लाहौर से गिरफ्तार कर लिया गया है। 27 सितंबर को होने वाले PTI प्रदर्शन से पहले पुलिस की इस कार्रवाई और ताजा हालात की पूरी जानकारी पढ़ें।
मिडिल-ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर सैन्य तनाव गहराता दिख रहा है। बिगड़ते हालात को देखते हुए अमेरिका ने क्षेत्र में स्थित अपने दूतावासों और नागरिकों के लिए हाई सुरक्षा अलर्ट जारी किया है।
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वां में जुमे की नमाज के दौरान पुलिस लाइन के पास मस्जिद में जोरदार धमाका। आत्मघाती हमले में 15 लोगों की मौत और 30 घायल।