जबलपुर क्राइम ब्रांच ने माढ़ोताल में 4,800 बोतल प्रतिबंधित कफ सीरप जब्त की है। उत्तराखंड से दमोह भेजी जा रही इस नशीली दवा के मामले में मेडिकल संचालक और डीलर पर मामला दर्ज।

जबलपुर। स्टार समाचार वेब
मध्य प्रदेश के जबलपुर में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ क्राइम ब्रांच और माढ़ोताल थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। संयुक्त टीम ने कटंगी रोड स्थित एक ट्रांसपोर्ट हब पर दबिश देकर 40 कार्टूनों में भरी 4,800 बोतल प्रतिबंधित कोडीन युक्त कफ सीरप जब्त की है। पुलिस ने इस मामले में देहरादून के फार्मासिस्ट और दमोह के एक मेडिकल संचालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
क्राइम ब्रांच को गोपनीय सूचना मिली थी कि कटंगी रोड स्थित वीआरएल ट्रांसपोर्ट में भारी मात्रा में नशीली दवाओं की खेप उतारी गई है। इस जानकारी पर माढ़ोताल पुलिस और खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) की टीम ने मौके पर छापा मारा। जाँच के दौरान वहां 40 पेटी 'मैक्का-टस' कफ सीरप बरामद हुई।
प्रारंभिक जाँच में पता चला है कि यह खेप उत्तराखंड के देहरादून से हिमांशु झा नामक व्यक्ति ने भेजी थी। इसकी डिलीवरी दमोह जिले के जबेरा स्थित 'मेसर्स सचिन मेडिकोज' को दी जानी थी। जांच टीम ने जब सचिन मेडिकोज के संचालक से संपर्क किया, तो उसने 16 फरवरी को माल रिसीव करने की बात कही। पुलिस के अनुसार, यदि कार्रवाई में एक दिन की भी देरी होती, तो यह खेप बाजार में खप जाती।
ड्रग निरीक्षक देवेंद्र जैन ने बताया कि कोडीन युक्त कफ सीरप का उपयोग बड़े पैमाने पर नशे के लिए किया जा रहा है। शासन के नियमों के अनुसार कोई भी थोक विक्रेता एक माह में 1,000 बोतल से अधिक नहीं बेच सकता। फुटकर विक्रेता को महीने में अधिकतम 50 बोतल ही दी जा सकती हैं। बिना डॉक्टर के पर्चे के इसकी बिक्री प्रतिबंधित है।
इस मामले में इन सभी नियमों को ताक पर रखकर दवाओं की इतनी बड़ी मात्रा भेजी गई थी। पुलिस ने देहरादून के हिमांशु झा (मैक्काक्योर फार्मासिस्ट) और दमोह के सचिन मेडिकोज के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर आगे की तफ्तीश शुरू कर दी है।

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