कमला हैरिस ने डोनाल्ड ट्रंप पर बड़ा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि ईरान के साथ युद्ध एपस्टीन फाइल्स से ध्यान भटकाने की चाल है। जानें क्यों हैरिस ने ट्रंप प्रशासन को बताया सबसे भ्रष्ट।

कमला हैरिस (फाइल)
वाशिंगटन। स्टार समाचार वेब
वाशिंगटन में जारी राजनीतिक उठापटक के बीच कमला हैरिस ने एक सनसनीखेज आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ सैन्य टकराव और 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' (Operation Epic Fury) जैसे अभियानों का इस्तेमाल केवल इसलिए कर रहे हैं ताकि जनता का ध्यान एपस्टीन फाइल्स से जुड़े विवादों से भटकाया जा सके। हैरिस के अनुसार, जब भी ट्रंप प्रशासन किसी बड़े आंतरिक विवाद या भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरता है, तो वह युद्ध जैसी स्थितियों को ढाल बनाकर असली मुद्दों को ठंडे बस्ते में डाल देता है। उनके मुताबिक, यह अमेरिकी जनता को गुमराह करने की एक खतरनाक रणनीति है।
अमेरिका मीडया में कहा गया है हैरिस ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति ट्रंप को इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपनी जिद के कारण ईरान के साथ सीधे सैन्य संघर्ष में धकेल दिया है। हैरिस का मानना है कि यह युद्ध अमेरिका की जरूरत नहीं बल्कि व्यक्तिगत हितों और ताकत दिखाने की एक खतरनाक होड़ है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अमेरिकी जनता इस जंग के पक्ष में नहीं है, लेकिन इसके बावजूद ट्रंप प्रशासन देश को एक ऐसे विनाशकारी मोड़ पर ले जा रहा है, जिसकी भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है।
मिशिगन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कमला हैरिस का गुस्सा चरम पर दिखा। उन्होंने ट्रंप प्रशासन को अमेरिकी इतिहास का "अब तक का सबसे भ्रष्ट, बेरहम और अयोग्य प्रशासन" करार दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि मौजूदा नेतृत्व अपनी मर्जी से सेना का उपयोग कर रहा है, जो न केवल लोकतंत्र के लिए खतरा है बल्कि सेना की गरिमा के भी खिलाफ है। हैरिस ने कहा कि ट्रंप की "अमेरिका फर्स्ट" की नीतियों ने वास्तव में अमेरिका को वैश्विक मंच पर अकेला कर दिया है, जिससे पुराने और भरोसेमंद सहयोगियों के बीच देश की साख कमजोर हुई है।
कमला हैरिस ने केवल विदेश नीति ही नहीं, बल्कि घरेलू मोर्चे पर भी सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि ट्रंप अंतरराष्ट्रीय नियमों और संप्रभुता का सम्मान नहीं करते, जिससे वैश्विक व्यवस्था चरमरा रही है। इसके साथ ही उन्होंने अर्थव्यवस्था की बदहाली, स्वास्थ्य सेवाओं के गिरते स्तर और महिलाओं के अधिकारों के हनन पर भी सरकार को घेरा। हैरिस ने विश्वास जताया कि आने वाले मध्यावधि चुनावों में अमेरिकी जनता इस बदलाव के पक्ष में वोट देगी और डेमोक्रेटिक पार्टी एक मजबूत विकल्प के रूप में उभरकर सामने आएगी।

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