भोपाल के केरवा डैम (1980) का 50 साल पुराना फुटब्रिज ढहने के बाद, जलसंसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने ₹5 करोड़ से 5 महीने में पुनर्निर्माण के आदेश दिए हैं। जानें लापरवाही की जांच और प्रदेश के सभी पुराने बांधों की जांच के निर्देश।

भोपाल. स्टार समाचार वेब
भोपाल के लगभग 50 साल पुराने केरवा डैम के क्षतिग्रस्त फुटब्रिज (स्लैब) का 5 करोड़ रुपये की लागत से बारिश से पहले पुनर्निर्माण किया जाएगा। 11 नवंबर को फुटब्रिज का एक बड़ा हिस्सा अचानक गिर गया था, हालांकि गनीमत रही कि हादसे के वक्त कोई व्यक्ति वहां मौजूद नहीं था, जिससे बड़ी जनहानि टल गई। यह डैम भोपाल के कोलार इलाके में पानी की सप्लाई के लिए महत्वपूर्ण है।

त्वरित कार्रवाई और कड़े निर्देश
हादसे के तुरंत बाद जलसंसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने मौके का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने तत्काल सुधार कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं। विभाग के अधिकारियों ने गुरुवार को फिर से क्षतिग्रस्त हिस्से का निरीक्षण किया और एक सप्ताह के भीतर काम शुरू करने की योजना है। मंत्री सिलावट ने आदेश दिया है कि सुधार कार्य का प्राक्कलन एक सप्ताह में तैयार हो और अगले 5 महीने में काम पूरा कर लिया जाए, जिसकी अनुमानित लागत करीब 5 करोड़ रुपये होगी।
लापरवाही की जांच और विस्तृत मरम्मत
मंत्री सिलावट ने फुटब्रिज के क्षतिग्रस्त होने के कारणों की विस्तृत जांच कराने के भी आदेश दिए हैं। डैम पर कुल 8 ऑटोमैटिक टिलटिंग गेट लगे हैं। मौके पर की गई पड़ताल में सामने आया है कि 3 गेटों के ऊपर का स्लैब गिरने के बावजूद, बाकी हिस्सों की हालत भी जर्जर है। कई जगहों पर सरिये बाहर निकलकर सड़ चुके हैं और प्लास्टर उखड़ गया है, जिससे बाकी ब्रिज की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े होते हैं।
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, जलसंसाधन मंत्री सिलावट ने न केवल क्षतिग्रस्त हिस्से, बल्कि सभी स्लैबों और गेटों का पुन: निर्माण करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा, उन्होंने प्रदेश के सभी पुराने बांधों की सुरक्षा और स्थिति की भी जांच कराने के आदेश दिए हैं, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके। अधिकारियों को हर महीने जलसंसाधन मंत्री को प्रगति रिपोर्ट सौंपनी होगी, जो कार्य में पारदर्शिता और तेज़ी सुनिश्चित करेगा।
केरवा डैम का निर्माण 1975 में शुरू हुआ था और 1980 में पूरा हुआ था। यह भोपाल के भदभदा डैम के बाद बनाया गया था।

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