चित्रकूट में लगातार बारिश के कारण मंदाकिनी नदी का जलस्तर 30 फीट तक बढ़ गया है, जिससे रामघाट और आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। गुप्त गोदावरी गुफा बंद कर दी गई है, आरोग्यधाम का रपटा डूब गया है और दर्जनों मकानों व दुकानों में पानी भर गया है। डीआरसी और क्यूआरटी टीमें अलर्ट पर हैं।

आपदा से निपटने चित्रकूट में डीआरसी की पांच सदस्यीय टीम तैनात
सतना, स्टार समाचार वेब
चित्रकूट में शनिवार की सुबह से हुई लगातार बारिश के कारण मंदाकिनी नदी का जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है। नदी का जलस्तर करीब 30 फीट तक बढ़ गया जिससे सूपी की तरफ रामघाट की दुकानों में पानी घुस गया तो सतना तरफ सीढ़ीयां डूब गईं। शनिवार को दिनभर मंदाकिनी नदी विकराल रूप धारण किए रही। हालांकि देर रात से मंदाकिनी के जल स्तर में लगातार गिरावट देखी गई। आपदा की स्थित से निपटने के लिए डीआरसी की पांच सदस्यी टीम चित्रकूट में तैनात की गई है,जबकि ‘क्यूआरटी’ टीम को ‘रेडी टू मूव’ की स्थिति में रखा गया है।
गुप्त गोदावरी गुफा बंद कराई गई
इतना ही नहीं पहाड़ोंं से आए पानी की वजह से गुप्त गोदावरी में भी जल भराव की स्थिति है। कोई हादसा न हो इसके लिए एतिहातन नगर पंचायत ने गुप्त गोदावरी गुफा को फिलहाल बंद करा दिया है।
चेतावनी बोर्ड लगाया गया
जल भराव और मंदाकिनी में आई बाढ़ को देखते हुए नगर पंचायत ने किसी भी स्थिति से निपटने के लिए कंट्रोल रूम बनाया है। जल भराव वाले क्षेत्रों में चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं, लोग उन क्षेत्रों में न जाएं इसके लिए बैरीकेटिंग की गई है।
आरोग्यधाम का रपटा बंद कराया गया
चित्रकूट नगर के कई इलाकों में जल भराव की स्थिति है, आरोग्यधाम रपटा के ऊपर से भी पानी का बहाव है जिसे देखते हुए नगर पंचायत चित्रकूट ने आरोग्यधाम रपटे का रास्ता बंद करा दिया गया है, इतना ही नहीं नगर पंचायत क्षेत्र के तुलसीनगर मार्ग में कई दुकानों में पानी घुसने की खबर है।
घरों व दुकानों में घुसा पानी
मंदाकिनी नदी में बाढ़ के चलते आरोग्यधाम मैथिली शरण गली रामघाट के किनारे बसे लगभग एक सैकड़ा दुकानों व मकानों के अंदर पानी घुस चुका है। इस भयावह स्थित के लिए काफी हद तक चित्रकूट में विकास के नाम पर कराए गए अव्यवस्थित कार्य काफी जिममेदार हैं। चित्रकूट में करोड़ों रुपए की लागत से विकास की गंगा बहाई गई है,शासन ने सड़क निर्माण,नाली निर्माण, परिक्रमा सौन्दर्यीकरण का कार्य कराया है। चित्रकूट में विकास का प्रवाह समूचे चित्रकूट में दिखने लगा है। मां मंदाकिनी गंगा आरती स्थल में जल भराव की स्थित बनी है।
हर 15 मिनट में ली जा रही रिपोर्ट
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी में आई बाढ को देखते हुए जिला मुख्यालय से हर 15 मिनट मे रिपोर्ट चित्रकूट में तैनात डीआरसी से होमगार्ड कमांडेंट सुनीत मिश्र द्वारा लिया जा रहा है। ताकि आपदा की किसी भी स्थिति से निपटने में कोई दिक्कत न आए। बताया जाता है कि बरसात तक के लिए चित्रकूट में तैनात की गई डीआरसी के जवानों को दो नाव भी बचाव कार्य के लिए उपलब्ध कराए गए हैं।
इस साल पहली बार
बताया जा रहा है कि लगातार बारिश मंदाकिनी नदी में बाढ़ का कारण बन रही है। यह 2025 में पहली बार है जब नदी में बाढ़ आई है। आरोग्यधाम के पास का पुल पूरी तरह डूब गया है। यातायात बंद हो चुका है। गुप्त गोदावरी गुफा में भी पानी बढ़ने के कारण यात्रियों का आवागमन रोक दिया गया है।
‘रेडी टू मूव’ की स्थिति में ‘क्यूआरटी’ टीम
बाढ़ की आपदा से निपटने के लिए होमगार्ड की पूरी टीम तैयार है। पिछले कुछ दिनों से हो रही लगातार बारिश को देखते हुए टीम को पिछले सात दिनों से अलर्ट पर रखा गया है जबकि बाढ़ की आपदा से निपटने के लिए ‘क्यूआरटी’को ‘रेडी टू मूव’ की स्थिति में रखा गया है। जिले में बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए डीआरसी की पांच टीमें, क्यूआरटी की तीन एवं एसटीआरएफ की एक टीम तैनात है। डीआरसी की जो पांच टीमें जिले में तैनात हैं उनमें एक पांच सदस्यीय टीम चित्रकूट में , एक टीम सिंहपुर में, एक नागौद में, एक बिरसिंहपुर में और एक टीम माधवगढ़ (कोलगवां) है। बताया जाता है कि बाढ़ आपदा से निपटने का जिला स्तर पर पहला काम डीआरसी करती है, इसके बाद क्यूआरटी को अलर्ट मोड पर रखा जाता है। जब हालात और बिगड़ते हैं तो एसडीआरएफ की मदद ली जाती हैे।

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