मध्यप्रदेश में सीएम डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में 'नगर वन योजना' सतत शहरी विकास का मॉडल बन रही है। प्रदेश में 3141 हेक्टेयर क्षेत्र में 94 नगर वन और वाटिकाएं विकसित की गई हैं, जो आधुनिक सुविधाओं और इको-टूरिज्म का केंद्र हैं।

नगर वन योजना: शहरी विकास का मॉडल
मध्यप्रदेश में 3141 हेक्टेयर में विकसित हुए 94 नगर वन
सीएम डॉ. मोहन यादव ने बताया शहरों का ग्रीन ब्लूप्रिंट
भोपाल । स्टार समाचार वेब
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में हरित एवं सतत शहरी विकास को एक नई और प्रभावी दिशा मिली है। तेजी से बढ़ते शहरीकरण, घटते हरित आवरण और बढ़ते पर्यावरणीय दबावों के बीच वन विभाग द्वारा संचालित ‘नगर वन योजना’ शहरों को प्राकृतिक हरियाली से जोड़ने का एक सशक्त ब्लू-प्रिंट साबित हो रही है। इस योजना को एक जन-आंदोलन का रूप देकर जन-भागीदारी आधारित मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है, जो शहरी विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच आदर्श संतुलन स्थापित कर रहा है।
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा वर्ष 2020 में शुरू की गई इस योजना के तहत मध्यप्रदेश में अब तक 94 नगर वन एवं नगर वाटिकाओं के विकास को मंजूरी मिल चुकी है। लगभग 3141 हेक्टेयर के विशाल क्षेत्रफल में फैले ये नगर वन प्रदेश के विभिन्न वन वृत्तों और जिलों में हरित अवसंरचना (Green Infrastructure) का एक मजबूत नेटवर्क तैयार कर रहे हैं। इनका मुख्य उद्देश्य शहरों में ऑक्सीजन का स्तर बढ़ाना, वायु प्रदूषण कम करना, शहरी तापमान को नियंत्रित करना और जैव-विविधता का संरक्षण करना है।
यह योजना केवल पारंपरिक पौध-रोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक नगर वन को स्थानीय भौगोलिक और सामाजिक आवश्यकताओं के अनुरूप अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। इन वनों में नागरिकों के लिए निम्नलिखित प्रमुख सुविधाएं विकसित की गई हैं:
इंफ्रास्ट्रक्चर: भव्य एंट्री गेट, वॉकिंग ट्रैक, आर.सी.सी. सड़कें, ब्रिज, पानी की टंकियां और टॉइलेट्स।
रोमांच और मनोरंजन: व्यू-पॉइंट्स, वॉच टॉवर, किड्स जोन, जिप लाइन और नेचर ट्रेल।
विशेष वाटिकाएं: मियावाकी तकनीक से सघन पौधरोपण, बटरफ्लाई गार्डन, नक्षत्र वाटिका और औषधीय पौधों के विशेष क्षेत्र।
जल एवं मृदा संरक्षण: तालाब, जल संरचनाएं, गेबियन संरचनाएं और नमी संरक्षण कार्य।
प्रदेश के प्रमुख शहरों और जिला मुख्यालयों के समीप विकसित किए जा रहे ये क्षेत्र अब स्थानीय नागरिकों, विद्यार्थियों और पर्यटकों के लिए इको-टूरिज्म के बड़े केंद्र बन चुके हैं....
भोपाल: जैतपुर और लहारपुर नगर वन
उज्जैन: नीलगंगा नगर वन
इंदौर: देवगुराड़िया और आई.आई.टी. क्षेत्र के नगर वन
जबलपुर: शंकरगढ़ हिल्स नगर वन
अन्य जिले: देवास (कैलाशनगर-बागली), नरसिंहपुर (नर्मदा खेल पार्क), मंडला (मंडलेश्वर) सहित उमरिया, नीमच, श्योपुर, सागर, खंडवा, खरगोन, आलीराजपुर, बैतूल और छिंदवाड़ा।
‘नगर वन योजना’ की सबसे बड़ी ताकत आम जनता का जुड़ाव है। वन विभाग द्वारा समय-समय पर आयोजित होने वाले वृक्षारोपण अभियानों, प्रकृति भ्रमण और छात्र गतिविधियों ने इसे जन-आंदोलन बना दिया है। ‘हरित सेवा का श्रम अभियान’ और ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान 2.0 के तहत व्यापक स्तर पर जन-प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, युवाओं और महिलाओं ने पौध-रोपण कर पर्यावरण के प्रति अपने भावनात्मक जुड़ाव को प्रदर्शित किया है।
नगर वन अब केवल हरित क्षेत्र नहीं बल्कि नागरिकों की जीवन शैली और स्वास्थ्य सुधार के बड़े केंद्र बनकर उभरे हैं। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रदेश के अनेक नगर वनों में ‘हरित योग’ कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। प्राकृतिक और शुद्ध वातावरण में किए जा रहे योग एवं ध्यान ने नागरिकों को स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के प्रति और अधिक जागरूक बनाया है। यह मॉडल आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रकृति संरक्षण का एक मजबूत आधार तैयार कर रहा है।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 2-3 अक्टूबर को भोपाल दौरे पर रहेंगे। वे भेल मैदान में गोपालक सम्मेलन, नए आपराधिक कानूनों की प्रदर्शनी और IISER परिसर का शिलान्यास करेंगे।
मध्य प्रदेश भाजपा के नए प्रभारी बिप्लब कुमार देब ने भोपाल में कोर कमेटी और पदाधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने नेताओं के स्वागत में जेसीबी से फूल बरसाने पर रोक लगाने और 3 महीने के भीतर गुटबाजी खत्म करने के निर्देश दिए हैं।
मध्यप्रदेश में शिक्षकों का आंदोलन हुआ उग्र। टीईटी अनिवार्यता, ई-अटेंडेंस और वरिष्ठता जैसी 3 सूत्रीय मांगों को लेकर भोपाल के नीलम पार्क में प्रदर्शन। 2 अक्टूबर को प्रदेशभर में होगा उपवास और सत्याग्रह।
उज्जैन शाही मस्जिद विवाद पर जमीयत उलमा मप्र के अध्यक्ष हाजी मोहम्मद हारून ने कोर्ट में तथ्य छिपाने, सड़क चौड़ीकरण के लिए तीन फीट जमीन के वैकल्पिक उपायों और गिरफ्तारियों पर तीखे सवाल उठाए हैं।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने राज्य के विकास कार्यों, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 और 'सेवा संकल्प अभियान' की जानकारी दी।
इंदौर के भागीरथपुरा दूषित पेयजल मामले में आयोग की रिपोर्ट सामने आ गई है। लापरवाही और देरी के कारण 36 से अधिक लोगों की मौत के लिए 8 अधिकारियों को दोषी ठहराया गया है, जबकि जनप्रतिनिधियों को क्लीन चिट मिल गई है।
मध्य प्रदेश में नशे के अवैध कारोबार पर लगाम कसने के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सख्त निर्देश दिए हैं। स्कूल-कॉलेजों के आसपास निगरानी, हॉट स्पॉट की पहचान और हेल्पलाइन नंबर जैसी अहम जानकारियों के साथ पूरी रिपोर्ट पढ़ें।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के जगला गांव का दौरा किया। उन्होंने कुपोषण और मलेरिया से जान गंवाने वाले आदिवासी बच्चों के परिवारों से मुलाकात कर उनका हाल जाना।
मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2028 में होने हैं। चुनाव में अभी दो वर्ष से अधिक का समय बाकी है, लेकिन कांग्रेस अभी से तैयारी में जुट गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी एक पखवाड़े के भीतर दूसरी बार मध्य प्रदेश आ रहे हैं। वह आज बालाघाट के बैहर विकासखंड के जागला गांव में कुपोषण, मलेरिया और खसरा से प्रभावित बैगा आदिवासी बच्चों के परिजनों से मुलाकात करेंगे।
विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में नए पर्यटन सत्र का गुरुवार को उत्साहपूर्ण आगाज हुआ। पर्यटन सत्र के पहले दिन ताला, मगधी और खितौली गेट को आकर्षक ढंग से सजाया गया। पार्क प्रबंधन और वन विभाग के अधिकारियों ने पर्यटकों का पारंपरिक अंदाज में स्वागत किया।