नेपाल में 26 अगस्त को भोटेकोशी-त्रिशूली नदी घाटी में आई विनाशकारी बाढ़ को 7 दिन पूरे हो चुके हैं। जानें मौतों के आंकड़े, हाइड्रोपावर टनलों में बचाव कार्य, सामूहिक दफन और भारत द्वारा दी जा रही मदद की विस्तृत रिपोर्ट

काठमांडू। स्टार समाचार वेब
नेपाल के इतिहास की सबसे भीषण प्राकृतिक आपदाओं में से एक, भोटेकोशी-त्रिशूली नदी घाटी की विनाशकारी बाढ़ को आज (2 सितंबर 2026) 7 दिन पूरे हो चुके हैं। 26 अगस्त को आई इस भयानक बाढ़ और भूस्खलन ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। हालांकि एक हफ्ता बीत चुका है, लेकिन त्रासदी का दायरा इतना बड़ा है कि इसका वास्तविक आकलन अभी भी पूरी तरह सामने नहीं आ सका है।
2 सितंबर तक आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार नेपाल में मौतों का आंकड़ा 1,127 को पार कर गया है। यदि तिब्बत (चीन) की तरफ हुई 16 मौतों को भी जोड़ दिया जाए, तो कुल मृतकों की संख्या 1,143 हो गई है। वहीं, लगभग 4,858 लोग अभी भी लापता हैं, जिनमें 583 विदेशी नागरिक और 83 नेपाली सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं। अब तक 12,000 से अधिक लोगों का रेस्क्यू किया जा चुका है, जबकि 17 नगरपालिकाओं के करीब 84,270 लोग इस आपदा से सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं।
सबसे ज्यादा मौतें चितवन जिले (321), नवलपरासी पूर्व (216) और नवलपरासी पश्चिम (170) में दर्ज की गई हैं। नुवाकोट जिले के बेतरावती में उत्तरगया मिनी मार्ट शॉपिंग आर्केड से 24 शव बरामद हुए हैं। इसके अलावा, भोटेकोशी के रास्ते में स्थित रसुवागढ़ी इमिग्रेशन ऑफिस पूरी तरह बह गया, जहां उस वक्त 300 से 400 लोग मौजूद थे। यहां के चार इमिग्रेशन कर्मचारियों का भी कोई सुराग नहीं मिला है।
नेपाली सेना लगातार सातवें दिन भी खोज और बचाव अभियान में जुटी है। सबसे बड़ी चुनौती त्रिशूली नदी के किनारे बने हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स की सुरंगों (टनलों) में फंसे लोगों को बाहर निकालना है। अनुमान है कि पानी और मलबे से टनलों के मुहाने बंद होने के कारण करीब 639 वर्कर्स अंदर फंसे हो सकते हैं। स्थिति से निपटने के लिए भारत, चीन और दक्षिण कोरिया से विशेष एक्सपर्ट्स टीमें बुलाई गई हैं जो ब्लास्टिंग ऑपरेशनों में मदद कर रही हैं। हालांकि, लगातार हो रही बारिश और नए भूस्खलन राहत कार्यों में बड़ी बाधा बन रहे हैं।
शवों की अत्यधिक संख्या के कारण अस्पतालों और मुर्दाघरों की क्षमता पूरी तरह समाप्त हो गई है। पानी और कीचड़ में लंबे समय तक रहने के कारण शव सड़ने लगे थे और पहचान से परे हो चुके थे। इस स्थिति को देखते हुए सरकार ने अज्ञात शवों को अस्थायी रूप से दफनाने का कड़ा निर्णय लिया। काठमांडू के गोकर्णा फॉरेस्ट रिजॉर्ट में बड़े गड्ढे खोदकर करीब 75 शवों को दफनाया गया। प्रत्येक शव को एक विशिष्ट बैच नंबर से टैग किया गया है और उनके डीएनए सैंपल, फोटोग्राफ व पहचान से जुड़े रिकॉर्ड सुरक्षित रखे गए हैं ताकि परिजन बाद में अपनों की शिनाख्त कर सकें। इससे पहले अन्य स्थानों पर भी 200 से अधिक शवों को दफनाया जा चुका है।
लापता लोगों में 583 विदेशी नागरिक शामिल हैं, जिनमें सबसे बड़ी संख्या (275) भारतीयों की है। इसके अलावा 32 चीनी, 9 अमेरिकी और ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया व इटली के नागरिक भी शामिल हैं। ये लोग मुख्य रूप से पर्यटक, व्यापारी या हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स में कार्यरत इंजीनियर और श्रमिक थे। रसुवागढ़ी इमिग्रेशन ऑफिस में आखिरी एंट्री सुबह 8:35 बजे दर्ज हुई थी, जिसके ठीक 10 मिनट बाद आए भीषण हिमस्खलन ने सबको अपनी चपेट में ले लिया।
नेपाल के मौसम विज्ञान विभाग (DHM) ने ताजा चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि पूर्वी, मध्य और पश्चिमी नेपाल की नदियों का जलस्तर एक बार फिर तेजी से बढ़ रहा है। विशेष रूप से नुवाकोट और रसुवा जिलों की छोटी नदियों और नालों में अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) आने की प्रबल संभावना है। प्रशासन ने नागरिकों से नदियों के किनारे न जाने और पूरी तरह सतर्क रहने की अपील की है।
सत्तारूढ़ राष्ट्रिय स्वतंत्र पार्टी और राजनीतिक हलकों से प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह पर संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की बैठक में शामिल होने का भारी दबाव है। सरकार चाहती है कि पीएम शाह इस वैश्विक मंच का उपयोग करके 'क्लाइमेट जस्टिस' (जलवायु न्याय) की जोरदार मांग करें, क्योंकि वैश्विक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में नेपाल की हिस्सेदारी नगण्य होने के बावजूद उसे सबसे भारी प्राकृतिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) की रिपोर्ट के अनुसार, इस आपदा के कारण लगभग 22 लाख टन मलबा (जिसमें इमारतों के अवशेष, चट्टानें और घरेलू सामान शामिल हैं) जमा हो गया है। रेड क्रॉस ने 25 मिलियन स्विस फ्रैंक की आपातकालीन अपील जारी की है, जबकि जर्सी सरकार ने 2 लाख यूरो की सहायता देने की घोषणा की है। इस बीच, UN ने चेतावनी दी है कि मुख्य मानसून बुवाई के मौसम में फसलें तबाह होने से कृषि पर निर्भर परिवारों के सामने भुखमरी का संकट खड़ा हो गया है।
भारत ने बिना किसी देरी के पड़ोसी धर्म निभाते हुए नेपाल को व्यापक सहायता पहुंचाई है....
राहत सामग्री: अब तक 5 विमानों के जरिए 68.5 टन से अधिक राहत सामग्री (टेंट, कंबल, दवाइयां, सोलर लैंप और हाइजीन किट) भेजी जा चुकी है।
विशेषज्ञ दल: भारत की स्पेशलाइज्ड टनल रेस्क्यू टीम और 19 सदस्यीय फोरेंसिक-DNA एक्सपर्ट्स टीम मलबे में फंसे लोगों को निकालने और शवों की पहचान में जुटी है।
बचाव कार्य: ऑपरेशन के तहत अब तक 163 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचाया जा चुका है।
बुनियादी ढांचा: भारत ने रास्तों को बहाल करने के लिए बेली ब्रिज और ब्लास्टिंग एक्सपर्ट्स उपलब्ध कराए हैं। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने भारत की इस त्वरित और उदार सहायता के लिए खुले तौर पर आभार व्यक्त किया है।
टनलों के भीतर फंसे 600 से अधिक श्रमिकों तक पहुंचकर उन्हें सुरक्षित बाहर निकालना।
22 लाख टन मलबे को हटाकर संपर्क मार्गों को दोबारा शुरू करना।
सड़े-गले शवों और दूषित पानी से फैलने वाली संक्रामक बीमारियों (हैजा, टाइफाइड, डायरिया) को रोकना।
लगातार हो रही मानसूनी बारिश के बीच राहत और बचाव दलों की सुरक्षा सुनिश्चित करना।
लापता 4,000 से अधिक लोगों के परिजनों को मानसिक ढांढस बंधाना और सही जानकारी देना। काठमांडू के टीचिंग मेडिकल कॉलेज में रोजाना सैकड़ों लोग अपनों की तलाश में पहुंच रहे हैं, जहां हर बीतते दिन के साथ जीवित मिलने की उम्मीदें धूमिल होती जा रही हैं।
test <a href="https://test.com/test123" rel="dofollow" target="_blank">test 123</a> Alex Davis 43878
Very helpful overview and well-structured insights. Thanks for sharing such practical takeaways and detailed points! <a href="https://templateshares.net/redirector_footer.php?url=https://highdapbnlinks.agency/" rel="dofollow" target="_blank">High DA PBN Links</a> Jane Wilson 62481
Great breakdown and insightful points shared in this article. Appreciate the thorough coverage and clear perspective! <a href="https://www.bassfishing.org/OL/ol.cfm?link=https://jasapbn.id/" rel="dofollow" target="_blank">Jasa PBN</a> Emma Garcia 59257
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के जामनगर स्थित रिलायंस रिफाइनरी दौरे के बाद भारत और अमेरिका के बीच ऊर्जा सुरक्षा, रणनीतिक सहयोग और व्यापार समझौते को लेकर तेज हुई हलचल की पूरी जानकारी।
स्पेसएक्स और एलन मस्क पर यूक्रेन के स्टारलिंक इंटरनेट को जानबूझकर धीमा करने के आरोप लगे हैं। राष्ट्रपति जेलेंस्की के इन आरोपों पर अमेरिका ने क्या सफाई दी है, जानें विस्तार से।
अमेरिका के 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनावों में ट्रम्प और रिपब्लिकन पार्टी की मुश्किलें बढ़ीं। महंगाई, ईरान युद्ध और घटती लोकप्रियता के बीच क्या डेमोक्रेट्स बना पाएंगे कांग्रेस में बहुमत?
रूस-यूक्रेन युद्ध रोकने के लिए व्लादिमीर पुतिन ने डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग के साथ त्रिपक्षीय शिखर सम्मेलन का प्रस्ताव दिया है। शेन्ज़ेन में नवंबर में हो सकती है बैठक।
इजराइल से ऑस्ट्रिया जा रही ऑस्ट्रियन एयरलाइंस की फ्लाइट को बम की धमकी के बाद बुल्गारिया में उतारा गया। एयरबस ए-320 रविवार रात तेल अवीव से वियना जा रहा था। खतरे की सूचना के बाद बुल्गारिया की वायुसेना ने विमान को एस्कॉर्ट करने के लिए मिग-29 लड़ाकू विमान भेजा।
रूस और यूक्रेन के बीच रविवार को भीषण ड्रोन हमले हुए। यूक्रेन ने सेंट पीटर्सबर्ग के तेल डिपो, ओजोन और वीके डेटा सेंटर को निशाना बनाया।
बांग्लादेश के पूर्व वायुसेना प्रमुख शेख अब्दुल हन्नान को कतर में हिरासत में लिया गया है। उन पर और उनकी पत्नी पर करोड़ों टका की अघोषित संपत्ति और संदिग्ध बैंक लेनदेन का आरोप है।
कनाडा के अल्बर्टा प्रांत में स्थित सैन्य अड्डे पर एक गंभीर घटना के बाद भीषण आग लग गई। इस घटना में कई लोगों की मौत हुई है और अन्य घायल हुए हैं। कनाडा के रक्षा मंत्री डेविड मैकगिन्टी ने इसकी पुष्टि की।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के भारत दौरे से पहले 6 डेमोक्रेटिक सांसदों ने पत्र लिखकर मानवाधिकार और लोकतांत्रिक मुद्दों को उठाने की मांग की। जानें भारत और अमेरिकी नेताओं की प्रतिक्रिया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रीय हित का हवाला देते हुए एक बड़ा कदम उठाते हुए रूस और ईरान पर प्रतिबंध लगाने से जुड़े कानून के तहत पाबंदियों और शुल्कों से छूट देने का आदेश जारी कर दिया है। रूसी तेल और गैस खरीद पर आए ट्रंप के इस फैसले से भारत और चीन को बहुत बड़ी राहत मिली है।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह