सतना और मैहर जिले में बोर्ड परीक्षाओं के दौरान 12वीं में दो सौ से अधिक परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे, वहीं एक छात्र से दोबारा परीक्षा शुल्क वसूली पर विवाद गहराया।

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
बोर्ड परीक्षाओं में अनुपस्थिति का आंकड़ा कम नहीं हो रहा है। शुक्रवार को सतना और मैहर जिला में पर्चों के मैराथन में अबसेंट का आंकड़ा 2 सैकड़ा से भी अधिक रहा। यह स्थिति बारहवीं कक्षा में रही जबकि दसवीं में एक भी परीक्षार्थी अबसेंट नहीं रहा। 12वीं विषय के द्वितीय प्रश्न पत्रों में आयोजित परीक्षा के दौरान सतना-मैहर जिले में काफी संख्या में छात्र अनुपस्थित रहे। सतना जिले में 148 छात्र अनुपस्थित रहे जबकि 11 हजार 778 छात्रों ने परीक्षा में हिस्सा लिया। वहीं मैहर में अनुपस्थित परीक्षार्थियों की संख्या 57 थी जबकि 5 हजार 35 छात्र परीक्षा में शामिल हुए। शिक्षा विभाग की उड़नदस्ता दल की टीम गुडुहुरू, सज्जनपुर, माधवगढ़ के परीक्षा केन्द्र में दबिश दी। हालांकि कहीं भी नकल प्रकरण से संबंधित जानकारी सामने नहीं आई है। प्रश्न पत्र अन्तर्गत भौतिक शास्त्र, अर्थशास्त्र, एनीमल हसबेंड्री, विज्ञान के तत्व, भारतीय कला का इतिहास विषय की परीक्षा थी।
मैहर जिले में उर्दू के दो छात्र
मैहर जिले में उर्दू विषय की परीक्षा में केवल दो छात्रों ने ही एग्जाम दिया। यहां दो परीक्षा केन्द्र बनाए गए थे जबकि सतना में 9 परीक्षा केन्द्रों में 46 छात्र शामिल हुए। उर्दू विषय की परीक्षा में एक भी छात्र अनुपस्थित नहीं था।
प्रांशू स्वाध्यायी परीक्षा दे पाएगा, दूसरी बार भरेगा परीक्षा फीस
नियमित मोड में पढ़ाई करने वाला छात्र प्रांशू जिम्मेदारों की चूक के कारण अब स्वाध्यायी मोड में परीक्षा देगा। यही नहीं उसे दूसरी बार परीक्षा फीस भी देनी होगी। इस पर भी तंत्र वाहवाही लूट रहा है। यह भी इत्तेफाक है कि जिस वजह से प्रांशू न केवल परीक्षा मोड बल्कि आर्थिक रूप से डबल मार खा रहा है उसे लेकर तंत्र आंख बंद कर बैठा है। मझगवां विकासखंड के नकैला विद्यालय का नियमित छात्र प्रांशू यादव प्रबंधन की गलती से अब स्वध्यायी छात्र के रूप में परीक्षा देगा। यह परीक्षा में उसे डबल से ज्यादा परीक्षा शुल्क अदा कर देनी पडेÞगी। इसके लिए जो आदेश पहले आया उसमें गफलत थी जिसे देर शाम सुधार कर शनिवार तक का समय दिया गया। माध्यमिक शिक्षा मंडल के इस आदेश में कहा गया है कि आॅनलाइन फीस 1200 और विलंब शुल्क 15000 रुपए जमा कर मंडल की परीक्षा में शामिल हो सकता है। यह शर्त भी दी गई है। असल में ऐसा नियम है जिस का पालन माध्यमिक शिक्षा मंडल ने किया लेकिन तंत्र इस पर वाहवाही लूट रहा है इस बात की तनिक भी चिंता किए कि उस छात्र के साथ खिलवाड़ किया गया और उसके भविष्य को तकनीकी पेंच में फंसा दिया गया।
एनएसयूआई को आपत्ति
एनएसयूआई के प्रदेश महासचिव आनंद पांडे ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा है कि आखिर किन परिस्थितियों में छात्र प्रांशू यादव को 16,200 की अविलंब राशि जमा कराने की शर्त के साथ कक्षा दसवीं की परीक्षा में प्रवेश देने का आदेश जारी किया गया। जहां एक ओर जिला शिक्षा अधिकारी को संबंधित दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करनी चाहिए थी, वहीं दूसरी ओर छात्र पर ही विलंब शुल्क का भार डाल दिया गया। यह निर्णय प्रशासनिक संवेदनहीनता और शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर करता है।
कठिन न सरल रहा पेपर
फिजिक्स के पेपर के बाद परीक्षार्थियों ने कहा कि पेपर न कठिन था और न ही सरल, वहीं विषय विशेषज्ञों की माने तो एनसीईआरटी की किताबों से पढ़ने वाले छात्रों की राह आसान थी। बोर्ड परीक्षाएं सतना- मैहर जिले में सख्ती के साथ करवाई जा रही हैं। परीक्षा केन्द्र में मुख्य द्वार में जांच के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है।


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