केन-बेतवा लिंक सहित सिंचाई परियोजनाओं से प्रभावित किसानों और आदिवासियों ने पन्ना कलेक्ट्रेट में जोरदार आंदोलन किया। प्रशासन से वार्ता के बाद दस्तावेज उपलब्ध कराने और बेदखली रोकने के आश्वासन पर आंदोलन फिलहाल स्थगित कर दिया गया।

हाइलाइट्स:
पन्ना, स्टार समाचार वेब
केन-बेतवा लिंक परियोजना, मझगाय मध्यम सिंचाई परियोजना और रूंझ मध्यम सिंचाई परियोजना से प्रभावित किसानों और आदिवासी परिवारों का न्याय सत्याग्रह आंदोलन दूसरे दिन नाटकीय घटनाक्रमों के बीच महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच गया। ताला-बंदी, गिरफ्तारी की घोषणा और तनाव के बीच आखिरकार जिला प्रशासन को आंदोलनकारियों के साथ वार्ता करनी पड़ी। कुछ प्रमुख मांगों पर सहमति बनने के बाद फिलहाल आंदोलन स्थगित कर दिया गया है। सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर के नेतृत्व में हजारों किसान और आदिवासी बुधवार को पदयात्रा कर पन्ना कलेक्ट्रेट पहुंचे थे।
प्रदर्शन के बाद भी समस्याओं का समाधान नहीं होने पर आंदोलनकारी परिसर में ही धरने पर बैठ गए और पूरी रात वहीं डटे रहे। ग्रामीणों ने खुद भोजन बनाकर रात गुजारी और किसी राजनीतिक सहायता के बिना आंदोलन जारी रखा। देर रात आपने मासूम बच्चों को खुले आसमान के नीचे लिए बैठी महिलाओं को देखकर हर कोई स्तब्ध नजर आया। गुरुवार को आंदोलन का दूसरा दिन तनावपूर्ण रहा। हजारों किसान और आदिवासी महिलाएं कलेक्ट्रेट परिसर में डटी रहीं। आंदोलनकारियों का आरोप है कि प्रशासन ने पानी की सप्लाई भी बंद कर दी, लेकिन इसके बावजूद लोगों की संख्या कम होने के बजाय बढ़ती गई। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने परिसर के कुछ हिस्सों में ताला लगा दिया और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया। बताया जाता है कि प्रशासन ने आंदोलन के नेतृत्वकर्ता अमित भटनागर को चर्चा के लिए बुलाया। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा कि सबसे पहले परियोजना से जुड़े सभी दस्तावेज प्रभावित ग्रामीणों को उपलब्ध कराए जाएं ताकि वे पूरी जानकारी के साथ आगे की प्रक्रिया तय कर सकें। इसी बीच प्रशासन की ओर से परिसर में धारा 163 (प्रतिबंधात्मक आदेश) लागू करने की घोषणा की गई और भटनागर को नोटिस थमा दिया गया, जिससे आंदोलनकारियों में आक्रोश बढ़ गया। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब अमित भटनागर ने गिरफ्तारी देने की घोषणा कर दी। इसके बाद एसडीएम द्वारा उन्हें हिरासत में लेने की कोशिश की गई। उनके समर्थन में मौजूद किसानों और महिलाओं ने भी सामूहिक गिरफ्तारी देने का ऐलान कर दिया।
इस दौरान पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बनी और हल्का लाठीचार्ज भी हुआ। जय किसान संगठन के कार्यकर्ता मंगल यादव के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। स्थिति बिगड़ती देख प्रशासन ने भारी पुलिस बल तैनात किया, लेकिन हजारों किसान और महिलाएं आंदोलन स्थल से हटने को तैयार नहीं हुए। बढ़ते दबाव के बाद प्रशासन ने दोबारा वार्ता की पहल की।
वार्ता के बाद बनी सहमति
अंतत: प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच हुई चर्चा में कुछ प्रमुख बिंदुओं पर सहमति बनी, जिसके बाद जय किसान संगठन ने आंदोलन को फिलहाल स्थगित करने की घोषणा की। सहमति में मुख्य रूप् से बात हुई कि परियोजना प्रभावित प्रत्येक गांव में ग्रामीण प्रशासन द्वारा दिए गए प्रारूप में अपनी समस्याएं दर्ज करेंगे। समस्याओं को प्रशासन को सौंपने के बाद 7 दिन के भीतर निराकरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। समस्याओं के समाधान तक प्रभावित गांवों में किसी भी प्रकार की बेदखली नहीं की जाएगी। केन-बेतवा लिंक परियोजना, मझगाय और रूंझ परियोजनाओं से संबंधित प्रशासनिक आदेश, धारा 11 की कार्यवाही, ग्रामसभा की कार्यवाही, अवार्ड और अन्य दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां 5 दिन के भीतर उपलब्ध कराई जाएंगी। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अमित भटनागर ने कहा कि आंदोलन समाप्त नहीं बल्कि स्थगित किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन तय समय में कार्रवाई नहीं करता या अपने वादे से मुकरता है तो आंदोलन पहले से ज्यादा व्यापक रूप लेगा।
आंदोलन को मिला राजनीतिक समर्थन
आंदोलन को विभिन्न संगठनों और नेताओं का समर्थन भी मिला। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी मामले का संज्ञान लिया और अपने प्रदेश अध्यक्ष मनोज यादव को आंदोलन स्थल भेजा। उन्होंने किसानों और आदिवासियों की मांगों को जायज बताते हुए आंदोलन को समर्थन दिया। आंदोलन में कांग्रेस नेता शिवजीत सिंह भैयाराजा भी शामिल हुए। इससे पूर्व भी कांग्रेस एवं आम आदमी पार्टी के नेताओं ने परिसर में पहुंचकर आंदोलन का समर्थन किया था।
प्रशासन ने दी मुआवजा और पुनर्वास की जानकारी
उधर जिला प्रशासन ने बताया कि केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना के तहत पन्ना जिले के 10 गांवों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। 644 पक्षकारों की निजी भूमि के बदले 92 करोड़ 98 लाख रुपये से अधिक की मुआवजा राशि स्वीकृत की गई है, जिसमें से 83 करोड़ 29 लाख रुपये से अधिक का भुगतान ई-पेमेंट के माध्यम से किया जा चुका है। इसके अलावा पूरक अवार्ड के तहत 1291 पक्षकारों को 65 करोड़ 5 लाख रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है, जिसमें से 53 करोड़ 72 लाख रुपये से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। प्रशासन के अनुसार परियोजना के तहत प्रभावित परिवारों को 12.50 लाख रुपये का एकमुश्त पुनर्वास पैकेज भी दिया जा रहा है। इसके तहत 1231 परिवारों के लिए 153 करोड़ 87 लाख रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है, जिसमें से अधिकांश परिवारों को भुगतान किया जा चुका है। हालांकि प्रशासन की ओर से जारी जानकारी में रूंझ और मझगाय मध्यम सिंचाई परियोजना से प्रभावित ग्रामीणों की स्थिति और पुनर्वास को लेकर विस्तृत जानकारी नहीं दी गई, जिसे लेकर आंदोलनकारी सवाल उठा रहे हैं। फिलहाल दो दिन तक चले इस बड़े आंदोलन के बाद स्थिति शांत है, लेकिन आंदोलनकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि तय समय में समाधान नहीं हुआ तो पन्ना में फिर बड़ा जनआंदोलन देखने को मिल सकता है।


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

आहत जनता को राहत...निचले स्तर पर आई थोक महंगाई

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज यानी सोमवार को निगम-मंडलों के नवनियुक्त पदाधिकारियों के उन्मुखीकरण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का अटल बिहारी वाजपेई सुशासन संस्थान में दीप-प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। इस विशेष प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य पदाधिकारियों को उनके प्रशासनिक दायित्वों, वित्तीय प्रबंधन और शासन की नीतियों के प्रति मार्गदर्शन प्रदान करना था।
उत्तर भारत में इन दिनों गर्मी का प्रकोप देखने को मिल रहा है। देश के कई राज्य भीषण गर्मी से तप रहे हैं। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा से लेकर राजस्थान और महाराष्ट्र के कई जिलों में लोगों का गर्मी से बुरा हाल रहा। यूपी का बांदा 46.7 के साथ और एमपी का राजगढ़ जिला 45 डिग्री के साथ सबसे गर्म शहर रहा।
भोजशाला मामले में MP के पूर्व CM दिग्विजय सिंह ने हाईकोर्ट के फैसले को अस्पष्ट बताते हुए कहा कि ASI को मंदिर के सबूत नहीं मिले। वहीं भोज उत्सव समिति ने दिग्विजय सरकार पर पूजा प्रतिबंधित करने का आरोप लगाया है। पढ़ें पूरी खबर।
भोपाल में रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह की बहू ट्विशा शर्मा सुसाइड केस में नया मोड़। मायके वालों ने शव लेने से किया इनकार, दिल्ली AIIMS में दोबारा पोस्टमार्टम की मांग को लेकर सीएम हाउस के सामने किया प्रदर्शन।
मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा के जंगीपुरा रोड स्थित मदरसा रोड पर देर रात एक इलेक्ट्रॉनिक दुकान और मकान में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि दुकान में रखे इलेक्ट्रॉनिक सामान और एसी रिपेयरिंग के सिलेंडरों में धमाके होने लगे। धमाकों से पूरे इलाके में दहशत फैल गई।
मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने प्रदेश के अफसर और कर्मचारियों के अवकाश नियमों में बड़ा बदलाव किया है। दरअसल, वित्त विभाग द्वारा मप्र सिविल सेवा अवकाश नियम 2025 के तहत अवकाश मंजूरी के अधिकारों को विभाजित कर दिया है।
मध्यप्रदेश के देवास जिले के पीपलरावा थाना क्षेत्र में बैराखेड़ी गांव के समीप प्याज से भरा एक मिनी ट्रक मोड़ पर अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में ट्रक के ऊपर सो रहे तीन मजदूरों की मौत हो गई। दो अन्य लोग घायल हो गए।
सुबह से ही श्रद्धालुओं का उत्साह देखते बन रहा था। ढोल-नगाड़ों, बैंड-बाजों और जयघोष के साथ श्रद्धालुओं ने भोजशाला परिसर में प्रवेश किया। महिलाएं, युवा, बुजुर्ग और बच्चे हाथों में मां सरस्वती के चित्र और धार्मिक ध्वज लिए पहुंचे।
मध्यप्रदेश के रतलाम में आज भीषण टेन हादसा हो गया। राहत की बात यह है कि सभी यात्रियों को सुरक्षित उतार लिया गया। दरअसल, दिल्ली निजामुद्दीन की ओर जा रही राजधानी एक्सप्रेस (12431) के दो कोच में रविवार सुबह आग लगने से अफरा-तफरी मच गई।
दमोह (तेंदूखेड़ा) के आईईएस पब्लिक स्कूल में शिक्षिका की कथित मारपीट के शिकार 9 वर्षीय छात्र काव्य नामदेव की भोपाल एम्स में मौत। परिजनों ने शव के साथ एसपी ऑफिस घेरा, SIT करेगी जांच।