NEET UG पेपर लीक विवाद के बीच केंद्र सरकार ने पेपर लीक संशोधन बिल को कैबिनेट की मंजूरी दे दी है। इसे 27 जुलाई को संसद में पेश किया जाएगा। पीएम मोदी के संदेश और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं पर आधारित पूरी रिपोर्ट।

फाइल
पेपर लीक, सख्त कानून !
देश में लगातार सामने आ रहे प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक मामलों पर नकेल कसने के लिए सरकार ने कड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में पेपर लीक संशोधन बिल को औपचारिक मंजूरी दे दी गई है। सूत्रों के अनुसार, इस नए और सख्त कानून के विधेयक को आगामी 27 जुलाई को संसद में पेश किया जा सकता है।
इससे पहले गुरुवार आधी रात को ठीक 12 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर 2 मिनट 56 सेकंड का एक वीडियो संदेश जारी किया। इस संदेश के जरिए उन्होंने देश के छात्रों और उनके अभिभावकों को आश्वस्त किया कि सरकार पेपर लीक के मामलों में दोषियों के खिलाफ सबसे कड़ी सजा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
पीएम मोदी ने कहा कि पेपर लीक कोई सामान्य विषय नहीं है, बल्कि यह लाखों युवाओं और उनके परिवारों के लिए बेहद पीड़ादायक है। उन्होंने बताया कि पिछले ढाई महीनों के दौरान सरकार ने कई कड़े कदम उठाए हैं, जिसके तहत कई गुनहगारों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है। छात्रों का शैक्षणिक वर्ष बर्बाद न हो, इसके लिए कम समय के भीतर 22 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा दोबारा आयोजित कराई गई और 19 जुलाई को इसका परिणाम भी घोषित कर दिया गया। इसके साथ ही, मामलों की जल्द सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन के निर्देश भी दिए गए हैं।
प्रधानमंत्री के इस वीडियो संदेश के बाद राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए पीएम के संदेश को "आधी रात का बेकार वीडियो" करार दिया। राहुल गांधी ने लिखा कि देश के छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। उन्होंने मांग की कि शिक्षा मंत्री को तुरंत उनके पद से हटाया जाए, छात्रों पर लाठीचार्ज करने वालों को सजा दी जाए और सरकार छात्रों से माफी मांगे।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने भी आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा कि परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ी के खिलाफ सरकार यदि कोई सबसे सख्त और प्रभावी कार्रवाई कर सकती है, तो वह शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को उनके पद से हटाना है।
यह पूरा विवाद मूल रूप से 3 मई को आयोजित हुए नीट यूजी (NEET UG) परीक्षा के पेपर लीक मामले से उपजा है। इस घटना के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले एक महीने से 'कॉकरोच जनता पार्टी' का प्रदर्शन जारी है। इसके अलावा, पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक द्वारा 26 दिनों का लंबा अनशन किया गया और संसद के भीतर भी इस मुद्दे पर लगातार हंगामा देखने को मिल रहा है।
वर्तमान में इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा की जा रही है। जांच का दायरा महाराष्ट्र, राजस्थान और दिल्ली समेत कई राज्यों तक फैला हुआ है। इस मामले में अब तक कुल 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और संभावना जताई जा रही है कि सीबीआई जल्द ही इस मामले में अपनी पहली चार्जशीट अदालत में दाखिल कर सकती है।
सरकार और CJP की बैठक के बाद बड़ा खुलासा। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कोई समझौता नहीं, लेकिन प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज केस हटाने पर विचार करेगी सरकार। जानिए पूरी खबर विस्तार से।
NEET UG पेपर लीक विवाद के बीच केंद्र सरकार ने पेपर लीक संशोधन बिल को कैबिनेट की मंजूरी दे दी है। इसे 27 जुलाई को संसद में पेश किया जाएगा। पीएम मोदी के संदेश और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं पर आधारित पूरी रिपोर्ट।
नीट पेपर लीक विवाद और देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बीच जेएनयू ने छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए एडवाइजरी जारी की है। जंतर मंतर के प्रदर्शनों से दूर रहने और सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर दिए गए निर्देशों की विस्तृत जानकारी यहां पढ़ें।
संसद के मानसून सत्र के पांचवें दिन NEET पेपर लीक, विपक्ष के हंगामे और सरकार द्वारा लाए जाने वाले नए सख्त विधेयक पर विस्तृत अपडेट पढ़ें।
देशभर में मानसून की भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। गुजरात, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में नदियां उफान पर हैं और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। गुजरात में मानसून ने विकराल रूप धारण कर लिया है।
संयुक्त परिवार प्रणाली के लगातार खत्म होने और एकल परिवारों में बच्चों को समय देने के बजाय मोबाइल-गैजेट्स थमा देने पर सुप्रीम कोर्ट ने गहरी चिंता और नाराजगी जताई है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि माता-पिता की जगह मोबाइल ले लेंगे, तो यह स्थिति समाज के लिए विनाशकारी साबित होगी और आने वाली पीढ़ी पारिवारिक रिश्तों व बंधनों से पूरी तरह अनजान हो जाएगी।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी सीजेपी के धरना-प्रदर्शन के बीच राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है। संसद मार्ग और टॉलस्टाय मार्ग सहित कई संवेदनशील इलाकों में भारी बैरिकेडिंग की गई है और बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी छात्रों के धरना-प्रदर्शन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 24 जुलाई को बड़े देशव्यापी प्रदर्शन की घोषणा की है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर पेपर लीक के मामलों में फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन का ऐलान किया है। वहीं, सीजेपी ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी रखने की घोषणा की है।

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