पेटीएम का नया फीचर 'पॉकेट मनी' बच्चों को बिना बैंक अकाउंट के UPI इस्तेमाल करने की सुविधा देता है। जानें यह कैसे काम करता है, इसकी लिमिट क्या है और सुरक्षा के क्या नियम हैं।

बिजनेस डेस्क। स्टार समाचार वेब
आज के डिजिटल युग में बच्चों की बढ़ती जरूरतों और खर्चों को मैनेज करना अभिभावकों के लिए एक चुनौती बन गया है। बच्चों में वित्तीय समझ विकसित करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से पेटीएम (Paytm) ने 'पॉकेट मनी' (Pocket Money) नाम से एक शानदार फीचर पेश किया है। अब नाबालिग बच्चे बिना बैंक अकाउंट के भी यूपीआई का उपयोग कर सकेंगे।
अक्सर टीनेजर्स को छोटी-छोटी खरीदारी के लिए माता-पिता पर निर्भर रहना पड़ता है। कभी उन्हें पैसों के लिए घर पर फोन करके ओटीपी मांगना पड़ता है, तो कभी QR कोड के जरिए पैसे मंगवाने पड़ते हैं। इस निर्भरता को खत्म करने और बच्चों को डिजिटल पेमेंट का अनुभव देने के लिए पेटीएम ने यह पहल की है। इससे बच्चे अपने खर्चों का प्रबंधन खुद सीख सकेंगे, जबकि माता-पिता की नजर उन पर बनी रहेगी।
पेटीएम का यह फीचर 'UPI सर्कल' (UPI Circle) के सिद्धांत पर आधारित है:
अकाउंट लिंकिंग: माता-पिता या परिवार का कोई सदस्य पेटीएम ऐप में 'UPI सर्कल' के जरिए बच्चे के अकाउंट को अपने मुख्य बैंक खाते से जोड़ देता है।
UPI पेमेंट: लिंक होने के बाद, बच्चा अपने मोबाइल से सीधे यूपीआई पेमेंट कर सकता है।
सीमा निर्धारण: माता-पिता ऐप के जरिए बच्चे के खर्चों के लिए मासिक सीमा (Monthly Limit) निर्धारित कर सकते हैं।
अभिभावकों की सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए पेटीएम ने इसमें कई सुरक्षा मानक रखे हैं:
खर्च की सीमा: प्रति माह अधिकतम 15,000 रुपये तक खर्च किया जा सकता है। इसे माता-पिता अपनी जरूरत के अनुसार कम कर सकते हैं।
ट्रांजैक्शन लिमिट: एक बार में अधिकतम 5,000 रुपये का ही भुगतान किया जा सकता है।
नकद निकासी पर रोक: इस फीचर से कैश विथड्रॉल (निकासी) नहीं की जा सकती है।
सुरक्षा फीचर्स: फोन में पासवर्ड/बायोमेट्रिक सुरक्षा अनिवार्य है। साथ ही, इसमें इंटरनेशनल पेमेंट की सुविधा नहीं है।
पूर्ण नियंत्रण: माता-पिता के पास बच्चे के खर्च का रियल-टाइम एक्सेस होता है। वे कभी भी इस फीचर को बंद या एक्सेस को रद्द कर सकते हैं।
पेटीएम 'पॉकेट मनी' केवल पेमेंट का जरिया नहीं है, बल्कि यह बच्चों को फाइनेंशियल लिटरेसी (वित्तीय समझ) सिखाने का एक बेहतर टूल है। इसके माध्यम से:
बच्चे बजट बनाना सीखते हैं।
डिजिटल पेमेंट के हर खर्च का रिकॉर्ड रहता है, जिससे उन्हें पैसे की अहमियत समझ आती है।
यह बच्चों में जिम्मेदारी की भावना पैदा करता है और उन्हें भविष्य के लिए तैयार करता है।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
टाटा संस के प्रस्तावित पुनर्गठन को लेकर टाटा ट्रस्ट्स में दरार आ गई है। सीनियर ट्रस्टी वेणु श्रीनिवासन और विजय सिंह ने बिना सलाह के फैसले लेने पर आपत्ति जताई है।
भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को भी भारी गिरावट दर्ज की गई। सुबह प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 97.96 अंक के नुकसान के साथ 72,382.33 पर कारोबार करता दिखा। वहीं, निफ्टी 53.71 अंक लुढ़ककर 22,566.75 के स्तर पर आ गया।
अक्टूबर 2026 में सिलेंडर, हवाई ईंधन, बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट और सरकारी योजनाओं से जुड़े बदलाव हो रहे हैं। कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ने से रेस्टोरेंट मालिकों का खर्च मामूली बढ़ेगा। ऐसे में वे चाय, नाश्ता महंगा कर सकते हैं। शादियों की कैटरिंग भी महंगी हो सकती है।
सोने-चांदी की कीमतों में आज लगातार दो दिन की गिरावट के बाद तेजी है। 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 712 रुपए बढ़कर 1,48,379 रुपए पर आ गया। इससे पहले 29 सितंबर को यह 1,47,667 रुपए पर था। वहीं, एक किलो चांदी 673 रुपए बढ़कर 2,22,273 रुपए पर आ गई है, जो मंगलवार को 2,21,600 रुपए पर थी।
एपल ने भारत में अपनी डिजिटल पेमेंट सर्विस 'एपल पे' को लॉन्च कर दिया है। इसके साथ ही आईफोन और एपल वॉच यूजर्स के लिए कार्डलेस और कॉन्टैक्टलेस पेमेंट का नया ऑप्शन भी अवेलेबल हो गया है। एपल की इस सर्विस के लिए एक्सिस बैंक पहला पार्टनर बना है।
आज भारतीय शेयर बाजार में मिलाजुला रुख देखने को मिला। सेंसेक्स में मामूली वृद्धि दर्ज हुई, जबकि निफ्टी गिरावट के साथ 22,700 के नीचे बंद हुआ। दो दिन की बिकवाली के बाद कुछ क्षेत्रों में सुधार दिखा, लेकिन विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने बाजार को प्रभावित किया।
भारतीय शेयर बाजार में सप्ताह की शुरुआत कमजोर रही। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 600 से अधिक अंक टूट गया। निफ्टी भी 22,600 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसल गया। सुबह 10:02 बजे सेंसेक्स 616.08 अंक यानी 0.84 फीसदी गिरकर 72,155.64 अंक पर कारोबार कर रहा था।
देशभर के बैंक उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। इस सप्ताह सभी बैंक आम दिनों की तरह खुले रहेंगे और कामकाज सुचारू रूप से चलेगा। यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस ने 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल को टालने का फैसला किया है।
सोमवार को शुरुआती कारोबार में भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी बुरी तरह गिरे। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं बाजार पर हावी रहीं। एशियाई बाजारों में कमजोर रुख ने भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया।
गर आपको बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाना है, तो तुरंत सतर्क हो जाइए। आज रविवार को भले ही बैंक की शाखाएं खुली हुई हैं और कामकाज चल रहा है, लेकिन आने वाले हफ्ते में बैंकिंग सेवाएं बुरी तरह प्रभावित रहने वाली हैं। आम ग्राहकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है और करोड़ों रुपए का वित्तीय लेनदेन अटकने की संभावना है।