प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' के 132वें एपिसोड में वैश्विक जंग से उत्पन्न पेट्रोल-डीजल संकट पर चर्चा की। जानें पीएम की 4 बड़ी बातें, अफवाहों से बचने की अपील और खाड़ी देशों में भारतीयों की सुरक्षा पर उनका संदेश।
By: Star News
Mar 29, 202611:41 AM
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 132वें एपिसोड में वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, विशेषकर अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रही यह जंग न केवल शांति के लिए खतरा है, बल्कि भारत जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए ऊर्जा सुरक्षा की एक बड़ी चुनौती भी है।
पीएम मोदी ने रेखांकित किया कि वर्तमान में युद्ध का केंद्र वह क्षेत्र है, जो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की रीढ़ है। उन्होंने कहा कि युद्ध के कारण कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की आवाजाही प्रभावित हुई है, जिससे दुनिया भर में पेट्रोल और डीजल की किल्लत और कीमतों में उछाल का डर बना हुआ है। पीएम ने भरोसा दिलाया कि पिछले एक दशक में भारत ने जो कूटनीतिक संबंध बनाए हैं और अपनी आंतरिक शक्ति बढ़ाई है, उसी का परिणाम है कि हम इस संकट का मजबूती से सामना कर रहे हैं।
देश के भीतर सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए पीएम ने नागरिकों से विशेष अपील की कि युद्ध के माहौल में कुछ तत्व देश की अर्थव्यवस्था और सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचाने के लिए अफवाहें फैला सकते हैं। नागरिकों को केवल आधिकारिक स्रोतों और सरकार द्वारा जारी सूचनाओं पर ही विश्वास करना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि 140 करोड़ भारतीयों के सामूहिक सामर्थ्य से हम इस कठिन दौर से भी सफलतापूर्वक बाहर निकलेंगे।
प्रधानमंत्री ने मार्च महीने को वैश्विक उथल-पुथल का केंद्र बताया। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया कोरोना महामारी के बाद आर्थिक सुधार और प्रगति की राह देख रही थी, लेकिन दुर्भाग्यवश संघर्ष और युद्ध की परिस्थितियों ने विकास की गति पर 'ब्रेक' लगाने का प्रयास किया है।
भारत के लिए खाड़ी देशों (Gulf Countries) का महत्व बताते हुए पीएम ने कहा कि खाड़ी देशों में एक करोड़ से अधिक भारतीय प्रवासी रहते हैं और काम करते हैं। युद्ध के कारण उनके परिवारों में चिंता का माहौल स्वाभाविक है। पीएम ने खाड़ी देशों की सरकारों का धन्यवाद किया जो संकट की इस घड़ी में भारतीय नागरिकों को हर संभव सहायता और सुरक्षा प्रदान कर रहे हैं।