रीवा में आयोजित पुस्तक मेले में छूट के वादे अधूरे रह गए। अभिभावकों को किताबों पर मामूली छूट मिली, कई जरूरी पुस्तकें भी उपलब्ध नहीं थीं, जिससे लोगों में नाराजगी और निराशा देखने को मिली।
By: Yogesh Patel
Mar 23, 20264:23 PM
हाइलाइट्स
रीवा, स्टार समाचार वेब
छात्रों को सस्ती दर पर पुस्तकें, स्टेशनरी और ड्रेस दिलाने का प्रशासन और शिक्षा विभाग ने सपना दिखाया। कृष्णा आॅडिटोरियम में पुस्तक मेला की शुरुआत की गई। पहले ही दिन अभिभावकों को प्रशासन की कथनी और करनी में फर्क दिखा। मेला में पहुंचे अभिभावकों को बच्चों के लिए खरीदी किताब में छूट नहीं मिली। कुछ अभिभावक बिना खरीदी के लौट गए। कुछ को सभी किताबें नहीं मिली। स्टेशनरी पर जरूर छूट दी गई। सोमवार को भी पुस्तक मेला लगेगा।
विद्यार्थियों को नई कक्षा में प्रवेश के लिये आवश्यक पुस्तकें स्टेशनरी, ड्रेस सहित अन्य सामग्री एक ही स्थान पर छूट के साथ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से दो दिवसीय पुस्तक मेले का कलेक्टर प्रतिभा पाल ने विद्यार्थियों के साथ शुभारंभ किया। इस मेला का जिस तरह से प्रचार प्रसार किया गया था। छूट मिलने की बातें कही गर्इं थी, इसी लालच में किताब, कापियों की खरीदी करने बड़ी संख्या में अभिभावक मेला में पहुंचे थे। हालांकि कईयों को इस मेला से पिछले साल की तरह ही निराशा ही हाथ लगी। मेला और दुकानों से खरीदी में कोई खास फर्क देखने को नहीं मिला। भले ही प्रशासन के दबाव में पुस्तक विक्रेताओं ने स्टॉल मेला में लगा लिए थे लेकिन रेट अपने हिसाब से ही तय किए हुए थे। निजी प्रकाशकों की पुस्तकों में अभिभावकों को एक रुपए की छूट नहीं मिल रही थी। सिर्फ एनसीआरटी की किताबों मे ही छूट दी जा रही थी। इस मेला में अभिभावक और छात्र बड़ी उम्मीद के साथ पहुंचे थे लेकिन 50 फीसदी तक जो छूट का सपना दिखाया गया था। उस हिसाब से छूट नहीं मिली। कईयों ने मजबूरी में खरीदी की और कई बिना खरीदी किए ही लौट गए।
कलेक्टर ने किया निरीक्षण
कलेक्टर ने शुभारंभ के बाद पुस्तक मेला का निरीक्षण भी किया। छात्रों और उनके अभिभावकों से चर्चा भी की। साथ ही पुस्तक विक्रेताओं को निर्देशित किया कि किताब का पूरा सेट ही मेला में दिया जाए। टोकन न दें। उन्होंने मेला स्थल पर शिकायत पंजी भी रखने के निर्देश दिए। शिकायतें आने पर उनका निराकरण भी शाम तक करने को कहा। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर के अलावा सीईओ जिला पंचायत मेहताब सिंह गुर्जर, डिप्टी कलेक्टर सुरभि जैन, जिला शिक्षा अधिकारी रामराज मिश्र, सहायक संचालक राजेश मिश्रा डीपीसी राजेश तिवारी सहित अन्य शिक्षक मौजूद रहे।
सिर्फ 5 फीसदी मिली छूट, ज्यादा फायदा नहीं मिला
सेंट्रल अकेडमी में पढ़ने वाली बेटी की पुस्तकें लेने पहुंची एक महिला ने बताया कि बाहर और मेला में किताब खरीदने पर कोई ज्यादा फर्क नहीं पड़ रहा है। मेला में सिर्फ 5 फीसदी की छूट दी जा रही है। यहां किताबों का बिल 2833 का बना था। दुकानदार ने 2700 रुपए लिए। इसके अलावा और कोई छूट नहीं मिल रही है।
पूरी किताबें नहीं मिली, बोले बाद में ले लेना
मेला में पहुंची आराध्या ने बताया कि वह बिलाबांग की 9वीं की पुस्तकें लेने आईं थी। सभी पुस्तकें नहीं मिली हैं। जो बुक नहीं मिल रही हैं। उनके लिए कहा गया है कि एनसीआरटी शायद सिलेबस बदलेगा। अभी देंगे तो पुरानी मिलेगी। जब नई आएंगी तब दुकान से दिया जाएगा।