रीवा में गवर्नमेंट डेंटल कॉलेज के लिए डीपीआर तैयार, जमीन चयन प्रक्रिया तेज, तीन स्थान चिन्हित, पांच एकड़ से अधिक भूमि की जरूरत, स्वीकृति के बाद निर्माण कार्य शुरू होगा

हाइलाइट्स:
रीवा, स्टार समाचार वेब
गवर्नमेंट डेंटल कॉलेज निर्माण के लिए जमीन की तलाश तेज हो गई है। भवन का डीपीआर लगभग तैयार हो चुका है। अब उसे स्वीकृति के लिए शासन के पास भेजा जाना है। कॉलेज के लिए तीन जगह तलाशे गए हैं। इनमें से एक जमीन छोटी पड़ रही है। दो पर प्रबंधन की नजर गड़ी हुई है। इसके अलावा भी दूसरे विकल्पों की तरफ नजर दौड़ाई जा रही हैं। श्याम शाह मेडिकल कॉलेज के अलावा मेडिकल स्टूडेंट को इंदौर के बाद अब रीवा में भी डेंटल कोर्स करने का मौका मिलेगा। यहां प्रदेश का दूसरा सरकारी डेंटल कॉलेज होगा। इंदौर के बाद रीवा में यह कॉलेज बन कर तैयार होगा। इस कॉलेज के खुलने से सिर्फ छात्रों को ही फायदा नहीं होगा। रीवा सहित प्रदेश के दंत चिकित्सकों को भी कॉलेजों में काम करने और पढ़ाने का अवसर मिल सकेगा। स्टाफ की भी नियुक्ति की जाएगी। नई नौकरियों का भी सृजन होगा। डेंटल कॉलेज के निर्माण के लिए प्रायमरी स्टेज पर काम तेजी से शुरू हो गया है।
इन जगहों पर देखी गई है जमीन
डेंटल कॉलेज के लिए तीन जगहों पर जमीन का निरीक्षण किया गया है। जमीन तलाशने और शुरुआती काम की जिम्मेदारी श्याम शाह मेडिकल कॉलेज के दंत रोग विभाग को ही जिम्मेदारी दी गई है। एचओडी को नोडल बनाया गया है। अधिकारियों ने सिलपरी, सिलपरा और नेहरू नगर में जमीन का निरीक्षण किया है। हालांकि नेहरू नगर में जो जमीन देखी गई है। वह डिमांड के हिसाब से कम निकली। वहीं सिलपरी में करीब 7 एकड़ की खाली जमीन देखी गई है।
10 किमी के दायरे में ही खोलना है
डेंटल कॉलेज के लिए जमीन की तलाश श्याम शाह मेडिकल कॉलेज से 10 किमी के दायरे में ही स्थापित किया जाना है। इसी परिधि में सरकारी जमीन तलाशी जा रही है। आसपास शहर के अंदर बड़ी जमीन नहीं मिल रही है। इसके कारण थोड़ी दायरा बढ़ाया गया है। बायपास, रिंग रोड तक जमीन तलाशी जा रही है।
पांच एकड़ से अधिक चाहिए जमीन
डेंटल कॉलेज का पूरा सेटअप ही तैयार होना है। इसमें कॉलेज भवन के अलावा अस्पताल का भी निर्माण होना है। स्टाफ के लिए घर और हास्टल भी बनना है। ऐसे में डीएमसी की मापदंडों के अनुसार कम से कम 5 एकड़ और अधिक से अधिक 10 एकड़ भूमि जरूरी है। मापदंड के हिसाब से ही जमीन तलाशी जा रही है।
पीजी पाठ्यक्रम शुरू करने की योजना संशय में पड़ी
इसके पहले श्याम शाह मेडिकल कॉलेज में ही डेंटल कॉलेज के बिना ही पीजी पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी थी। एम्स की तरह ही यहां भी पीजी की सीटें शुरू करने के लिए मान्यता की मांग की गई थी। हालांकि इस पर मुहर लगना मुश्किल जान पड़ रहा है। डेंटल कॉलेज से ही संतोष करना पड़ सकता है।
दंत चिकित्सकों की खुल जाएगी लॉटरी
डेंटल कॉलेज खुलने से रीवा ही नहीं विंध्य के लोगों को फायदा होगा। मुख और दांत से जुड़े हुए जटिल बीमारियां को यहां इलाज हो सकेगा। इसके अलावा रीवा के दंत चिकित्सकों को डेंटल कॉलेज में नौकरी करने का भी अवसर मिलेगा। नया कॉलेज बनेगा तो वेकंसी भी निकलेगी।फिल पदों का सृजन होना शेष है। इसके बाद इन पदों पर भर्तियां शुरू की जाएंगी। इन पदों पर रीवा के दंत चिकित्सकों को नियुक्ति का अवसर भी मिलेगा।
जमीन की तलाश की जा रही है। तीन जगहों पर जमीन देखी गई है। मान्यता के लिए कम से कम 5 एकड़ जमीन चाहिए। जमीन फाइनल होने के बाद शासन को स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। इसके बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। मेडिकल कॉलेज के 10 किमी के रेडियस में ही दंत चिकित्सालय का निर्माण किया जाना है।
डॉ संतोष मिश्रा, सहायक प्राध्यापक, दंत रोग विभाग, श्याम शाह मेडिकल कॉलेज


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