रीवा के श्याम शाह मेडिकल कॉलेज से जुड़े सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में एक महीने में चार डॉक्टरों ने इस्तीफा दिया है। डीन डॉ. सुनील अग्रवाल के कार्यकाल में बदइंतजामी, संसाधनों की कमी और तानाशाही रवैये के कारण डॉक्टर परेशान हैं। ओपन हार्ट सर्जन डॉ. राकेश सोनी का इस्तीफा गंभीर चिंता का विषय।

हाइलाइट्स
रीवा, स्टार समाचार वेब
श्याम शाह मेडिकल कॉलेज से संबद्ध सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक और संजय गांधी अस्पताल से लगातार डॉक्टर नौकरी छोड़कर भाग रहे हैं। उन्हें यहां का प्रबंधन अब रास नहीं आ रहा है। यही वजह है कि सुपर स्पेशलिटी अस्पताल से एक महीने में ही तीन डॉक्टरों ने इस्तीफा दे दिया। वहीं जीएमएच से भी एक महिला चिकित्सक ने नौकरी छोडने का नोटिस दिया है। कुल चार डॉक्टरों ने एक महीने में ही यह फैसला ले लिया है। इसके पीछे वजह अस्पताल में कुप्रबंधन बताया जा रहा है। डीन डॉ सुनील अग्रवाल के रीवा आने के बाद से यहां अफरा तफरी मच गई है। कोई भी चिकित्सक इन हालातों में काम नहीं करना चाहते। यहां सुविधाओं और व्यवस्थाओं का आभाव है। डॉक्टरों की शिकायतों और मांगों पर ध्यान दिया जाता तो शायद यह स्थिति नहीं बनती।
सीटीवीएस सर्जन प्रबंधन से नाखुश
सुपर स्पेशलटी अस्पताल में सीटीवीएस सर्जन डॉ राकेश सोनी प्रबंधन से नाखुश है। डॉ राकेश सोनी ने ही रीवा में ओपन हार्ट सर्जरी की शुरूआत की थी। अब तक जितने भी आपरेशन किए, उनका रिजल्ट बेहतर ही रहा है। वह शुरू से ही प्रबंधन से लड़ते आए हैं। आपरेशन के लिए उन्हें पर्याप्त संसाधन और उपकरण नहीं मिल पा रहे थे। इसकी शिकायत उन्होंने डिप्टी सीएम तक से कर दी थी। डिप्टी सीएम के पास शिकायत पहुंचने पर डीन को फटकार भी लगी थी। खुद डिप्टी सीएम ही विभाग की व्यवस्थाएं अपने हाथ में ले लिए थे। तब से ही डॉ राकेश सोनी को यहां से दफा करने में डीन जुट गए थे। डॉ इमरान के आने के बाद उन्हें यह मौका मिल गया। डॉ राकेश सोनी के एनेस्थीसिया स्पेशलिस्ट को भी किनारे कर दिया गया। नए चिकित्सक के आने के बाद से डॉ सोनी ने एक भी आपरेशन नहीं किया। अस्पताल में चल रही खींचतान के कारण ही डॉ राकेश सोनी ने इस्तीफा दे दिया है।
इसके पहले भी दिया था इस्तीफा
डॉ राकेश सोनी ने इसके पहले भी पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने बायपास सर्जरी में लगने वाले उपकरणों की मांग की थी। लंबे समय से वह उपकरण की डिमांड कर रहे थे। वह अपने हिसाब से और कुछ चुनिंदा कंपनी के उपकरणों की मांग कर रहे थे लेकिन कॉलेज प्रबंधन अलग ही उपकरण उपलब्ध करा रहा था। इसी बात को लेकर बवाल मचा था। भोपाल से आयुक्त चिकित्सा शिक्षा को भी रीवा आना पड़ा था। उपकरण नहीं मिलने के कारण उन्होंने डीन के कुप्रबंधन से नाराज होकर इस्तीफा भी दे दिया था। बाद में डिप्टी सीएम और अधीक्षक एसजीएमएच के मनाने पर ही वह माने थे।
6 डॉक्टर हो गए कम
सुपर स्पेशलिटी और संजय गांधी अस्पताल से 6 चिकित्सक कम हो गए हैं। वैसे भी यहां पुराने और तजुर्बेदार डॉक्टरों की कमी है। उस पर भी 6 चिकित्सक कम हो गए। चार डॉक्टरों ने इस्तीफा दिया है। इसमें डॉ कल्पना यादव, डॉ विवेक शर्मा, डॉ विजय शुक्ला, डॉ राकेश सोनी शामिल हैं। इसके अलावा डॉ मनोज इंदूलकर और डॉ पीके लखटकिया का स्थानांतरण सिंगरौली कर दिया गया था।

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