संजय दुबरी टाइगर रिजर्व की चर्चित बाघिन टी-29 लंबे समय से अपने पुराने क्षेत्र से गायब है। विशेषज्ञ इसे जंगलों में आग, मानवीय हस्तक्षेप और बदलते प्राकृतिक आवास से जोड़कर गंभीर चेतावनी मान रहे हैं।

हाइलाइट्स:
सीधी, स्टार समाचार वेब
संजय दुबरी टाइगर रिजर्व की चर्चित बाघिन टी-29, जिसे पर्यटक प्यार से "नीली आंखों वाली बाघिन" के नाम से जानते थे, अब लंबे समय से अपने पुराने रहवास क्षेत्र से लापता है। कभी राजौरी तालाब क्षेत्र में उसकी एक झलक पाने के लिए पर्यटकों की गाड़ियां घंटों इंतजार करती थीं, लेकिन अब उसकी अनुपस्थिति वन्यजीव प्रेमियों और प्रकृति प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।
टी-29 ने राजौरी तालाब क्षेत्र में पहली बार तीन शावकों को जन्म दिया और उन्हें सफलतापूर्वक बड़ा किया। इसके बाद दूसरी बार भी उसका मेटिंग व्यवहार देखा गया, जिसे कई पर्यटकों और वन्यजीव फोटोग्राफरों ने अपने कैमरों में कैद किया। उस समय यह बाघिन टाइगर रिजर्व का सबसे बड़ा आकर्षण बन चुकी थी।
वन्यजीव जानकारों के अनुसार, पिछले वर्ष जंगल में बार-बार लगी आग ने बाघों के प्राकृतिक आवास को गंभीर रूप से प्रभावित किया। आग की घटनाओं के कारण शिकार क्षेत्र और सुरक्षित ठिकाने लगातार प्रभावित हुए। वहीं जंगल में बढ़ता मानवीय हस्तक्षेप भी वन्यजीवों के लिए चिंता का विषय बना रहा।
इसी बीच टी-29 के साथ रहने वाला नर बाघ टी-33 बोदारी क्षेत्र में करंट की चपेट में आकर मौत का शिकार हो गया। माना जाता है कि साथी बाघ की मौत और बदलती परिस्थितियों के बाद टी-29 ने धीरे-धीरे अपना पुराना इलाका छोड़ दिया और किसी दूसरे सुरक्षित वन क्षेत्र में नया रहवास बना लिया।
टी-29 प्रसिद्ध बाघिन "मौसी मां" की सगी बहन थी। अपनी अनोखी नीली आंखों, शांत स्वभाव और बेहतर मातृत्व के कारण वह पर्यटकों के बीच बेहद लोकप्रिय थी। उसकी तस्वीरें और वीडियो आज भी वन्यजीव प्रेमियों के संग्रह की अमूल्य धरोहर हैं।
जंगल के असंतुलन की कीमत वन्य जीवों को चुकानी पड़ती है
वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि बाघ तभी सुरक्षित रह सकते हैं, जब उनके प्राकृतिक आवास को आग, अतिक्रमण और अनावश्यक मानवीय हस्तक्षेप से बचाया जाए। टी-29 का अपने पसंदीदा क्षेत्र से गायब होना केवल एक बाघिन की कहानी नहीं, बल्कि जंगलों के बदलते हालात की एक गंभीर चेतावनी भी है। यदि समय रहते जंगलों और वन्यजीवों के संरक्षण पर प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में ऐसी कई कहानियां केवल यादों तक सिमटकर रह जाएंगी। पर्यावरण विद् एवं वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जंगलों में आग की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण, मानवीय हस्तक्षेप में कमी और प्राकृतिक आवास का बेहतर संरक्षण सुनिश्चित किया जाए, तो बाघों का सुरक्षित रहवास बना रह सकता है। संजय टाइगर रिजर्व के टी-29 की ये कहानी इस बात का संकेत है कि जंगल का संतुलन बिगड़ने की सबसे बड़ी कीमत अंतत: वन्यजीवों को ही चुकानी पड़ती है।
रिपोर्ट: आर.बी.सिंह 'राज'


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में प्रदेश के सर्वांगीण विकास और जन-कल्याण से जुड़े कई ऐतिहासिक प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई। कैबिनेट ने प्रदेश की तीन प्रमुख महिला एवं बाल कल्याण योजनाओं को अगले पांच वर्षों तक निरंतर जारी रखने और उनके सुचारू संचालन के लिए 1,32,828 करोड़ का बजट स्वीकृत किया है।
मध्यप्रदेश में चंबल अंचल के भिंड जिले में नेशनल हाईवे-719 पर बीती देर रात एक भीषण सड़क हादसा हो गया। गोहद के छीमका गांव के पास तेज रफ्तार पिकअप सामने से आ रहे डंपर से टकरा गई। पिकअप में ग्वालियर क्षेत्र से धान की रोपाई का काम पूरा कर उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी लौट रहे मजदूर सवार थे।
ग्वालियर के एडीजे कोर्ट में सिंधिया राजपरिवार की अरबों की संपत्ति के बंटवारे को लेकर सुनवाई हुई। त्रिपुरा राजघराने की प्रतिमा देवी की आपत्ति पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, वसुंधरा राजे और यशोधरा राजे ने जवाब दाखिल किया है। जानिए इस बहुचर्चित संपत्ति विवाद की पूरी अपडेट।
भोपाल के समरधा जंगल में मिले एक साल के बाघ के शावक के शव का सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद दाह संस्कार कर दिया गया। शुरुआती जांच में बड़े बाघ के साथ टेरिटोरियल फाइट (क्षेत्रीय वर्चस्व) को मौत की वजह माना जा रहा है।
भोपाल टैक्सी चालक संघ और संयुक्त मोर्चा ने एग्रीगेटर कंपनियों की मनमानी के खिलाफ 18 अगस्त से शहर में टैक्सी संचालन पूरी तरह बंद रखने का ऐलान किया है। 19 अगस्त को बोर्ड ऑफिस चौराहे पर धरना प्रदर्शन होगा। जानिए यात्रियों के लिए क्या हैं वैकल्पिक इंतजाम और मुख्य मांगें।
भोपाल मेट्रो ने सोमवार से अपना नया परिचालन समय लागू कर दिया है। अब यात्रियों को सप्ताह के सभी दिनों में हर 15 मिनट के अंतराल पर मेट्रो सेवा मिलेगी। जानिए सुभाषनगर और एम्स के बीच चलने वाली मेट्रो का नया शेड्यूल और फेरों का विवरण।
रीवा में 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास और राष्ट्रभक्ति के साथ मनाया गया। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने ध्वजारोहण किया। परेड, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और सम्मान समारोह के बीच केंद्रीय जेल से 15 बंदियों को रिहाई मिली।
मैहर जिले में उफनते बरसाती नाले का रपटा पार करने की कोशिश में बाइक समेत युवक और उसके दो भांजे बह गए। करीब 20 घंटे चले रेस्क्यू के बाद तीनों के शव बरामद हुए।
विंध्य चेंबर के शपथ ग्रहण समारोह में डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने सतना को व्यापारिक हब बताते हुए इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार पर जोर दिया। व्यापार मेले की जमीन संबंधी तकनीकी अड़चन जल्द दूर करने का भरोसा दिया।
सतना जिला अस्पताल में ऑनलाइन ओपीडी और दवा वितरण व्यवस्था का पायलट प्रोजेक्ट शुरू हुआ। सीएमएचओ और सिविल सर्जन ने खुद प्रक्रिया परखी। पांच संस्थानों में मरीजों का रिकॉर्ड ऑनलाइन होगा, लेकिन पैथोलॉजी जांच सिस्टम अटक रहा है।