सतना में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी तेज है, लेकिन परिवहन सुस्त पड़ने पर नागरिक आपूर्ति निगम ने ठेकेदार पर 32.88 लाख रुपये की पेनल्टी लगाई।

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
जिला में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन की प्रक्रिया अब समापन की ओर है। खरीदी बंद होने में मात्र दो सप्ताह का वक्त बचा है, लेकिन परिवहन की सुस्त चाल ने प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। हालात यह हैं कि धान खरीदी का लक्ष्य तेजी से पूरा हो रहा है, लेकिन गोदामों तक फसल पहुंचाने की गति अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पाई। इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए मध्यप्रदेश नागरिक आपूर्ति निगम ने परिवहन ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। निगम ने पूर्व में जारी नोटिस का जवाब नहीं मिलने के बाद विशाल रोड कैरियर फर्म पर 32 लाख 88 हजार 650 रुपये का जुर्माना लगाया है। निगम से मिले आंकड़ों के अनुसार, जिले के 109 उपार्जन केंद्रों में 55,599 पंजीकृत किसानों से कुल 4,08,889 मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है। इसके सापेक्ष अब तक केवल 2,78,306 मीट्रिक टन धान का ही परिवहन हो सका है, जबकि 1,33,331 मीट्रिक टन धान अभी भी खरीदी केंद्रों पर रखा हुआ है। इस आधार पर जिले में परिवहन का औसत लगभग 71 प्रतिशत ही दर्ज किया गया है, जो निर्धारित मानकों से कम है। निगम की समीक्षा में यह भी सामने आया है कि जिले के 35 उपार्जन केंद्र ऐसे हैं, जहां परिवहन का औसत 60 प्रतिशत से भी कम है। इन केंद्रों पर खरीदी के बाद धान लंबे समय से खुले या अस्थायी भंडारण में रखा हुआ है, जिससे खराब मौसम, नमी, और सुरक्षा संबंधी जोखिम बढ़ने की आशंका बनी हुई है। हालांकि, कुछ केंद्रों पर परिवहन का कार्य पूरी तरह संपन्न भी कर लिया गया है, जो राहत देने वाली बात है। इन केंद्रों ने समय रहते खरीदा गया पूरा धान सुरक्षित भंडारण स्थलों तक पहुंचा दिया है।
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केंद्रों पर परिवहन की असमान स्थिति
जिला के कई खरीदी केंद्रों पर परिवहन की स्थिति बेहद कमजोर है। सेवा सहकारी समिति सितपुरा के अंतर्गत आने वाले वसुधा उपार्जन केंद्र का प्रदर्शन सबसे अधिक चिंताजनक पाया गया है। यहां 142 किसानों से कुल 15,733 क्विंटल धान खरीदा गया, लेकिन अब तक मात्र 1,100 क्विंटल धान ही गोदाम भेजा जा सका है, जो कुल खरीदी का केवल 8 प्रतिशत है। वहीं, सेवा सहकारी समिति सिजहटा में खरीदे गए धान की तुलना में परिवहन का आंकड़ा 24 प्रतिशत ही रहा, जहां अब तक 4,160 क्विंटल धान का ही परिवहन पूरा हुआ है।
जारी हुई थी कारण बताओ नोटिस
अधिकारियों का कहना है कि परिवहन की प्रतिदिन स्वीकृत सीमा तय होने के बावजूद ठेकेदार द्वारा उसे पूरा नहीं किया जा रहा था। इस संबंध में कुछ दिन पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, जिसमें परिवहन में देरी और अनुबंध शर्तों के उल्लंघन को लेकर जवाब मांगा गया था, लेकिन तय समय सीमा में फर्म ने न तो कोई स्पष्ट उत्तर दिया और न ही कार्य में सुधार के संकेत दिए। इसी के चलते निगम ने अनुबंध प्रावधानों के अनुरूप दंडात्मक कार्रवाई करते हुए 32.88 लाख रुपये की आर्थिक पेनल्टी अधिरोपित की है। निगम ने चेतावनी भी जारी की है कि यदि परिवहन व्यवस्था में तत्काल सुधार नहीं हुआ तो प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना और बढ़ाया जाएगा।
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अधिकारी बोले- अनुबंध शर्तों का पालन अनिवार्य
जुर्माना परिवहन कार्य में लापरवाही के कारण लगाया गया है, जो प्रारंभिक रूप से दो दिन की अवधि के आधार पर तय किया गया है। यदि फर्म ने काम में सुधार नहीं किया तो प्रतिदिन की देरी के हिसाब से दंड की राशि और बढ़ाई जाएगी। समय- सीमा के भीतर जवाब प्रस्तुत न करना और परिवहन मानकों को पूरा न करना, दोनों ही अनुबंध का स्पष्ट उल्लंघन हैं, जिन्हें किसी भी हाल में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
पंकज बोरसे, जिला प्रबंधक, नान

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