सतना के निजी अस्पताल में एंडोस्कोपी के दौरान 74 वर्षीय बुजुर्ग की मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। पुलिस ने समझाइश देकर शव का पोस्टमार्टम कराने की सहमति दिलाई।
By: Yogesh Patel
Mar 08, 20263:58 PM
हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
शहर के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान 74 वर्षीय बुजुर्ग की मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। मामला सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। मिली जानकारी के अनुसार धवारी गली नंबर-2 निवासी विश्वनाथ सिंह (74 वर्ष) पिता सूर्यवली सिंह की तबीयत बिगड़ने पर दो दिन पहले परिजनों ने उन्हें शहर के दीवित हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। परिजनों का आरोप है कि शनिवार की शाम करीब 4 बजे डॉ. ललन सिंह मरीज को एंडोस्कोपी कराने के लिए ले गए। आरोप है कि प्रक्रिया के दौरान मरीज के दाहिने हाथ की नस कट गई, जिससे लगातार खून बहने लगा।
इस दौरान डॉक्टरों ने परिजनों को बताया कि मरीज का शुगर लेवल अधिक होने के कारण खून बंद नहीं हो पा रहा है। परिजनों का कहना है कि इसी दौरान हालत बिगड़ती चली गई और कुछ देर बाद बुजुर्ग ने दम तोड़ दिया। मौत की खबर मिलते ही परिजन आक्रोशित हो उठे और अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया।
सूचना मिलने पर डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची और परिजनों को शांत कराने का प्रयास किया। परिजन डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग करते रहे। कुछ देर बाद थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाइश देते हुए बताया कि यदि डॉक्टरों की लापरवाही का आरोप है तो सच्चाई सामने लाने के लिए शव का पोस्टमार्टम कराना आवश्यक होगा। इसके बाद परिजन पोस्टमार्टम के लिए सहमत हो गए। अब पूरे मामले की सच्चाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आ सकेगी। वहीं इस घटना ने एक बार फिर निजी अस्पतालों में इलाज की पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।