सतना रेलवे स्टेशन का कोच रेस्टोरेंट बिजली बिल विवाद में फंसकर बंद पड़ा है, सालभर में हालत खराब होकर कबाड़ जैसा हो गया, नए ठेकेदार को संचालन से पहले बकाया भुगतान का इंतजार है।
By: Yogesh Patel
Mar 29, 20262:20 PM
हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
बिजली बिल बकाया होने के चक्कर में रेल कोच रेस्त्रां का संचालन उलझा हुआ। वहीं साल भर से संचालन बंद होने से आकर्षक कोच एक बार फिर कबाड़ जैसा हो गया। सबसे बड़ी हैरानी की बात यह है कि रेलवे परिसर में ही कोच रेस्टोरेंट की सुरक्षा तय नहीं हो सकी। कोच के शीशों को असामाजिक तत्वों ने तोड़ दिया है। वहीं कोच के अंदर की कुर्सी-टेबिल व बाहर लगी रेलिंग गायब कर दीं। बताया जाता है मार्च 2025 में रेल कोच रेस्टोरेंट को रेलवे प्रशासन ने बंद करवा दिया था। ठेका फर्म द्वारा समय पर लाइसेंस फीस नहीं जमा की । लेट फीस लाइसेंस के चलते रेलवे ने ठेका टर्मिनेट करते हुए सुरक्षा राशि जप्त करने की कार्रवाई की थी। इसके बाद दिसम्बर-जनवरी माह में रेलवे कोच रेस्टोरेंट के दोबारा संचालन शुरू करवाने के लिए टेंडर किए। फरवरी माह से कोच रेस्त्रां का संचालन शुरू होना था लेकिन पिछले ठेकेदार द्वारा बिजली बिल बकाया होने की वजह से संचालन उलझा हुआ है। रेलवे का बिजली विभाग इस बात पर अड़ा है कि पहले बिल भुगतान हो। मंडल अधिकारियों के अनुसार पुराने ठेकेदार की जप्त सुरक्षा राशि से बिजली बिल का भुगतान किया जाएगा। इस मामले में कार्रवाई लगभग फाइनल हो गई है।
कटनी की फर्म संभालेगी जिम्मा
कोच रेस्टोरेंट को संचालित करने का टेंडर पदमा ट्रांसपोर्ट कटनी की फर्म को मिला है। अनुबंध 5 सालों के लिए प्रति वर्ष लगभग 24 लाख में दिया गया है, जबकि पिछला ठेका 20 लाख वार्षिक शुल्क पर था। उल्लेखनीय है कि रेलवे प्रशासन ने अगस्त 2021 में कबाड़ कोच को रंग-रोगन कर के आकर्षक बनाया कर रेल कोच रेस्टोरेंट खोला था। इसके पीछे रेलवे का उद्देश्य अपनी आय बढ़ाने के अलावा यात्री व शहरवासियों को 24 घंटे हफ्ते के सातों दिन स्वादिस्ट व लजीज व्यंजन उपलब्ध करवाना था।
डिवीजन के पांच स्टेशनों में खोले गए थे रेस्टोरेंट
पश्चिम मध्य रेलवे जोन के जबलपुर मंडल के पांच स्टेशनों में कोच रेस्टोरेंट खोले गए थे जिसमें जबलपुर, मदन महल, कटनी मुड़वारा, सतना एवं रीवा स्टेशन चयनित था। सबसे ज्यादा रेलवे को आय कटनी मुड़वारा के बाद सतना से हो रही थी क्योंकि यहां सबसे महंगा कोच रेस्टोरेंट का ठेका था, वहीं इसके तीसरे नम्बर पर जबलपुर स्टेशन था।
1200 वर्गफिट की जमीन में ग्रीन पार्क व स्टॉल
रेलवे ने ठेका फर्म को एक कोच के साथ जमीन भी किराए पर दी थी। ठेका फर्म द्वारा कोच के सामने ग्रीन एरिया पार्क व फूड स्टॉल आदि की सुविधाएं डेवलप किया गया था जो अब उजड़ गया है। रेलवे ने 1200 वर्गफिट का क्षेत्र कोच रेस्टोरेंट के लिए दिया था।