सतना से अन्य जिलों को भेजे गए खराब चावल पर सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिला प्रबंधक को नोटिस जारी कर गुणवत्ता और परिवहन खर्च की जिम्मेदारी पर जवाब मांगा गया है।
By: Yogesh Patel
Mar 23, 20264:26 PM
हाइलाइट्स
सतना, स्टार समाचार वेब
प्रदेश में किरकिरी कराने वाले सतना के चावल को लेकर कॉर्पोरेशन की सिस्टम में गर्मी आई है। इस लिहाज से लोकल जिम्मेदार से सवाल पूछे गए हैं। सवाल सरकारी कागज में किए गए हैं। सवाल यह कि खराब चावल क्यों भेजा। सवाल यह भी कि खराब चावल को वापस करने में भी परिवहन खर्च आएगा यह कौन वहन करेगा?
जानकारी के मुताबिक मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन मुख्यालय ने सतना के जिला प्रबंधक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। आरोप है कि मुख्यालय के आदेश के बावजूद शिवपुरी जिले के लिए भेजे गए चावल की गुणवत्ता अमानक पाई गई। इतना ही नहीं, गुना के लिए भेजे गए तीन ट्रक चावल भी खराब गुणवत्ता के कारण वापस लौटा दिए गए, जिससे निगम को अतिरिक्त परिवहन खर्च उठाना पड़ा। मामले का खुलासा तब हुआ जब खराब चावल की आपूर्ति को लेकर स्टार समाचार ने अपने 3 और 15 मार्च के अंक में प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद मुख्यालय ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच की और सीधे जिम्मेदारी तय करते हुए नोटिस जारी कर दिया।
क्षेत्रीय स्तर पर भी सवाल
कॉर्पोरेशन ने रीवा क्षेत्रीय प्रबंधक की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। कहा गया है कि पर्यवेक्षण स्तर पर भी जिम्मेदारी का निर्वहन समय पर नहीं किया गया। कुल मिलाकर, इस पूरे मामले ने निगम की आपूर्ति प्रणाली और गुणवत्ता नियंत्रण पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
नियमों की अनदेखी भारी
कॉर्पोरेशन मुख्यालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि अंतर-जिला परिवहन से पहले स्टॉक का गुणवत्ता परीक्षण अनिवार्य है और केवल एफएक्यू स्तर का चावल ही भेजा जाना चाहिए। बावजूद इसके नियमों की अनदेखी कर खराब चावल भेजा गया, जो सीधे तौर पर लापरवाही और अनुशासनहीनता माना गया है।
अनुशासनात्मक कार्रवाई के संकेत
नोटिस में कहा गया है कि यह कृत्य मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 का उल्लंघन है और सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत दंडनीय है। जिला प्रबंधक से एक सप्ताह के भीतर जवाब मांगा गया है, अन्यथा एकपक्षीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
सतना से कहां कितना भेजा
जिला क्षमता (क्विंटल में)
इंदौर - 1600
धार - 1000
खंडवा - 1600
खरगौन - 500
बुरहानपुर - 500
शिवपुरी - 2000
श्योपुर - 600
राजगढ़ - 2600
मंदसौर - 1000
दमोह - 1000
दतिया - 1000