भारतीय शेयर बाजार में आज गुरुवार को तेजी देखी गई। सेंसेक्स और निफ्टी हरे निशान पर खुले। ग्लोबल मार्केट, FII-DII डेटा और बॉन्ड मार्केट से जुड़ी पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें।

भारतीय शेयर बाजार में आज गुरुवार को कारोबार की शुरुआत मजबूती के साथ हुई। शुरुआती घंटों में बाजार के दोनों प्रमुख सूचकांक—सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी (Nifty)—हरे निशान पर कारोबार करते नजर आए। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 207.31 अंक यानी 0.27 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76,777.66 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 54 अंक या 0.23 प्रतिशत की तेजी के साथ 23,968.45 के स्तर पर खुला। बाजार में आई इस शुरुआती तेजी से निवेशकों के चेहरे पर कुछ राहत जरूर दिखी है, क्योंकि पिछले सत्र में बाजार में गिरावट दर्ज की गई थी।
सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों के शेयरों के शुरुआती रुझान मिले-जुले रहे।
मुनाफे में रहने वाले शेयर: टाटा स्टील, अडानी पोर्ट्स, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI), एचडीएफसी बैंक, पावर ग्रिड, लार्सन एंड टुब्रो (L&T), भारती एयरटेल और अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयरों में अच्छी लिवाली देखी गई और ये सबसे ज्यादा मुनाफे में रहे।
गिरावट दर्ज करने वाले शेयर: दूसरी ओर, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, इन्फोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), बजाज फाइनेंस, टाइटन, इंडिगो, सन फार्मास्युटिकल्स और आईटीसी के शेयरों में बिकवाली दबाव दिखा और ये लाल निशान पर कारोबार करते नजर आए।
घरेलू बाजार के अलावा एशियाई बाजारों से भी मिले-जुله संकेत मिले। दक्षिण कोरिया का कॉस्पी (Kospi), चीन का एसएसई कम्पोजिट (SSE Composite) और जापान का निक्की 225 (Nikkei 225) बढ़त के साथ हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। हालांकि, हांगकांग का हैंगसेंग (Hang Seng) इस दौरान गिरावट के दायरे में था। अमेरिकी बाजार इसके पिछले सत्र में बुधवार को मजबूती के साथ बंद हुए थे।
कमोडिटी मार्केट की बात करें तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में नरमी देखने को मिली। ब्रेंट क्रूड 0.17 प्रतिशत की गिरावट के साथ 95.47 डॉलर प्रति बैरल के आसपास ट्रेड कर रहा था, जबकि शुरुआती कारोबार में यह 95.30 डॉलर प्रति बैरल पर था। वहीं, अमेरिकी क्रूड ऑयल भी 0.21 प्रतिशत की गिरावट के साथ 90.82 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
शेयर बाजार के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारतीय बाजारों में बड़ा दांव खेलते हुए बुधवार को शुद्ध रूप से 6,688.37 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। इसके साथ ही, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी बाजार में भरोसा जताते हुए 2,812.98 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
गौरतलब है कि इससे पिछले सत्र (बुधवार) में भारतीय शेयर बाजार पर दबाव देखा गया था, जहां बीएसई सेंसेक्स 373.93 अंक और एनएसई निफ्टी 141.35 अंक की बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ था।
अमेरिकी वित्तीय बाजारों से मिल रहे संकेतों का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर साफ दिख रहा है। अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड बुधवार को मुद्रास्फीति (Inflation) और बढ़ते सरकारी कर्ज की चिंताओं के बीच बढ़कर 4.818% के नए बहुवर्षीय उच्च स्तर पर पहुंच गई। यह नवंबर 2023 के बाद का सबसे उच्चतम स्तर है। हालांकि, बाद में इसमें हल्की नरमी आई और यह घटकर 4.78% पर आ गई। बॉन्ड यील्ड में इस उछाल को वैश्विक बाजारों के लिए एक अहम संकेतक माना जा रहा है।
आम तौर पर लोगों की यह धारणा होती है कि किसी भी कंपनी को नया प्लांट लगाने, अपने बिजनेस का विस्तार करने या बड़ी परियोजनाओं के लिए पैसों की जरूरत पड़ने पर वह केवल बैंकों से ही लोन लेती है। लेकिन वास्तविकता इससे थोड़ी अलग है। कई बड़ी और स्थापित कंपनियां बैंक से भारी-भरकम कर्ज लेने के झंझट में पड़ने के बजाय बॉन्ड मार्केट (Bond Market) का रुख करती हैं और बॉन्ड जारी करके सीधे आम निवेशकों या संस्थागत निवेशकों से फंड जुटाती हैं।
सस्ता कर्ज: कई बार बैंकों की ब्याज दरों की तुलना में बॉन्ड के जरिए कम ब्याज दर पर पूंजी जुटाना कंपनियों के लिए अधिक किफायती होता है।
लंबी अवधि के लिए फंड: बॉन्ड के जरिए कंपनियां लंबे समय के लिए एकमुश्त बड़ी रकम आसानी से प्राप्त कर सकती हैं।
वित्तीय स्वतंत्रता: बॉन्ड जारी करने से कंपनियों को अपनी ओनरशिप (शेयर) नहीं बेचनी पड़ती, जिससे प्रमोटर्स की हिस्सेदारी सुरक्षित रहती है और वित्तीय नियंत्रण उनके पास ही रहता है।

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सर्राफा बाजार में आज सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी। सोना 1,51,050 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 2,24,340 रुपये प्रति किलो पर पहुंची। जानें तेजी के कारण और पूरी डिटेल।
अमेरिकी प्रशासन द्वारा टीसीएस, इंफोसिस, विप्रो और एचसीएल को PERM ग्रीन कार्ड प्रोग्राम से सस्पेंड किए जाने के बावजूद भारतीय आईटी शेयरों में जबरदस्त तेजी देखी गई।
57वीं GST काउंसिल बैठक 2026 के बड़े फैसले: अब 5 करोड़ तक के टर्नओवर पर राहत, रिन्यूएबल EPC कॉन्ट्रैक्ट पर 5% GST, और गिरफ्तारी के नियमों में बदलाव। जानिए सभी मुख्य अपडेट।
शेयर बाजार में 8 अक्टूबर को भारी गिरावट जारी है। सेंसेक्स 1,100 अंक गिरकर 71,450 पर और निफ्टी 22,200 पर आया। FIIs की बिकवाली, क्रूड ऑयल में तेजी और आरबीआई के रुख से बाजार धड़ाम।
सतना जिले के छह स्वास्थ्य संस्थानों में नेत्र जांच शिविर लगाए गए। 434 लोगों की जांच में 272 को चश्मे की जरूरत मिली, जबकि 42 मरीजों में मोतियाबिंद की शिकायत सामने आई।
भारतीय शेयर बाजार में आज दो दिन की राहत रैली के बाद फिर से गिरावट शुरू हो गई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 453.35 अंक गिरकर 72,614.46 पर आ गया। निफ्टी भी 164.90 अंक की गिरावट के साथ 22,611.20 पर पहुंच गया।
भारतीय रिजर्व बैंक की तीन दिवसीय मौद्रिक नीति समिति की बैठक के नतीजों का ऐलान हो गया है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने फैसले की जानकारी देते हुए आम जनता और लोन लेने वाले ग्राहकों को बड़ा झटका दिया है।
सुस्त शुरुआत की आशंका के बीच भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार को मजबूती के साथ कारोबार शुरू किया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 100 अंक से ज्यादा चढ़कर 72,563 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 22,550 के ऊपर बना रहा। बैंकिंग और कुछ चुनिंदा शेयरों में खरीदारी ने बाजार की शुरुआती चाल को सहारा दिया।
भारतीय शेयर बाजार में आज लंबे समय के बाद अच्छी तेजी देखने को मिली। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 355.14 अंक बढ़कर 72,264.84 के स्तर पर पहुंच गया। इसमें 0.49 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 101.00 अंक बढ़ा।
जीएसटी काउंसिल सात अक्टूबर को होने वाली अपनी बैठक में देश के इनडायरेक्ट टैक्स सिस्टम में बड़े सुधारों को मंजूरी दे सकती है। सितंबर 2025 में हुए रेट रेशनलाइजेशन (जीएसटी दरों में बदलाव) के बाद सरकार अब नेक्स्ट-जनरेशन जीएसटी के तहत टैक्स प्रशासन को आसान बनाने और कारोबारियों को राहत देने पर काम कर रही है।