सिंगरौली के परसौना में कोल वाहन की चपेट में आकर दूध बेचने जा रहे 52 वर्षीय अधेड़ की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने शव सड़क पर रखकर 6 घंटे तक रजमिलान मार्ग को जाम किया। विधायक रामनिवास शाह और महापौर रानी अग्रवाल मौके पर पहुंचे। परिजनों ने प्रशासन पर लापरवाही और दबाव बनाने का आरोप लगाया।

खून से लथपथ हो गई सड़क, मौके पर पहुंचे सिंगरौली विधायक और महापौर
सिंगरौली, स्टार समाचार वेब
जिला मुख्यालय से महज 8 किलोमीटर दूर स्थित परसौना में आज दिन सोमवार की सुबह तकरीबन 8.30 पर जेबीटी कंपनी के कोल वाहन ने दूध विक्रय करने जा रहे एक बाइक सवार अधेड़ को कुचलकर मौत के घाट उतार दिया। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने परसौना रजमिलान सड़क मार्ग पर मृतक का शव रखकर 6 घंटे तक मार्ग को अवरुद्ध रखा। ग्रामीणों का आक्रोश देखकर मौके पर सिंगरौली विधायक रामनिवास शाह और नगर निगम महापौर रानी अग्रवाल के अलावा एसडीएम सृजन वर्मा, तहसीलदार जानवी शुक्ला, सीएसपी पुन्नू सिंह परस्ते सहित कई पुलिस अधिकारी पहुंचकर मृतक के परिजनों को ढाÞढस बधाते हुए कंपनी से सहायता राशि दिलाने की पहल की गई। लेकिन सवाल यह है कि जिला मुख्यालय से चंद कदम दूर पर 6 घंटे तक सड़क मार्ग को अवरुद्ध रखना कहीं ना कहीं पुलिसिया कार्य प्रणाली पर सवाल खड़ा कर रहा है। जानकारी के अनुसार चाचर निवासी अन्ने लाल पाल पिता सिद्धनाथ पाल उम्र 52 वर्ष अपनी मोटरसाइकिल से सुबह दूध लेकर बैढ़न विक्रय करने आ रहा था। जैसे ही परसौना चौराहा के पास पहुंचने वाला ही था कि पीछे से काल बनकर आ रहा जेबीटी ट्रांसपोर्ट का कोल वाहन कुचल दिया। जिससे घटनास्थल पर अन्ने लाल पाल की दर्दनाक मौत हो गई। बताया जाता है की घटना होने के तकरीबन एक से डेढ़ घंटे तक पुलिस नहीं पहुंची थी। ऐसा परिजनों ने मीडिया के सामने आरोप लगाया है। बताया जाता है कि कोल वाहन से आए दिन सड़के लाल हो रही हैं,इसके बावजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी कोई भी ठोस निर्णय नहीं ले पा रहे हैं। अधिकारियों की कार्य प्रणाली से क्षुब्ध होकर परिजनों और ग्रामीणों ने मृतक के शव को परसौना रजमिलान सड़क मार्ग पर रखकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। बताया जाता है कि तकरीबन 6 घंटे तक चक्का जाम चला। इस चक्का जाम के चलते आवा गमन पूरी तरीके से प्रतिबंध रहा और लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
मौके पर पहुंचे विधायक परिजनों को दिया सांत्वना
घटना की जानकारी मिलने के बाद सिंगरौली विधायक रामनिवास शाह मौके पर पहुंचे और मृतक के परिजनों को सांत्वना देते हुए ढांढस बंधाया और इस दुख में साथ देने की बात कही। विधायक ने प्रशासनिक अधिकारियों को तत्काल आदेशित किया कि मृतक के परिजनों को सहायता राशि तत्काल उपलब्ध कराई जाए। विधायक के प्रयास से जेबीटी ट्रांसपोर्टर के द्वारा तत्काल 50 हजार रुपए अंत्येष्टि के लिए दिया गया और डेढ़ लाख रुपए और देने की बात कही। इसके अलावा कंपनी भी 4 लाख रुपए देने का आश्वासन दिया है। तब कहीं जाकर मुख्य मार्ग से मृतक के शव को हटाया गया और परसौना रजमिलान सड़क मार्ग को जाम से मुक्त कराया गया।
लोगों ने लगाया जाम
चांचर गांव निवासी मृतक अन्नेलाल पाल सुबह अपने घर से दुध बेचने के लिए निकला था। जहां परसौना पहुंचने वाला ही था कि पीछे से काल बनकर आ रहे टेÑलर ने रौंद दिया। जहां मृतक की घटना स्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई। जब घटना की जानकारी मृतक के परिजनों को लगी तो घर में कोहराम मच गया। रोते-बिलखते परिजन घटना स्थल पर पहुंचे। जहां प्रशासन व जनप्रतिनिधियों को कोसते हुए मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। शहर में कानून व्यवस्था पूरी तरीके से लड़खड़ा गई है। पुलिस के प्रशासनिक अधिकारी व्यवस्था सुधारने में नाकाम साबित हो रहे हैं कुछ इस तरह के आरोप आज सोमवार को परसौना में कोल वाहन से हुई मौत के बाद उठ रहे थे। सवाल उठना भी लाजमी है क्योंकि आए दिन सड़क खून से लाल हो रही है और जिम्मेदार अधिकारी सिर्फ कोरम पूर्ति करते हुए अपनी पीठ थपथपा रहे है। जिला मुख्यालय से महज 8 किलोमीटर दूर स्थित व्यस्ततम सड़क मार्ग परसौना-रजमिलान 6 घंटे अवरुद्ध रहना सीएसपी और टीआई के कार्य प्रणाली पर सवाल खड़ा कर रहा है। परसौना में कोल वाहन से हुई दर्दनाक मौत के मंजर को जिसने भी देखा रोष व्यक्त किया। शरीर से सिर इस तरह कुचला गया था,जैसे कोई काट दिया हो। इस विभत्स घटना से हर कोई पुलिस को कोसता नजर आ रहा था। हजारों की तादात में सड़क पर ऊतरे ग्रामीणों ने पुलिस के लचर कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहे थे। आरोप लगाये जा रहे थे कि कोल वाहनों से बैढ़न से लेकर माडा तक पुलिस इन्ट्री वसूली करती है। जिसके चलते कोल वाहन बेलगाम होकर सडक पर चलते हैं। हालात तब बेकाबू हो जाते हैं। जब रात 9 बजते हैं। यह कोल वाहन के चालक नशे में चूर होकर बेखौफ सड़क पर दौड़ लगाते हैं।
प्रशासन की मॉनिटरिंग हवाहवाई
कोल परिवहन में लगे वाहनों के लिए रफ्तार पर लगाम कसने के लिए मॉनिटरिंग टीम बनाई गई है। डगा से जब कोल वाहन कंपनी के लिए निकलते हैं तो 10 कोल वाहनों के आगे 1 बोलेरो वाहन चलती हैए उसकी स्पीड निश्चित तय की गई है ताकि कोल वाहन तेज स्पीड में न चले और दुर्घटना पर लगाम कसा जा सके। लेकिन यह भी मॉनिटरिंग सिर्फ हवा हवाई साबित हो रही है और कोल वाहन बेधड़क रफ्तार से चल रहे हैं।
पार्षद ने मृतक के परिजनों पर दबाव बनाने का लगाया आरोप
लोगों का आरोप है कि परसौना सड़क हादसे में मृतक के परिजनों को बंद कमरे में एसडीएम सृजन वर्मा दबाव बनाने का प्रयास किया तो पार्षद रामगोपाल पाल ने एसडीएम को जमकर फटकारा और कहा कि आप पीड़ित पक्ष पर समझौता कराने के लिए जबरन दबाव बना रहे हैं। आमजनों के कड़े तेवर को देख प्रशासनिक अमला सख्ते में आ गया और उन्हें डर सताने लगा कि अमिलिया-गडाखाड़ घटना की यहां भी पुनरावृत्ति न हो जाये। वही आरोप है कि चक्का जाम के करीब दो घंटे बाद एसडीएम व सीएसपी घटना स्थल पर पहुंचे। देरी से पहुंचने के कारण, कारणों का पता नही चल पाया।


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