1947 में 34 करोड़ से बढ़कर 2026 में 147 करोड़ पहुंची भारत की आबादी।
भारत में कुल प्रजनन दर (टीएफआर) में गिरावट के कारण वर्ष 2080 तक देश की आबादी 1.8 या 1.9 अरब पर स्थिर होने की उम्मीद है। वर्तमान में टीएफआर 1.9 है, जो प्रतिस्थापन स्तर से कम है। भारत तेजी से जनसांख्यिकीय परिवर्तन से गुजर रहा है, जहां पिछले दो दशकों में जन्म दर में तीव्र गिरावट आई है।
11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जाता है। जानें इस दिन का इतिहास, महत्व और क्यों बढ़ती वैश्विक आबादी हमारे संसाधनों, पर्यावरण और भविष्य के लिए एक चुनौती है। भारत पर इसके प्रभावों को भी समझें।















