1947 में 34 करोड़ से बढ़कर 2026 में 147 करोड़ पहुंची भारत की आबादी।

जनसंख्या वृद्धि की रफ्तार भारत की बढ़ी चिंता रही। आजादी के 79 वर्ष बाद जनसंख्या का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। 1947 में जब देश को अंग्रेजों से आजादी मिली थी, उस समय भारत की आबादी करीब 34 करोड़ (340 मिलियन) थी। इसके बाद देश में जनसंख्या बढ़ने की रफ्तार काफी तेज हो गई। साल 1951 की पहली जनगणना में भारत की आबादी लगभग 36.1 करोड़ दर्ज की गई थी। इसके बाद के तीन दशकों में आबादी में भारी उछाल आया और 1981 तक यह आंकड़ा बढ़कर लगभग 68.3 करोड़ तक पहुंच गया।
वर्ष 1951 से 1981 के बीच के तीन दशकों में भारत की आबादी लगभग दोगुनी हो गई। इस दौरान जन्मदर काफी अधिक थी, जबकि स्वास्थ्य सुविधाओं, स्वच्छता और चिकित्सा व्यवस्थाओं में सुधार होने के कारण मृत्यु दर में तेजी से कमी आई। नतीजतन, जनसंख्या वृद्धि की गति तीव्र बनी रही। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 1961 से 1971 के दशक में भारत की दशकीय जनसंख्या वृद्धि दर करीब 24.8 प्रतिशत दर्ज की गई, जो देश के इतिहास में सबसे ज्यादा थी।
सन् 1981 के बाद जनसंख्या वृद्धि की वार्षिक दर में धीरे-धीरे गिरावट आनी शुरू हुई, लेकिन कुल आबादी का आधार इतना बड़ा हो चुका था कि संख्या लगातार बढ़ती चली गई। वर्ष 2001 में भारत की आबादी 100 करोड़ यानी 1 अरब के आंकड़े को पार कर गई। इसके बाद 2011 की जनगणना में देश की कुल आबादी करीब 121 करोड़ दर्ज की गई, और इस दौरान दशकीय वृद्धि दर घटकर 17.7 प्रतिशत पर आ गई।
वर्ष 2026 तक पहुंचते-पहुंचते भारत की कुल आबादी लगभग 147.66 करोड़ हो चुकी है। यदि इसकी तुलना 1947 के करीब 34 करोड़ से की जाए, तो देश की आबादी चार गुने से भी अधिक हो गई है। वर्तमान में भारत दुनिया के सर्वाधिक आबादी वाले देशों में शामिल है और यहां की आबादी पूरी दुनिया की कुल आबादी का लगभग 17.8 प्रतिशत हिस्सा है।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
1947 में 34 करोड़ से बढ़कर 2026 में 147 करोड़ पहुंची भारत की आबादी।
जानिए आजादी के बाद देश की दशा और दिशा बदलने वाले 10 सबसे बड़े कानूनी और संवैधानिक बदलावों की पूरी विस्तार से जानकारी।
राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' की 150वीं जयंती पर जानिए इसके संगीत का इतिहास। रविंद्रनाथ टैगोर से लेकर पंडित पलुस्कर और ए.आर. रहमान तक ने दी इसे धुन।
राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' की 150वीं वर्षगांठ पर पढ़ें इसकी रचना, बंकिम चंद्र चटर्जी का योगदान, स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास और इससे जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य।
Friendship Day 2026 पर पढ़िए एक विशेष आलेख। जानिए दोस्ती का महत्व, इतिहास और डिजिटल युग में सच्ची मित्रता के मायने।
तकनीक और रिश्तों के बदलते समीकरण पर कमलाकर सिंह का विशेष लेख। क्या AI साथी वास्तविक संबंधों का विकल्प बन सकते हैं? मानवीय गरिमा और भविष्य की चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा।
1 जुलाई को राष्ट्रीय डॉक्टर्स डे क्यों मनाया जाता है? डॉ. बिधान चंद्र रॉय के जीवन और डॉक्टरों के सम्मान में समर्पित इस विशेष दिन के इतिहास और महत्व को विस्तार से जानें।
धानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इसी वैश्विक और दूरदर्शी दृष्टिकोण को धरातल पर उतारते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य में जल क्रांति का सूत्रपात किया है
योग न केवल शरीर को निरोगी बनाता है, बल्कि एक जागरूक और विकसित भारत के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। योग के लाभ और महत्व को विस्तार से समझें।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून को मनाया जाता है। जानें योग का महत्व, इसके लाभ और कुछ सरल आसन (ताड़ासन, वृक्षासन, भुजंगासन, शवासन) व प्राणायाम (अनुलोम-विलोम) करने की विधि। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से योग कैसे बना वैश्विक आंदोलन।