विंध्य क्षेत्र के छह जिलों में ई-केवायसी की रफ्तार बेहद धीमी है, हजारों नए और पुराने हितग्राही अब भी वेरिफिकेशन से बाहर हैं, कई जिलों में प्रगति 2 से 3 प्रतिशत के बीच सिमटी हुई है।
बिजली विभाग ने बैंकों की तर्ज पर उपभोक्ताओं की ई-केवायसी प्रक्रिया शुरू की है। मीटर वाचकों द्वारा आधार, समग्र आईडी और बैंक अकाउंट नंबर अपडेट किए जाएंगे। ई-केवायसी पूरी होने के बाद यूनिट आधारित सब्सिडी सीधे उपभोक्ताओं के बैंक खातों में ट्रांसफर होगी। 15 सितम्बर तक 87 हजार उपभोक्ताओं की ई-केवायसी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।














