विंध्य क्षेत्र के छह जिलों में ई-केवायसी की रफ्तार बेहद धीमी है, हजारों नए और पुराने हितग्राही अब भी वेरिफिकेशन से बाहर हैं, कई जिलों में प्रगति 2 से 3 प्रतिशत के बीच सिमटी हुई है।

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
विंध्य क्षेत्र के छह जिलों सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली, मैहर और मऊगंज में ई-केवायसी की रफ्तार बेहद सुस्त बनी हुई है। ताजा आंकड़े बताते हैं कि नए और पूर्व से लाभान्वित परिवारों को मिलाकर बड़ी संख्या में सदस्य अब भी वेरिफिकेशन प्रक्रिया से बाहर हैं। कई जिलों में ई-केवायसी का प्रतिशत 2 से 3 प्रतिशत के बीच सिमटा हुआ है जो प्रशासनिक प्रयासों पर सवाल खड़े करता है।
सतना जिले में नए हितग्राहियों के 12 हजार 1 सौ 41 सदस्यों में से सिर्फ 2 सौ 29 का ई-केवायसी हो पाया है जबकि 11 हजार 912 सदस्य अब भी लंबित हैं और 2 सौ 2 मामलों में अप्रूवल अटका है।
पूर्व लाभान्वित परिवारों में 11 हजार 2 सौ 70 में से 2 सौ 24 का ई-केवायसी हुआ जबकि 11 हजार 46 बाकी हैं। रीवा में हालात और भी चिंताजनक नजर आते हैं। यहां 15 हजार 9 सौ 39 नए सदस्यों में केवल 3 सौ 47 का ई-केवायसी हुआ है जबकि 15 हजार 5 सौ 92 अब भी प्रतीक्षा में हैं। पुराने लाभान्वितों में 16 हजार 3 सौ 77 में से 4 सौ 58 का ई-केवायसी हुआ जबकि 15 हजार 9 सौ 19 सदस्य अब भी वेरिफिकेशन से बाहर हैं।
ऊर्जाधानी में भी प्रगति धीमी
सीधी जिले में 8 हजार 5 सौ 10 नए सदस्यों में से 2 सौ 18 का ई-केवायसी पूरा हुआ है, जबकि 8 हजार 2 सौ 92 बाकी हैं। वहीं पुराने मामलों में 8 हजार 9 सौ 69 में 3 सौ 82 का ई-केवायसी हुआ और 8 हजार 5 सौ 87 लंबित हैं। यहां भी प्रगति बेहद सीमित है। सिंगरौली में 5 हजार 8 सौ 49 नए हितग्राहियों में से 1 सौ 24 का ई-केवायसी हुआ है जबकि 5 हजार 7 सौ 25 बाकी हैं। पुराने लाभान्वितों में 12 हजार 5 सौ 87 में से 2 सौ 25 का ई-केवायसी हुआ है, जबकि 12 हजार 3 सौ 62 अब भी लंबित हैं।
नवगठित जिलों में स्थिति गड़बड़
मैहर जिले में 7 हजार 1 सौ 58 नए सदस्यों में केवल 95 का ई-केवायसी हुआ है और 7 हजार 63 सदस्य बाकी हैं। पूर्व लाभान्वितों में 6 हजार 4 सौ 93 में से 84 का ई-केवायसी हुआ जबकि 6 हजार 4 सौ 9 अभी बाकी हैं। मऊगंज जिले की स्थिति भी अलग नहीं है। यहां 4 हजार 6 सौ 63 नए सदस्यों में 81 का ई-केवायसी हुआ है, जबकि 4 हजार 5 सौ 82 सदस्य बाकी हैं। वहीं पुराने लाभान्वितों में 5 हजार 7 सौ 99 में से 100 का ई-केवायसी हुआ है और 5 हजार 6 सौ 99 अभी भी प्रक्रिया से बाहर हैं।
लगातार विविध माध्यमों से हितग्राहियों को ई-केवायसी कराने के लिए कहा जा रहा है। बकायदा पीओएस मशीनों के माध्यम से ई-केवायसी कराया जा रहा है। आने वाले दिनों में आपेक्षित प्रगति दिखने लगेगी।
सम्यक जैन, जिला आपूर्ति अधिकारी, सतना


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