2021 से 2025 तक जब 20% तक एथेनॉल मिलाया जा रहा था, तब कोई विरोध नहीं हुआ। अब संसद सत्र से ठीक पहले विरोध का माहौल बनाया जा रहा है, जिसके पीछे विदेशी ताकतें और ऑयल लॉबी का हाथ है।
भारतीय किसान संघ के अध्यक्ष के. साईं रेड्डी ने एथेनॉल के समर्थन में भोपाल में बड़ा बयान दिया। पेट्रोल-डीजल को GST के दायरे में लाने और किसानों की समस्याओं पर सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की।














