सतना में गंदे और बदबूदार पानी की बढ़ती शिकायतों पर महापौर ने फिल्टर प्लांट का निरीक्षण किया। संविदा एजेंसी को दो दिन का अल्टीमेटम दिया गया, अन्यथा ठेका समाप्त कर नगर निगम स्वयं व्यवस्था संभाल सकता है।
सतना शहर के कई इलाकों में इन दिनों गंदे पानी की आपूर्ति से लोग परेशान हैं। नगर निगम के अनुसार, इस समस्या की मुख्य वजह पेयजल व्यवस्था नहीं बल्कि शहर में चल रहे निर्माण और विकास कार्य हैं, जिनके चलते कई स्थानों पर पेयजल सप्लाई लाइन क्षतिग्रस्त हो गई।
देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के भागीरथपुरा में गंदे पानी से 8 लोगों की मौत ने नगर निगम के दावों की पोल खोल दी है। जानिए कैसे अफसरों की लापरवाही ने अमृत को जहर बना दिया।
कोठी नगर परिषद का हाल यह है कि गंदगी की नदियां सीधे तहसील कार्यालय तक बह रही हैं। नालियां वर्षों से साफ नहीं हुईं, सड़कें गंदे पानी में डूबी हैं और स्वच्छता अभियान सिर्फ दीवारों पर लिखे नारों तक सिमट गया है। नगर परिषद का ब्रांड एंबेसडर बनाने के बाद भी हालात जस के तस हैं। जनता में आक्रोश है और अधिकारी केवल आश्वासन दे रहे हैं।
सतना के राजेन्द्र नगर में अधूरी खुदी सड़क और बदबूदार पानी की सप्लाई से नागरिक परेशान हैं, जिम्मेदारों की चुप्पी हादसों और बीमारियों को न्योता दे रही है।

















