मध्य प्रदेश में एमबीबीएस के बाद अब आयुष इंटर्न डॉक्टरों ने स्टाइपेंड बढ़ाने को लेकर मोर्चा खोल दिया है। भोपाल कलेक्ट्रेट के बाहर 100 से अधिक इंटर्न डॉक्टरों ने प्रदर्शन कर न्यूनतम मानदेय पर नाराजगी जताई है।
रीवा के श्याम शाह मेडिकल कॉलेज में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर सभी इंटर्न डॉक्टर दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। मेडिकल टीचर एसोसिएशन ने समर्थन किया, ओपीडी सेवाएं बंद रहीं, भोपाल लाठीचार्ज का विरोध हुआ।
सरकार के साथ बनी सहमति के बाद मध्यप्रदेश में तीन दिन से चल रहा इंटर्न डॉक्टरों का धरना समाप्त हो गया है। स्टाइपेंड में 50% की बढ़ोतरी के साथ ₹21,500 प्रतिमाह करने की घोषणा की गई है। पूरी खबर यहाँ पढ़ें।
मध्य प्रदेश में स्टाइपेंड ₹14,337 से बढ़ाकर ₹30,000 करने की मांग को लेकर हमीदिया अस्पताल के इंटर्न डॉक्टरों का उग्र प्रदर्शन। मुख्यमंत्री आवास मार्च के दौरान पुलिस से झड़प और वाटर कैनन का इस्तेमाल।
सुप्रीम कोर्ट ने कल्याण के शास्त्रीनगर अस्पताल में डॉक्टरों पर हमले के मामले में शिवसेना पार्षद रमेश सुक्रिया म्हात्रे की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि अस्पतालों में मेडिकल प्रोफेशनल्स पर हमले बर्दाश्त नहीं किए जा सकते।
मध्य प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों के 3600 एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टर 14 हजार से स्टाइपेंड 30 हजार करने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। जानें क्या है पूरा मामला और स्वास्थ्य सेवाओं पर इसका असर।
लोकसभा में केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के जवाब के बाद एंटी पेपर लीक बिल संशोधनों के साथ ध्वनिमत से पारित। जानिए इस नए सख्त कानून से जुड़ी पूरी और विस्तृत जानकारी।
सतना जिला अस्पताल की जांच रिपोर्ट में विशेषज्ञ डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और संसाधनों की कमी स्वीकार की गई। 150 प्रतिशत बेड ऑक्यूपेंसी के कारण मरीज निजी अस्पतालों का रुख करने को मजबूर हो रहे हैं।
सतना जिला अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों के कई पद रिक्त हैं, जिससे 1500 दैनिक मरीजों की चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। दूसरी ओर संत मोतीराम स्वास्थ्य केंद्र नि:शुल्क उपचार देकर राहत पहुंचा रहा है।
1 जुलाई को राष्ट्रीय डॉक्टर्स डे क्यों मनाया जाता है? डॉ. बिधान चंद्र रॉय के जीवन और डॉक्टरों के सम्मान में समर्पित इस विशेष दिन के इतिहास और महत्व को विस्तार से जानें।






















