दीपावली मेले से पहले सतना-चित्रकूट मार्ग की बदहाली ने श्रद्धालुओं और ग्रामीणों की परेशानी बढ़ाई। 20.64 करोड़ के निर्माण कार्य के बावजूद गड्ढे, धूल और ओवरलोडिंग ने गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े किए।
चित्रकूट में 18 से 22 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले दीपावली मेले में 30 से 35 लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना जताई गई है। मेले को 10 जोन में बांटा गया है और 142 एकड़ भूमि पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा व सुविधा के लिए उत्तरप्रदेश और मध्यप्रदेश प्रशासन ने संयुक्त रूप से पुख्ता प्रबंध किए हैं।
चित्रकूट में संत समाज ने नगर की उपेक्षा और अधूरे विकास कार्यों पर नाराजगी जताई। बैठक में संतों ने मंदाकिनी नदी को गंदगी से बचाने के लिए सीवर योजना शीघ्र पूर्ण कराने, दीपावली से पहले सड़क और नाली निर्माण पूरा करने, मल्टीलेवल पार्किंग बनाने और धार्मिक संस्थाओं में प्रशासनिक दखल पर रोक लगाने की मांग की। सांसद गणेश सिंह और विधायक सुरेंद्र गहरवार ने संतों को आश्वासन दिया कि समस्याओं का समाधान जल्द होगा।















