रीवा के बाल सम्प्रेक्षण गृह में 17 वर्षीय किशोर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद हड़कंप मच गया। पुलिस और प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
मध्यप्रदेश की महिला एवं बाल विकास आयुक्त सूफिया फारूकी वली ने कहा कि वल्नरेबिलिटी मैपिंग बच्चों के सामने आने वाले खतरों और चुनौतियों का व्यवस्थित आकलन है, जो बाल संरक्षण योजनाओं को मजबूत बनाता है। विभागीय समन्वय को सुनिश्चित करता है।














