मध्य प्रदेश में मानसून का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव है। सीधी में लैंडस्लाइड से यूपी रूट बंद, छतरपुर में मकान गिरा और कई जिलों में भारी बारिश का रेड-ऑरेंज अलर्ट जारी। जानिए मौसम का ताजा हाल।
सीधी में लगातार बारिश से कैमूर पहाड़ पर अमिलिया-हनुमना मार्ग चार स्थानों पर क्षतिग्रस्त हुआ। सड़क धंसने से रास्ता संकरा हो गया। प्रशासन ने भारी वाहन रोके, वैकल्पिक मार्ग से यातायात डायवर्ट करने के निर्देश दिए।
नेपाल-तिब्बत बॉर्डर के पास चोचेन और पुरेपु सांगपो नदी के संगम पर बनी झील फटने से बाढ़ का खतरा मंडरा गया है। भारत समेत दोनों देशों में अब तक 552 लोगों की मौत और 1500 से अधिक लापता हैं।
नेपाल और तिब्बत में अचानक आई बाढ़ से भारी तबाही, 22 की मौत और कई भारतीय लापता। भारत सरकार ने यूपी-बिहार में हाई अलर्ट जारी किया, गंडक बैराज के सभी गेट खुले और वायुसेना राहत कार्य के लिए तैयार।
केरल के वायनाड में भारी बारिश के कारण हुए लैंडस्लाइड से 2 लोगों की मौत, कई फंसे। मलप्पुरम-वायनाड टनल प्रोजेक्ट साइट पर हुआ बड़ा हादसा। NDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी।
अरुणाचल प्रदेश के केयी पान्योर जिले में मूसलाधार बारिश के बाद आई बाढ़ और भूस्खलन से भारी तबाही। 1 की मौत, 4 लापता। वायुसेना और SDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी।
पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में तेज बारिश के बाद हुए भूस्खलन में मृतकों की संख्या 23 पहुंच गई है। इनमें 7 बच्चे हैं। कई लोग अब भी लापता हैं। कई घर मलबे में बह गए। दार्जिलिंग और सिक्किम में दो हजार से ज्यादा सैलानी फंस गए हैं। दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी, कूचबिहार, कालिम्पोंग, और अलीपुरदुआर जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है।
हिमाचल और उत्तराखंड में देर रात और तड़के आपदा काल बनकर टूट रही है। अतिवृष्टि से जानमाल को भारी नुकसान हो रहा है। रात के अंधेरे में घटना होने पर लोगों को संभलने का मौका भी नहीं मिल पाता है। हिमाचल प्रदेश के किन्नौर के थाच गांव में गुरुवार देर रात बादल फटा।
भारी बारिश और भूस्खलन के कारण 17 दिनों से बंद श्री वैष्णो देवी यात्रा 14 सितंबर से फिर शुरू होगी। जानें यात्रियों के लिए श्राइन बोर्ड द्वारा जारी नई गाइडलाइंस, RFID कार्ड की अनिवार्यता और यात्रा से जुड़ी पूरी जानकारी।
देश में बारिश का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। हर तरफ तबाही का मंजर ही नजर आ रहा है। प्रभावितों में हाहाकार मचा हुआ है। बारिश से पहाड़ी राज्यों से लेकर मैदानी इलाकों तक तबाही आ गई है। दिल्ली-एनसीआर में लगातार बारिश के कारण यमुना नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।






















