भारतीय रुपये में ऐतिहासिक गिरावट! डॉलर के मुकाबले पहली बार रुपया 95 के पार पहुँचा। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और डॉलर की मजबूती से शेयर बाजार भी टूटा। पढ़ें पूरी रिपोर्ट
पश्चिम एशिया संकट और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से भारतीय शेयर बाजार धराशायी। जानें सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट के 5 बड़े कारण और निवेशकों पर इसका असर।
भारत के विदेशी मुद्रा भंडार ने बनाया नया रिकॉर्ड! 30 जनवरी को समाप्त सप्ताह में फॉरेक्स रिजर्व $723.77 अरब के स्तर पर पहुँचा। जानें सोने के भंडार और रुपये की स्थिति।
नव वर्ष 2026 का आगाज शेयर बाजार में सकारात्मक रूख के साथ हुआ। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों हरे निशान पर खुले। हालांकि, शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपए में 11 पैसे की गिरावट भी दर्ज की गई। दरअसल, भारतीय शेयर बाजार ने आज नए साल की शुरुआत फायदे के साथ की।
सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 25 पैसे गिरकर ₹90.74 के नए सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुआ। व्यापार अनिश्चितता और FIIs की बिकवाली से रुपये पर दबाव।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की मार्च 2026 तक होने की संभावना पर भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 54 पैसे गिरकर 90.48 के सर्वकालिक निचले स्तर पर पहुंच गया। आयातकों की मजबूत मांग, मेक्सिको टैरिफ और FII बिकवाली ने रुपये पर दबाव डाला।
आज के शेयर बाजार अपडेट में सेंसेक्स और निफ्टी शुरुआती गिरावट से उबरते दिखे। दूसरी ओर, भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले नए ऑल-टाइम लो 90.41 पर पहुंच गया। जानें 10.30 बजे तक का ताज़ा मार्केट हाल।
जुलाई के आखिरी कारोबारी हफ्ते के पहले दिन भारतीय शेयर बाजार लाल निशान के साथ खुला। इसके पीछे वजह टीसीएस, इंफोसिस और एचसीएल टेक्नोलॉजीज जैसे आईटी स्टॉक्स में भारी बिकवाली रही। शुरुआती कारोबार में बीएसई और सेंसेक्स दोनों में गिरावट देखने को मिली।
हफ्ते के पहले कारोबारी दिन यानी सोमवार को शेयर बाजार में उठापटक देखने को मिली। घरेलू शेयर बाजार हरे निशान पर खुला, लेकिन थोड़ी देर बाद ही इसमें गिरावट दिखाई दी। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 148.68 अंक गिरकर 81,609.05 पर पहुंचा, जबकि निफ्टी 67.55 अंक गिरकर 24,900.85 अंक पर आ गया।





















