मध्य प्रदेश के सागर में वैलेंटाइन डे से पहले शिवसेना का कड़ा विरोध। 'जहां मिलेंगे बिट्टू-सोना, तोड़ देंगे कोना-कोना' के पोस्टर लगे और कार्यकर्ताओं ने किया लट्ठ पूजन। पुलिस अलर्ट।
महाराष्ट्र महानगरपालिका चुनाव के नतीजों में भाजपा की प्रचंड जीत। मुंबई बीएमसी में उद्धव और राज ठाकरे का गठबंधन फेल, शिंदे-भाजपा ने लहराया जीत का परचम।
भाजपा और कांग्रेस के इस अप्रत्याशित गठबंधन के पीछे एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना (शिंदे) को सत्ता से दूर रखने की मंशा को वजह बताया जा रहा है। भाजपा ने कांग्रेस के साथ हाथ मिला लिया और अब वह इस गठबंधन के दम पर अंबरनाथ नगर परिषद में स्पष्ट बहुमत की ओर बढ़ती नजर आ रही है।
महाराष्ट्र में नगरपालिका और नगर पंचायत चुनाव के बीच महायुति के दलों में तकरार बढ़ती जा रही है। हाल ही में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने कहा था कि उन्हें दो दिसंबर तक महायुती को बचाए रखना है। इससे संकेत मिलता है कि गठबंधन में सब ठीक नहीं है।
महाराष्ट्र कैबिनेट बैठक में शिवसेना (शिंदे गुट) के मंत्रियों के नदारद रहने से गठबंधन में तनाव। 'पोचिंग' के आरोपों पर फडणवीस ने दोनों दलों को दी सख्त चेतावनी। जानें क्या बोले आदित्य ठाकरे।
सीधी जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. एस.बी. खरे पर शिवसेना नेता ने कालिख पोत दी। स्वास्थ्य अव्यवस्थाओं के विरोध में किए गए इस प्रतीकात्मक प्रदर्शन के बाद नेता ने थाने में आत्मसमर्पण कर दिया।
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव में सभी राजनीतिक दलों के लिए मतदान अनिवार्य करने की कड़ी मांग की है। पार्टी ने ‘घोड़ाबाजार’ और अनुपस्थिति को रोकने के लिए मान्यता रद्द करने की चेतावनी दी है। जानें, कैसे यह मांग लोकतंत्र को मजबूत करने का प्रयास है।
बेंगलुरु के शिवाजीनगर मेट्रो स्टेशन का नाम बदलने का प्रस्ताव राजनीतिक विवाद का कारण बन गया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस कदम को छत्रपति शिवाजी महाराज का अपमान बताया है। जानें इस मुद्दे पर क्या है भाजपा और शिवसेना (उद्धव गुट) का रुख।
एमएनएस के प्रमुख राज ठाकरे ने रविवार को मातोश्री पहुंचकर अपने भाई और शिवसेना यूबीटी के चीफ उद्धव ठाकरे से मुलाकात की है। यह मुलाकात उद्धव के जन्मदिन के मौके पर की गई है, लेकिन इसके कई सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं। आखिरी बार 13 साल पहले राज ठाकरे मातोश्री गए थे।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने एक बार फिर से कहा है कि नेताओं को 75 साल की उम्र में सेवानिवृत्त हो जाना चाहिए। जब आपको कोई 75 साल का होने पर बधाई देता है, तो इसका मतलब है कि आपको रुक जाना चाहिए। भागवत ने कहा है कि 75 साल की उम्र पूरी होने के बाद लोगों को दूसरों को भी काम करने का मौका देना चाहिए।






















