सतना में डाइट प्राचार्य द्वारा कलेक्टर और सीईओ को बायपास कर प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी को भेजी गई फाइल से एक भृत्य का निलंबन हो गया। सीनियर-जूनियर पदक्रम की अनदेखी, नियमों की व्याख्या और शिक्षक निलंबन ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सतना जिले में शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति का कार्यकाल समाप्त होने के बावजूद कई वार्डन अब भी पदों पर जमे हुए हैं। राज्य शिक्षा केंद्र के निर्देशों की अनदेखी कर जिला प्रशासन नियमों को ठेंगा दिखा रहा है। जबकि मैहर में निर्देशों का पालन कर पारदर्शिता का उदाहरण प्रस्तुत किया गया है, सतना अब भी कुंभकर्णी नींद में सो रहा है।
सतना जिले के 12 निजी स्कूलों को डीईओ ने 3 दिन में जुर्माना राशि जमा करने का अंतिम अल्टीमेटम दिया है। आदेश की अवहेलना पर सीबीएसई को रिपोर्ट भेजी जाएगी।















