रीवा की डॉक्टर कॉलोनी में सरकारी बंगले और आवासों को अवैध क्लीनिक व पैथालॉजी सेंटर में बदल दिया गया है। बिना पंजीयन डॉक्टर न केवल मरीजों का इलाज कर रहे हैं बल्कि ऑपरेशन और जांच तक कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग इस पूरे मामले पर मौन है। सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा भी निजी प्रैक्टिस की जा रही है, जबकि नियमों के तहत यह प्रतिबंधित है। अगर इन अवैध क्लीनिकों से किसी मरीज की जान जाती है, तो जिम्मेदारी कौन लेगा — यह बड़ा सवाल बना हुआ है।
सीधी जिले के आदिवासी ब्लॉक कुसमी के टमसार गांव के बैगान टोला में उल्टी-दस्त (हैजा) का प्रकोप फैल गया है। बीते 3 दिनों में 22 लोग संक्रमित हुए हैं, जिनमें से 20 मरीजों का उपचार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र टमसार में और 2 गंभीर मरीजों का जिला चिकित्सालय सीधी में चल रहा है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही पर नाराजगी जताई है और कलेक्टर से तत्काल पहल की मांग की है।
सतना जिला अस्पताल में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में गड़बड़ियां सामने आईं। सीएमएचओ ने औचक निरीक्षण में पाया कि गर्भवती महिलाओं का चेकअप बिना स्त्री रोग विशेषज्ञ के हो रहा था और शासन की गाइडलाइन का पालन नहीं किया जा रहा था। सिविल सर्जन व गायनी प्रभारी से चार बिंदुओं पर जवाब मांगा गया।
















